Wednesday, July 24, 2024
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नये कुलपति के पैनल चयन के लिए सोमवार को बैठेगी एएमयू कोर्ट, कड़ी हुई परिसर की सुरक्षा

अलीगढ़ (भाषा)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की सर्वोच्च शासी निकाय, एएमयू कोर्ट, संस्था के नए कुलपति के पैनल चयन के लिए सोमवार को बैठक करेगी। बैठक की पूर्व संध्या पर एहतियात के तौर पर यहां परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। […]

अलीगढ़ (भाषा)। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की सर्वोच्च शासी निकाय, एएमयू कोर्ट, संस्था के नए कुलपति के पैनल चयन के लिए सोमवार को बैठक करेगी। बैठक की पूर्व संध्या पर एहतियात के तौर पर यहां परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। बैठक में ‘एएमयू कोर्ट’ तीन उम्मीदवारों का पैनल चुनेगी जिन्हें भारत के राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा जो इनमें से एक नाम को कुलपति के पद के लिये मंजूरी देंगे।

यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब एएमयू के कार्यवाहक कुलपति मोहम्मद गुलरेज की अध्यक्षता वाली कार्य परिषद ने दो नवंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए पांच नामों का चयन किया था जिसमें गुलरेज की पत्नी नइमा खातून का नाम भी शामिल है, जिसे लेकर कार्यकारी परिषद के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी।

एएमयू के प्रवक्ता उमर पीरजादा ने कहा था कि चूंकि मोहम्मद गुलरेज कुलपति पद के लिए उम्मीदवार नहीं थे और बैठक की अध्यक्षता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें निजी स्वार्थ इसलिए नहीं है, क्योंकि कानून की नजर में पति और पत्नी कानूनी रूप से स्वतंत्र माने गये हैं। उच्च शिक्षा विभाग और एएमयू अध्यादेश दोनों ही कुलपति के पति/पत्नी को मतदान प्रक्रिया में भाग लेने से नहीं रोकते हैं। पीरजादा ने बताया कि अब आगे कुलपति पद के लिए तीन संभावित नामों को अंतिम रूप देने के लिए विश्वविद्यालय शासी निकाय को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च शासी निकाय(एएमयू कोर्ट) इसके लिए छह नवंबर को बैठक करेगी। उन्होंने कहा कि जिन तीन नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा, उन्हें कुलपति चुनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा जाएगा।

परिसर में हाल के दिनों में अराजकता की कुछ घटनाएं हुई हैं। शुक्रवार की रात एक स्नातक छात्र रेहान हुसैन को उस वक्त गोली मार दी गई जब वह सर सैयद हॉल (उत्तर) में अपने छात्रावास के डाइनिंग हॉल में जा रहा था। पीड़ित ने अस्पताल में पत्रकारों को बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि वह बाहरी तत्वों की गोली का शिकार हुआ है जो हवा में गोलियां चला रहे थे। उन्होंने कहा कि गोलीबारी में शामिल लोगों में से किसी से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है।

एएमयू सूत्रों के मुताबिक गोलीबारी एक व्यक्ति की हाल ही में जेल से रिहाई की खुशी में की गई थी। संपर्क करने पर एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने ‘भाषा’ को बताया कि सिविल लाइंस थाने में शनिवार को दर्ज की गई प्राथमिकी में दस लोगों के नाम शामिल हैं और इनमें से आठ बाहरी तत्व थे, एएमयू के छात्र नहीं। उन्होंने कहा कि एसएस नॉर्थ आवासीय हॉल के दो कमरों को सील कर दिया गया है और पुलिस उन सभी लोगों की तलाश कर रही है जिनका नाम लिया गया है। जब उनसे पूछा गया कि इतनी बड़ी संख्या में बाहरी लोग इतनी देर तक विश्वविद्यालय के छात्रावास के अंदर कैसे मौजूद थे, तो उन्होंने कहा, हमने पुलिस के साथ मिलकर कुछ छात्रावासों में सभी अनधिकृत रहने वालों की पहचान करने और उन्हें बाहर निकालने के लिए एक अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एएमयू कोर्ट की महत्वपूर्ण बैठक ‘शांतिपूर्ण और मैत्रीपूर्ण’ माहौल में आयोजित की जाए क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में बाहरी प्रतिभागी भाग लेंगे। उन्होंने पुष्टि की कि पिछले महीने एक अन्य घटना में इसी छात्रावास में गोलीबारी की घटना में दो युवक घायल हो गये थे। विश्वविद्यालय अधिकारियों द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी के बाद, एक कमरा जहां अनधिकृत तत्वों की पहचान की गई थी, उसे भी पुलिस ने सील कर दिया। परिसर में बाहरी आपराधिक तत्वों की व्यापक घुसपैठ के अलावा, एएमयू कोर्ट की बैठक की पूर्व संध्या पर, 2500 से अधिक गैर-शिक्षण अस्थायी कर्मचारियों द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इन लोगों को दो महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है।

शनिवार को, सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय के परिसर के अंदर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और धमकी दी कि अगर दिवाली की छुट्टियों से पहले उनका वेतन जारी नहीं किया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के नेता फैसल रईस ने पत्रकारों को बताया कि गैर-शिक्षण कर्मचारियों के नेता सोमवार को एएमयू कोर्ट के सदस्यों से मुलाकात करेंगे और 1500 से अधिक दैनिक वेतन भोगियों की चिंताओं को उजागर करेंगे, जिनकी आजीविका वर्तमान में खतरे में है।

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