अधिकारी ने बताया कि उस व्यक्ति ने कोडकारा थाने में सुबह में आत्मसमर्पण किया और दावा किया कि उसने ही विस्फोट को अंजाम दिया।
एडीजीपी ने कहा, ‘उस व्यक्ति का नाम डोमिनिक मार्टिन है। उसने अपने दावे के समर्थन में सबूत भी दिए। हम फिलहाल इसकी जांच कर रहे हैं। हम उसके दावों और कृत्य को अंजाम देने के लिए बताए गए कारणों की भी जांच कर रहे हैं।’
उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यक्ति ने खुद के ‘यहोवा के साक्षी’ ईसाई धार्मिक समूह का अनुयायी होने का भी दावा किया है। इस समूह की स्थापना 19वीं शताब्दी में अमेरिका में हुई थी।
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या यह घटना पुलिस की खुफिया विफलता का नतीजा है, एडीजीपी ने कहा कि पुलिस बल की सभी शाखाएं प्रभावी ढंग से काम कर रही थीं। इससे पहले, प्रदेश पुलिस प्रमुख शेख दरवेश साहेब ने तिरुवनंतपुरम में मीडिया को बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार विस्फोट आईईडी के कारण हुए। उन्होंने कहा, हम इसकी जांच कर रहे हैं।
खबर लिखे जाने तक इस घटना में तीन लोगों के मारे जाने की ख़बर है। गंभीर अवस्था में घायलों का इलाज अभी चल रहा है। इस घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है। गृहमंत्री अमितशाह ने भी मुख्यमंत्री से इस मामले को लेकर बात की है।




