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सांसद प्रताप चंद्र सारंगी आरएसएस की विकृत परंपरा के वाहक हैँ

संसद के शीतकालीन अधिवेशन में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान तथाकथित राहुल गांधी द्वारा दिए गए धक्के से घायल बालासोर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी का इतिहास पहले से ही धब्बेदार रहा है। वर्ष 1999 में फादर ग्राहम स्टेंस और उनके दो बच्चों को गाड़ी में जला देने का काम इनके विहिप के प्रदेश अध्यक्ष रहने के समय हुई थी। वैसे भी आरएसएस लगातार अल्पसंख्यकों पर हमले करने का काम आज का नहीं बल्कि 1925 के बाद से जारी है। गुजरात का गोधरा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वर्ष 2014 के बाद सत्ता में आने के बाद संविधान विरोधी कामों को बढ़ावा देने का काम कर हिन्दुत्ववादी संगठनों को मजबूत कर इसी तरह का काम करवाने की सुविधा मुहैया करा रही है।

झारखंड : सिमडेगा की आदिवासी महिलाएं जंगल में गश्त क्यों लगा रही हैं?

आदिवासी ही हैं, जिनकी वजह से बचे हुए जंगल सुरक्षित हैं। जंगलों की अवैध होती कटाई को रोकने के लिए सिमडेगा जिले के गांवों में आदिवासी महिलाएं समूह बनाकर गश्त लगाती हैं।

छग : किसान भाजपा के ताबूत पर आखिरी कील गाड़, उसे सत्ता से बाहर करेंगे – विजू कृष्णन

सूरजपुर में अखिल भारतीय किसान सभा का पाँचवाँ सम्मेलन 2 और 3 मार्च को सम्पन्न हुआ। जहां राज्य में खेती-किसानी की समस्याओं पर चर्चा किया और एक वैकल्पिक नीति के आधार पर किसान आंदोलन को व्यापक बनाने और संगठन को मजबूत करने के बारे में फैसला हुआ। 

उदारीकरण और केंद्रीकरण की दिशा में आदिवासियों पर एक और हमला है वन संरक्षण कानून में संशोधन विधेयक

भले ही सत्तारूढ़ पार्टी ने संसद में विपक्षी दलों के किसी भी हस्तक्षेप को रोका हो, लेकिन उसने बिना चर्चा के सरकारी कामकाज को...

नौगढ़ के एक गाँव के विस्थापित अपना गाँव उठा लाए दूसरी जगह

वर्ष 1999 में वन विभाग ने नौगढ़ में जगह-जगह जंगल की जमीन पर, जिसका घर-खेत है उसे हटाने और लोगों को भगाने के लिए गड्ढा खोदकर एक अभियान चलाया। इस गाँव के लोग भेड़ा फॉर्म बनने के बाद दुबारा विस्थापित होकर यहाँ आकर बसे थे और वन विभाग द्वारा उन्हें फिर यहाँ से विस्थापित करने हेतु अभियान चलाया जा रहा था जबकि वन अधिकार का यह नियम है कि जंगल की जमीन से एक विस्थापन के बाद दूसरा विस्थापन नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद वन विभाग ने इन्हें इस जगह से विस्थापित करने के लिए इनके खेतों में गड्ढे खोद दिए।

जब मैंने अपने पापा से पूछा था– बिरसा मुंडा की देह पर कपड़े क्यों नहीं हैं? (डायरी15 नवंबर, 2021)

बात बचपन की है। उन दिनों मेरी दुनिया मेरे गांव ब्रह्मपुर तक सिमटी हुई थी। गांव की सीमा पर ही नक्षत्र मालाकार हाईस्कूल था...

मध्य प्रदेश में एक जगह सैलाना भी है जहां सैलानी मोहित हो जाता है

पहला हिस्सा  वैसे तो मध्य प्रदेश में बहुत से दर्शनीय स्थल हैं और ऐसे भी हैं जो बहुत प्रसिद्द हैं। उदहारण के तौर पर हम...

दास्तां कलमकसाइयों की (डायरी,3 अक्टूबर, 2021)  

कोई भी समाज कितना सभ्य और विकसित है, इसके कई पैमाने हैं। इनमें से एक पैमाना यह कि सबसे कमजोर तबके के लोगों के...

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