नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने महिला पहलवान साक्षी मलिक के खेल को अलविदा कहने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि किसान की पहलवान बेटी की आंख से निकला हर आंसू मोदी सरकार की बेशर्मी का प्रमाण है। यह बात पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने शुक्रवार सुबह एक प्रेस ब्रीफिंग में कही। ध्यान रहे कि कुश्ती महासंघ के चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह की जीत पर पहलवान साक्षी मलिक ने खेल छोड़ने का ऐलान गुरुवार को किया था।
कुश्ती महासंघ के चुनाव नतीजे के बाद दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में मीडिया से बात करते हुए साक्षी ने यह ऐलान किया था, जिसके बाद उनके साथ मौजूद महिला पहलवान विनेश फोगाट भी रोने लगीं। साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने संयुक्त रूप से कहा कि इन नतीजों का यह मतलब हुआ कि आने वाले दिनों में भी महिला पहलवानों को उत्पीड़न झेलते रहना होगा।
कांग्रेस पार्टी और कुछेक विपक्ष के नेताओं ने तत्काल बाद ही इन पहलवानों का समर्थन कर दिया था, लेकिन आज सुबह बकायदे एक प्रेस कांफ्रेंस कर के पार्टी ने अपना पक्ष रखा। कांफ्रेंस में सुरजेवाला ने कहा, “देश की बेटियों के मोदी सरकार से सवाल – मोदी सरकार चुप क्यों है? देश की संसद किसान की पहलवान बेटियों के अपमान पर चुप क्यों है? देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, लोकसभा-राज्यसभा के सभापति, खेल जगत की नामी-गिरामी हस्तियां चुप क्यों हैं? तो क्या मान लिया जाए कि अब दबदबा, डर, भय और अन्याय ही न्यू इंडिया का नॉर्मल है?”
साक्षी ने कहा था कि “संजय सिंह, बृजभूषण शरण सिंह का सहयोगी और बिजनेस पार्टनर है और यदि वह कुश्ती संघ में रहेगा तो मैं आज से कुश्ती छोड़ती हूँ और आज के बाद कभी वहाँ नही दिखूँगी।” विनेश ने कहा, “हमारी कुश्ती का भविष्य अंधेरे में है। हमें समझ में ही नहीं आ रहा है कि अब किस दिशा में जाएं। हमें यह समझ नहीं आ रहा है कि देश में न्याय कैसे पाया जाए?”
सरकार पर भी निशाना साधते हुए बजरंग पूनिया ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि सरकार के हमसे किए वायदे पूरे नहीं हुए हैं। पूनिया ने अपने आंदोलन को राजनीतिक कहे जाने के आरोपों को भी बेबुनियाद बताया। पूनिया ने कहा कि हम किसी भी पार्टी से नहीं जुड़े हैं। हम यहाँ राजनीति के लिए नहीं न्याय के लिए आए हैं। हम सच के लिए लड़ रहे हैं। आज फिर से बृजभूषण शरण सिंह का ही करीबी कुश्ती महासंघ का अध्यक्ष बन गया है। इससे यही बात साबित होती है कि सरकार को हमारी कोई चिंता नहीं है।
पहलवान साक्षी मलिक के बयान पर पूर्व गवर्नर सत्यपाल मालिक ने ट्विटर पर लिखा है – ‘साक्षी मालिक भारत कि एकमात्र महिला पहलवान हैं, जिसने देश के लिए ओलम्पिक में पदक जीता। एक ओलम्पियन खिलाड़ी का व्यवस्था से निराश होकर कुश्ती को अलविदा कहना बहुत ही दुखदाई है।’
#साक्षी_मलिक भारत की एकमात्र महिला पहलवान है जिसने कुश्ती में देश के लिए #ओलंपिक में पदक जीता है।
एक Olympian खिलाड़ी का व्यस्था से निराश होकर कुश्ती को अलविदा कहना बहुत ही दुखदाई है- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #SatyapalMalik pic.twitter.com/zgsPynRawn— Satyapal Malik 🇮🇳 (@SatyapalmalikG) December 21, 2023
दूसरी तरफ, कुश्ती महासंघ के नए अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि संघ पर लगाए गए सारे आरोप राजनीतिक और बेबुनियाद थे। राजनीति का जवाब उसी तरीके से दिया जाएगा। बृजभूषण सिंह के करीबी ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि मैं उनके करीब हूँ। एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने इस बात से साफ इनकार कर दिया कि किसी भी महिला पहलवान का उत्पीड़न हुआ है।
उल्लेखनीय है कि तीनों पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाया था और जंतर-मंतर पर धरना भी दिया था। इन लोगों ने बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ साल के शुरुआत में ही महिला पहलवानों ने 40 दिन तक धरना दिया था। बृजभूषण शरण सिंह 12 सालों से लगातार कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बने हुए थे। इस मामले में भाजपा सांसद के खिलाफ दिल्ली पुलिस जांच भी कर रही है। इसी के चलते बृजभूषण को पद से हटना पड़ा और यह तय हुआ था कि वह खुद या उनके परिवार या रिश्तेदारी का किसी भी सदस्य को चुनाव में नहीं उतारेगा।
यह भी पढ़ें –




