Wednesday, July 24, 2024
होमराज्यदिल्ली में वायु गुणवत्ता 'बेहद खराब', रात भर में बढ़ गया प्रदूषण...

ताज़ा ख़बरें

संबंधित खबरें

दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’, रात भर में बढ़ गया प्रदूषण का स्तर

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली एवं इसके उपनगरों में प्रदूषण का स्तर रात भर में बढ़ गया और राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार को सुबह नौ बजे 365 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह जानकारी दी। दिल्ली का एक्यूआई सोमवार को शाम चार बजे बढ़कर 348 हो गया था जबकि […]

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली एवं इसके उपनगरों में प्रदूषण का स्तर रात भर में बढ़ गया और राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार को सुबह नौ बजे 365 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह जानकारी दी। दिल्ली का एक्यूआई सोमवार को शाम चार बजे बढ़कर 348 हो गया था जबकि रविवार को यह 301 था। हर दिन शाम चार बजे दर्ज किया जाने वाला पिछले 24 घंटे का एक्यूआई शनिवार को 319, शुक्रवार को 405 और बृहस्पतिवार को 419 था। समीपवर्ती गाजियाबाद (340), गुरुग्राम (324), ग्रेटर नोएडा (306), नोएडा (338) और फरीदाबाद (336) में भी वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के अीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’, 401 और 450 के बीच ‘गंभीर’ एवं 450 के ऊपर ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

हवा की अनुकूल स्थिति के कारण प्रदूषण के स्तर में सुधार के मद्देनजर केंद्र ने शनिवार को सार्वजनिक निर्माण से संबंधित एवं निर्माण कार्य पर प्रतिबंध तथा दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर रोक सहित कड़े प्रतिबंध हटा लिए थे। ये उपाय केंद्र की वायु प्रदूषण नियंत्रण योजना के अंतिम चरण – चरण चार के अंतर्गत आते हैं, जिसे ‘ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान’ यानी क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (ग्रैप) कहा जाता है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और निकटवर्ती क्षेत्र में प्रदूषण से निपटने के वास्ते रणनीति तैयार करने के लिए जिम्मेदार एक वैधानिक संस्था वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और एनसीआर राज्यों से सभी आपातकालीन उपायों को रद्द करने के लिए कहा जिसके तहत केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य राज्यों से बीएस छह वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति है। हालांकि आवश्यक सेवाओं में शामिल लोगों को छूट दी गई है।

ग्रैप के चरण चार के तहत राष्ट्रीय राजधानी में आवश्यक सेवाओं में शामिल नहीं होने वाले सभी मध्यम और भारी माल वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालिया सीएक्यूएम आदेश के अनुसार, गैर-आवश्यक निर्माण कार्य, खनन, स्टोन क्रशर और डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध सहित ग्रैप के चरण एक, दो और तीन के तहत अन्य सभी प्रतिबंध जारी रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत से एक डिग्री कम है। सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 91 प्रतिशत दर्ज की गई। आईएमडी ने दिन के दौरान हल्का कोहरा छाये रहने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

उपराज्यपाल ने प्रदूषित यमुना पर अफसोस जताया, कहा: व्रती फिर गंदगी में पूजा-अर्चना के लिए बाध्य हुए

नई दिल्ली। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को छठ पर्व पर सीवर और गंदे पानी से भरी यमुना की स्थिति पर अफसोस जताया और कहा कि नदी को साफ करने के वादे पूरे नहीं हुए। सक्सेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस संबंध में एक के बाद एक कई पोस्ट किए जिनमें उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। सक्सेना ने कहा, ‘दीनानाथ भगवान भास्कर को अर्घ्य के साथ छठ महपर्व आज संपन्न हुआ। छठी मैया विदा हुईं लेकिन यमुना मैया एक बार फिर प्रदूषित ही रह गईं। व्रती-श्रद्धालु फिर गाद-मलबे और सड़ांध में पूजा-अर्चना के लिए मजबूर हुए। नदी में जाकर अर्घ्य अर्पण वर्जित हो गया पर यमुना साफ नहीं हुई।’

सक्सेना ने ‘आप’ सरकार पर आरोप लगाया कि उसने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश में उच्चतम न्यायालय के जरिए ‘‘जटिल तरीके से’’ संशोधन कर दिया। ‘आप’ सरकार के एक सूत्र ने कहा, ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि संवैधानिक पर बैठा एक पदाधिकारी उच्चतम न्यायालय के फैसले पर इस तरह की भद्दी टिप्पणी कर रहा है। अदालत की अवमानना एक दंडनीय अपराध है और हमें उम्मीद है कि शीर्ष अदालत उपराज्यपाल के आरोपों का स्वत: संज्ञान लेते हुए इस गलत आरोप से सख्ती से निपटेगी।’ उपराज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों ने कहा कि सक्सेना द्वारा उठाए गए सवालों और मुद्दों का समाधान करने के बजाय ‘आप’ सरकार के ‘सूत्र’ पिछले नौ वर्ष में यमुना की सफाई को लेकर अपनी ‘‘पूर्ण और आपराधिक विफलता’’ को ‘अवमानना’ की आड़ में छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

गाँव के लोग
गाँव के लोग
पत्रकारिता में जनसरोकारों और सामाजिक न्याय के विज़न के साथ काम कर रही वेबसाइट। इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग और कहानियाँ देश की सच्ची तस्वीर दिखाती हैं। प्रतिदिन पढ़ें देश की हलचलों के बारे में । वेबसाइट की यथासंभव मदद करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय खबरें