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जम्मू-कश्मीर के रामबन में 300 फुट गहरी खाई में गिरी एसयूवी कार, दस लोगों की मौत
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में सड़क दुर्घटना में दस लोगों मौत हो गई, दुर्घटनाग्रस्त एसयूवी टैक्सी कार में कश्मीर समेत बिहार के लोग मौजूद थे।
संवैधानिक नहीं राजनैतिक निर्णय है अनुच्छेद 370 को समाप्त करना
राजनैतिक दृष्टि से यह अच्छी बात है कि भारत के संविधान में एक अस्थायी प्रावधान, अनुच्छेद 370 अब प्रभावी नहीं रह गया है। सर्वोच्च...
सांसदों का निलंबन करके लोकतंत्र का गला घोंट रही है सरकार : सोनिया गांधी
नई दिल्ली (भाषा)। वर्तमान सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। इससे पहले कभी भी इतने सारे विपक्षी सांसदों को सदन से निलंबित नहीं...
पुंछ में नियंत्रण रेखा के समीप बारूदी सुरंग में धमाका, तीन सैनिक घायल
मेंढर/जम्मू(भाषा)। जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में बुधवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास एक बारूदी सुरंग धमाके में तीन सैनिक घायल हो गए।...
जम्मू : कृषि एवं पशुपालन में विशेष पहचान रखने वाला सरहदी गांव मंगनाड
सब्ज़ी उत्पादन के अलावा हमारा और कोई व्यवसाय नहीं है। हमारे पास जमीन के कुछ टुकड़े हैं, जिसपर हमने सब्जियां लगाना शुरू किया। हम हर सीजन पर कम से कम तीन से चार लाख रुपए की सब्ज़ियां आसानी से बेच देते हैं। वही इसी गांव में कुछ ऐसे भी किसान हैं जो सीजन पर कम से कम कई लाख की सब्ज़ियां बेच देते हैं। वह बताते हैं कि सब्जी उत्पादन में थोड़ी मेहनत लगती है।
जवानों की शहादत को अपमानित करती भाजपाइयों की करतूतें
जम्मू-कश्मीर। अनंतनाग में पिछले तीन दिनों में आतंकियों से हुए दो एनकाउंटर में तीन अफसर और दो जवान शहीद हो गए। जबकि, एक जवान...
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण का माध्यम बना इंटरनेट
कहा जाता है कि महिला सशक्तीकरण एक ऐसी अनिवार्यता है, जिसकी अवहेलना किसी भी समाज और देश के विकास की गति को धीमा कर...
बदलती फ़िज़ा से चिनाब घाटी में बढ़ेगा पर्यटन
पर्यटन रोजगार पैदा करता है और लोगों के जीवनस्तर को भी ऊपर उठाता है। यहां पर्यटक कम आने के कई कारण हैं, जैसे आवश्यक सुविधाओं की कमी, यातायात की कमी, रहने के स्थान में कमी और भोजन जैसी सुविधाओं का अभाव होना अहम है। चिनाब घाटी को पर्यटन के अनुकूल बनाने और पर्यटन उद्योग से जुड़े आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए तालमेल का होना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे निजी स्कूल, शिक्षा के नाम पर हो रही है मनमानी
पुंछ (जम्मू)। हाल के समय में समाज में एक धारणा तेज़ी से प्रचलित हुई है कि सरकारी स्कूलों के बजाय निजी स्कूलों में शिक्षा...
बिहार की गर्म जलवायु में भी सेब की सफल खेती
बिहार के अधिकतर किसान परंपरागत खेती करते हैं। धान, गेहूं, मक्के और सब्जी की खेती के अलावा कुछ हिस्सों में मखाना, मसाले की भी खेती होती है। हालांकि महंगे बिजली, पानी, खाद-खल्ली एवं खेतिहर मजदूरों की कमी के कारण परंपरागत खेती करना उतना फायदेमंद नहीं रहा कि किसान अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला सकें।
पहले आलोचना, अब होती है सराहना
आजीविका मिशन की ओर से समय-समय पर सरस ग्रामीण मेला का भी आयोजन किया जाता है। इस मेले में सभी स्टाल महिलाओं द्वारा संचालित किये जाते हैं। इसका उद्देश्य एक ओर जहां महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, वहीं समाज की रुढ़िवादी सोच को भी बदलना है। इस प्रकार के मेले से उन महिलाओं को भी फायदा पहुंचता है, जिन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने और अपना रोज़गार शुरू करने का ख्वाब तो होता है, लेकिन उन्हें अपने सपने को साकार करने का कोई प्लेटफॉर्म नज़र नहीं आता है।
जम्मू के मंदिर में भगदड़ और पाखंड का लब्बोलुआब(डायरी, 3 जनवरी 2022)
आज दो महान लोगों को याद करने का दिन है। एक क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले और दूसरे मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा। दोनों का...
मैं उर्दू बोलूं : अमन और भाईचारे का उद्घोष
किताब का शीर्षक- मैं उर्दू बोलूं- न केवल मौजूं है बल्कि यह इस या उस मुल्क और मज़हब की फिरकापरस्त और कट्टरपंथी ताकतों के...
हिंदुत्व के खात्मे के लिए भूमि सुधार अनिवार्य (डायरी 12 नवंबर, 2021)
मनुष्य होने की पहली शर्त यही है कि वह जड़ न रहे। जड़ता मनुष्य को पशुओं से भी अधिक हिंसक बना देती है। रही...
जितनी घातक है हिंसा की राजनीति उतनी ही घातक है हिंसा पर राजनीति
जम्मू कश्मीर में हिंसा का तांडव जारी है। बावजूद इस आंकिक सत्य के कि मारे गए लोगों में अधिकतर स्थानीय मुसलमान हैं मीडिया में...
उत्तर प्रदेश चुनाव और जम्मू कश्मीर में बढ़ता आतंकवाद (डायरी 16 अक्टूबर, 2021)
बचपन में शब्दों को लेकर तरह-तरह के सवाल होते थे। मैं कोई अजूबा बच्चा नहीं था। ये सवाल मेरे मित्रों के मन में भी...

