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दलित लेखक संघ

‘ढाई आखर प्रेम’ की यात्रा ने झारखंड में अलख जगाया

आज़ादी के पचहत्तरवें वर्ष में प्रवेश के साथ ही समूचे देश में नफरत की आँधी तेज़ की जा रही है। सामान्य जन अपने प्रजातांत्रिक मूल्यों को क्षति…
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दलित आत्मकथाओं में भूख और भोजन का चित्रण

दूसरा और अंतिम भाग  प्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार ओमप्रकाश बाल्मीकि  की जूठन  में भूख और भोजन के कई मार्मिक और आँखों में आँसू लाने वाले किस्से…
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दुनिया में बेनजीर अफगानिस्तान की ये पांच-छह महिलाएं डायरी (18 अगस्त, 2021)

 मैं बेहद रोमांचित हूं और एक हद तक खुश भी। मुझे ये अहसास बहुत कम ही मिलते हैं। कई बार तो लंबे समय तक इस अहसास से वंचित रहता हूं। सामान्य तौर…
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