Tuesday, July 23, 2024

साहित्य

मूँदहु आंख भूख कहुं नाहीं

हम तो पहले ही कह रहे थे, ये पश्चिम वाले आसानी से भारत को विश्व गुरु के आसन पर नहीं बैठने देंगे। मोदी जी से जलते जो हैं। भारत...

विश्वगुरु की सीख का अपमान ना करे गैर गोदी मीडिया

इन पत्रकारों की नस्ल वाकई कुत्तों वाली है। देसी हों तो और विदेशी हों तो, रहेंगे तो कुत्ते...

तुम्हारी लिखी कविता का छंद पाप है

मणिपुर हिंसा पर केन्द्रित कवितायें  हम यहाँ ख्यातिलब्ध बांग्ला कवि जय गोस्वामी की कुछ कवितायें प्रकाशित कर रहे हैं।...

हरिशंकर परसाई और शंकर शैलेंद्र की जन्मशती पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में  हरिशंकर परसाई और शंकर शैलेंद्र की जन्मशती पर संगोष्ठी का...

व्याकरण के प्रकांड विद्वान थे आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी और आरसी प्रसाद सिंह की मनाई गई जयंती दरभंगा। आज विश्वविद्यालय हिंदी विभाग, ल.ना....

अब टमाटर-मुक्त भारत!

इस बार टमाटर ने भी अपने नखरे दिखा ही दिए। अब तक अक्सर कभी आलू, तो कभी प्याज के नखरे ही सरकारों को सिरदर्द...

लुटेरे बन्दर और अन्य कविताएं

राकेश कबीर अल्हदा मिजाज़ के कवि  हैं। वह कविता को  रचते नहीं हैं बल्कि मन की अंगीठी पर समझ की सघन आंच से कविता...

वन नेशन, वन इनॉगरेशन

क्या अब भी इसके लिए किसी और सबूत की ज़रूरत है कि मोदी जी के विरोधी ही टुकड़े-टुकड़े गैंग हैं। बताइए! अब ये मोदी...

इतिहास की प्रतिध्वनियों से भविष्य का संधान करता ‘महासम्राट’

विश्वास पाटील मराठी भाषा के लोकप्रिय लेखक हैं, हाल ही में राजकमल प्रकाशन से उनके दो उपन्यास दुड़िया और महासम्राट का पहला खंड झंझावात...

चमचा बिनु बेस्वादी दुनिया

हम हिंदुस्तानियों को दो चीजें काफी पसंद हैं। एक चाय और दूसरा चमचे...! चाय तो अंग्रेजों की देन है लेकिन हम लोगों ने उसे...

गांधियों… रास्ता छोड़ो!

आखिर ये गांधी सरनेम वाले, कब तक मोदीजी के रास्ते में आते रहेंगे। पहले नेहरू सरनेम की आड़ में बेचारों को कभी इसके, तो...