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laluyadav

ब्रह्मेश्वर, तुम्हारी हत्या की दसवीं वर्षगांठ के मौके पर (डायरी 1 जून, 2022)

 सियासत में इत्तफाक जैसा कुछ नहीं होता। मेरी मान्यता तो यही रही है। वैसे आम जीवन में इत्तफाक भी बहुत कम ही होता है। लेकिन सियासत में तो…
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कहीं आप किसी को गालियां तो नहीं दे रहे? (डायरी 10 मई, 2022)  

मेरी स्पष्ट मान्यता है कि न तो कोई ग्रंथ आसमानी होता है और ना ही गालियां। आज ग्रंथों की बात नहीं करना चाहता। गालियों के बारे में सोच रहा…
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जॉनसन और नरेंद्र (डायरी 23 अप्रैल, 2022) 

यह कहने की बात नहीं है कि एक दिन में केवल 24 घंटे होते हैं। यह सभी जानते हैं। लेकिन घटनाओं की संख्या के हिसाब से यदि मैं स्वयं का आकलन करूं…
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बिहार में सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष (डायरी 4 मार्च, 2022) 

छह इंच छोटा करने का मतलब क्या है, यह बात तब समझ में नहीं आती थी जब मैं छोटा था। हालांकि यह एक ऐसा वाक्य था, जो तब आये दिन सुनाई दे ही जाता…
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लालू यादव के घर में ‘रगड़ा’ डायरी (22 अगस्त, 2021)

पालिटिक्स के बारे में मेरा अपना एक फलसफा है। लेकिन इसे अभिव्यक्त करने के लिए आंचलिक शब्दों का उपयोग नहीं करूंगा। खड़ी हिंदी में…
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धंधे में ईमानदारी  डायरी (29 जुलाई, 2021)

पत्रकार होने का एक बड़ा फायदा यह है कि आप किसी एक विचारधारा में बंधे नहीं रहते। मेरे लिए तो खबर ही महत्वपूर्ण है। मतलब यह कि मेरे लिए…
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