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Casteism
नांदेड़ : राजनीति और शासन जाति की सड़ांध से प्रेमियों को नहीं बचा सकते
इस कहानी का सबसे बुरा हिस्सा यह है कि सक्षम और आंचल के रिश्ते के बारे में परिवार में सभी जानते थे और उन्होंने उनके रिश्ते को स्वीकार करने का नाटक किया, लेकिन यह परिवार की एक चाल थी और आखिरी दिन उन्होंने सक्षम की हत्या कर दी। बात यहीं खत्म नहीं हुई, आंचल ने अपना विरोध दिखाया और सक्षम की लाश से शादी कर ली। 'सिंदूर' लगाया और मांग की कि उसके माता-पिता और भाइयों को फांसी दी जाए।
भारतीय समाज में फैला जातिवाद यहाँ के सिनेमा के मौलिक चरित्रों में ठूँस-ठूँस कर दिखाया जाता है
पूरी दुनिया में भारत ही ऐसा देश है जहां जातिवाद का घोर बोलबाला है। इसका प्रभाव समाज की हर संस्कृति और कला में देखने को मिलता है। भारतीय सिनेमा चाहे जिस भाषा में बनी हो वहाँ के चरित्रों में जाति और धर्म को केंद्र में रखा जाता है। आज का सिनेमाई यथार्थ यही है कि नायक या नायिका जो भी कुछ बेहतर परिवर्तन लाने की कोशिश करते दिखेंगे, देशहित में विदेशों से अच्छा कैरियर छोडकर वापस आयंगे या समाज में कुछ भी सकारात्मक घटित हो रहा होगा तो फिल्मों में उन चरित्रों को निभाने वाले नायक-नायिका के टाइटल साफ़ तौर पर उनकी जातीय पृष्ठभूमि को बताते हैं।
जातिगत भेदभाव : मैं ‘जय भीम’ वालों को काम पर नहीं रखती, कहने वाली महिला के खिलाफ केस दर्ज
14 अप्रैल को कम्पनी मालिक नेहा दत्त ने युवक को व्हाट्सएप पर एक मैसेज किया था। इस मैसेज में नेहा ने युवक से पूछा था कि, 'तू जय भीम वाला है क्या' इस पर युवक ने जवाब देते हुए हामी भरी थी, इसके बाद नेहा ने उत्तर में लिखा, 'मैं जय भीम वाले को नौकरी नहीं देती हूँ।'
मथुरा में एक साल पहले 6 साल के बच्चे को पटक-पटक कर मार डालने के दोषी को उम्रकैद
मथुरा के राधाकुंड कसबे में करीब एक वर्ष पहले पूजा करने जा रहे व्यक्ति ने छः वर्ष के खेलते बच्चे से छू जाने कारण उसे सड़क पर पटक-पटक कर मार डाला था। आज मथुरा जिला अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।

