उत्तर प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई की ओर से कल पीली कोठी स्थित एसएस कान्वेंट स्कूल में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा में मौजूद लोगों ने अपनी मांग में कहा कि चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति पर लगी रोक को सरकार जल्द से जल्द हटाए।
कार्यक्रम में बोलते हुए चतुर्थ श्रेणी महासंघ के जिलाध्यक्ष बद्री प्रसाद ने कहा कि राज्य में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति पर सरकार ने जो रोक लगा रखी है उसे तत्काल हटाए जिससे नई भर्तियां की जा सके। यही नहीं आउटसोर्सिंग से लिए गए कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची तय कर रिक्त चल रहे चतुर्थ श्रेणी के पदों को समायोजित किया जाय।
बद्री प्रसाद ने अपनी बात को आगे जारी रखते हुए कहा कि इस सरकार के शासन काल में युवाओं के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। यह सरकार लोगों को रोजगार देने में विफल साबित हो रही है। आज पूरे राज्य में देखा जाय तो चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लाखों पद खाली पड़े हैं लेकिन सरकार उन्हें भर नहीं रही है। यदि सरकार हमारी मांगों की तरफ ध्यान नहीं देगी तो हम सड़कों पर उतरेंगे। आंदोलन करेंगे। सरकार ने हम लोगों की पेंशन को बंद कर दिया है। पेंशन ही तो हमारे बुढ़ापे की लाठी है, वही हमारा सहारा है। जब तक हम नौकरी करते हैं हमारे पास बचता ही क्या है ? सब कुछ बच्चों की पढ़ाई – लिखाई में ही खत्म हो जाता है। ले देकर वही पेंशन ही हमारी दावा दारू के कम में आता है जिसे सरकार ने बंद कर दिया है।
संगठन के प्रांतीय मुख्य सलाहकार मुन्नालाल रावत ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों से लोग रिटायर हो रहे हैं लेकिन अफसोस की बात है कि उनकी जगह पर कोई नयी नियुक्ति नहीं हो रही है। सरकार की मंशा ठीक नहीं है। हमें अपनी मांगों को मनवाने के लिए सड़कों पर उतरना होगा। सरकार को अभी हमारी ताकत का अंदाजा नहीं है।
कार्यक्रम में बोलते हुए मंडल अध्यक्ष विजय कुमार यादव ने कहा कि सबसे पहले हमें एकजुट होकर सरकार का विरोध करना होगा। जब तक हम एकजुट होकर सरकार का विरोध नहीं करेंगे तब तक सरकार हमारी बात को तवज्जो नहीं देगी। हम लाख चिल्लाएं हमारे ऐसे चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। हमें अपनी बात मनवाने के लिए सड़कों पर उतरना ही होगा। हाथ पर हाथ धरकर रखने से कुछ नहीं होने वाला है। आज का समय मांगने का नहीं छीनने का है फिर भी हम सरकार से यह मांग कराते हैं कि वह जल्द से जल्द हमारी मांगों पर ध्यान दे। हमारी मांगो को नहीं माना गया तो सरकार उसका परिणाम भुगतने के लिए भी तैयार रहे।
इस अवसर पर बोलते हुए संघ के जिला मंत्री विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यह सरकार कर्मचारी विरोधी है । इसी सरकार के शासन मेें कर्मचारियों की पेंशन मिलनी बंद हो गयी। इस सरकार के शासन काल में सबसे ज्यादा सरकारी संस्थानों का प्राइवेटाइजेशन हुआ। इसी सरकार के शासनकाल में सबसे ज्यादा कर्मचारियों की छटनी हुई । यही नहीं इसी सरकार के शासनकाल में सबसे ज्यादा युवा बेरोजगार होकर दर-दर की ठोकर खा रहे हैं । अगर हम सही समय रहते नहीं चेते तो फिर बहुत देर हो जाएगी । इसलिए हमें अब एकजुट होकर आरपार की लड़ाई लड़नी होगी।




