स्त्री
स्त्री
शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ रहीं हैं गाँव की लड़कियाँ
मुजफ्फरपुर (बिहार)। जीवन में सफलता प्राप्त करने और कुछ अलग करने के लिए शिक्षा अर्जित करना सभी के लिए महत्वपूर्ण है। यह स्त्री एवं पुरुषों दोनों के लिए समान...
बहू और बेटी में भेदभाव करता समाज
भारतीय समाज जटिलताओं से भरा हुआ है, जहाँ रीति-रिवाज के नाम पर कई प्रकार की कुरीतियां भी शामिल...
नहीं रुक रहा है किशोरियों के साथ भेदभाव, आज भी समझा जाता है बोझ
भारत में हर बच्चे का अधिकार है कि उसे, उसकी क्षमता के विकास का पूरा मौका मिले। लेकिन...
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण का माध्यम बना इंटरनेट
कहा जाता है कि महिला सशक्तीकरण एक ऐसी अनिवार्यता है, जिसकी अवहेलना किसी भी समाज और देश के...
लैंगिक असमानता का शिकार होती पर्वतीय महिलाएं
'लड़की हो दायरे में रहो...' यह वाक्य अक्सर घरों में सुनने को मिलता है, जो लैंगिक असमानता का...
सभी जाति धर्म की स्त्रियों की तकलीफें एक जैसी हैं- सुगंधि फ्रांसिस (भाग -तीन)
तीसरा और अंतिम हिस्सा
विवेक ने समाज को बदलने का जो बीड़ा उठाया था उसका एक रंग यह भी था कि स्वयं भी झोपड़पट्टी में...
स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए महिलाओं का बाहर आना जरूरी
10 अक्टूबर को ग्वालियर के बहोड़ापुर के शील नगर अंबेडकर पार्क में सामाजिक क्षेत्रों में अपना योगदान दे रही बहुजन मूलनिवासी महिलाओं को सामाजिक...
रामचरितमानस में स्त्रियों की कलंकगाथा (भाग –2)
दुनिया का कोई भी सभ्य समाज अपनी स्त्रियों को कलंकित करने के इतने कठोर प्रतिबन्ध की कल्पना मात्र से ही सिहर जायेगा। और मज़ा देखिये कि दो अतिकुलीन महिलाएँ ही महिलाओं के लिये इन वर्जनाओं की पैरोकारी कर रही हैं। यहाँ यह भी ध्यातव्य है कि अनसूया अत्रि ऋषि की पत्नी हैं। यदि उनके द्वारा दिए गये उपदेश को ऋषि परम्परा की शिक्षा का प्रतिनिधि आधार कहा जाये तो निश्चित रूप से इसी निष्कर्ष पर पहुँचना पड़ेगा कि इन आश्रमों में जिस प्रकार की शिक्षा व्यवस्था थी, उसमें स्त्रियाँ अपने कलंक को दैवीय वरदान मानकर गौरवान्वित होती थीं।
तमाम दावों के बीच स्त्रियों के सामने बढ़ती हुई चुनौतियाँ
भारतीय संस्कृति में स्त्रियों के गौरव के लिए कहा गया है, यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः। यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः। अर्थात् जहाँ...
महिला सशक्तिकरण के लिए गांधीजी की भूमिका
इतिहासकार राधा कुमार के शब्दों में-‘नारी के प्रति स्त्रैण विचारों एवं राजनीति का नारीकरण करने की प्रवृत्ति के कारण गाँधी जी को भारतीय नारी...
अफगानी महिलाओं के दुःख से बेखबर विश्व समुदाय
अफगानिस्तान मामले की सामरिक और कूटनीतिक जटिलताओं से एकदम अलग स्त्री विमर्श पर आधारित इसका पाठ है। आश्चर्यजनक रूप से यह पाठ एकदम सरल...

