Tuesday, July 23, 2024
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‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में भाजपा क्षुद्र राजनीति पर उतर आई है 

नयी दिल्ली (भाषा)।  राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने ‘नेशनल हेराल्ड’ के स्वामित्व वाली कंपनी की संपत्तियां कुर्क करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि यह राजनीति में नया निचला स्तर है। कांग्रेस के पूर्व नेता सिब्बल ने यह आरोप भी लगाया कि जांच एजेंसी कुछ ‘शक्तियों’ के इशारे […]

नयी दिल्ली (भाषा)।  राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने ‘नेशनल हेराल्ड’ के स्वामित्व वाली कंपनी की संपत्तियां कुर्क करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि यह राजनीति में नया निचला स्तर है। कांग्रेस के पूर्व नेता सिब्बल ने यह आरोप भी लगाया कि जांच एजेंसी कुछ ‘शक्तियों’ के इशारे पर काम कर रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने ‘नेशनल हेराल्ड’ अखबार और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत लगभग 752 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और इक्विटी शेयर जब्त किए हैं। अस्थायी कुर्की आदेश तब आया जब पांच राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होने वाली है। सिब्बल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘यंग इंडियन (वाईआई), एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल)… ईडी ने एजेएल की 752 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। उन्होंने आगे कहा एजेएल की संपत्ति के मालिकाना हक रखने वाली वाईआई के शेयरधारकों ने धोखाधड़ी और विश्वास हनन किया है।  शेयरधारक कभी कंपनी की संपत्ति के मालिक नहीं होते हैं। यंग इंडियन एक गैर-लाभकारी कंपनी है। राजनीति में एक नया निचला स्तर।’

जीएसटी व्यवस्था में ‘फेसलेस’ आकलन में अभी लग सकता है कुछ समय 

नई दिल्ली (भाषा)।  माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत कर रिटर्न के आकलन को लेकर करदाता और अधिकारी के आमने-सामने आये बिना जांच व्यवस्था शुरू करने में कुछ समय लग सकता है। जीएसटी नेटवर्क के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।करदाता और कर अधिकारी के आमने-सामने आये बिना (फेसलेस) आकलन की व्यवस्था सबसे पहले आयकर विभाग ने शुरू की थी। बाद में सीमा शुल्क विभाग ने इसे अपनाया। ‘फेसलेस’ आकलन जांच में कर अधिकारी और करदाता आमने-सामने नहीं आते और इसमें दस्तावेज को भौतिक रूप से पेश करने की भी जरूरत नहीं होती।

जीएसटी नेटवर्क के उपाध्यक्ष (सेवा) जगमाल सिंह ने यहां उद्योग मंडल फिक्की के एक कार्यक्रम में कहा, ‘हमें जीएसटी में ‘फेसलेस’ आकलन शुरू करने में कुछ समय लग सकता है। जीएसटी आकलन एक विशेष क्षेत्राधिकार अधिकारी या इकाई से जुड़ा हुआ है। इसे बदलने में कुछ समय लग सकता है। इसे प्रभावी बनाने के लिये नीतिगत स्तर पर कुछ बदलावों की भी जरूरत होगी।’ जीएसटी एक जुलाई, 2017 को लागू किया गया। इसमें उत्पाद शुल्क, सेवा कर, मूल्यवर्धित कर (वैट) और उपकर सहित 17 स्थानीय शुल्क शामिल किये गये हैं।

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