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#Dr. Ambedakar

विषमतम दौर में भारत और भारतीय संविधान (डायरी 27 जनवरी, 2022)

कल भारत में जनतंत्र दिवस दिवस मनाया गया। कायदा तो यह होना चाहिए था कि इस मौके पर भारतीय संविधान को याद किया जाता कि कैसे डॉ. आंबेडकर द्वारा…
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गरीबी और जाति दोनों के परिचालन एवं प्रभाव की तीक्ष्णता तथा मारकता में ज़मीन-आसमान का अंतर होता है…

तीसरा और आखिरी भाग क्या ग़रीबी और जाति-भेद व्यक्ति को समान रूप से रोकते हैं या कोई अधिक घातक है? ग़रीबी और जाति-भेद व्यक्ति के जीवन में…
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जवन कर दिही अन्हार, उ इंजोर का करी…(डायरी 24 नवंबर, 2021)

आज मेरी जेहन में एक बात चल रही है। मैं यह सोच रहा हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना सांड़ कहे जानेवाले पशु से करूं या नहीं करूं। वजह…
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हमें न गाँधी का राम चाहिए न आर एस एस का राम चाहिए!

जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता विद्या भूषण रावत का विकास तर्कवादी विचारकों-लेखकों के सान्निध्य में हुआ। वे जीवन और समाज की हर चीज को संशय और…
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 मेरा गांव सोन नद की बांहों में विचारों में उलझी मेरी महबूबा सा…

मेरा गांव सोन नद की बांहों में विचारों में उलझी मेरी महबूबा सा..... कभी गांव को लेकर मैंने एक लंबी कविता लिखी थी। यह कविता मेरे आलोचकीय…
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क्या आप डॉ रत्नप्पा भरमप्पा कुम्हार को जानते हैं?

उत्तर भारत और हिन्दी भाषियों के लिए यह नाम शायद बिलकुल नया होगा क्योंकि इससे पहले इस पर कोई सार्वजनिक चर्चा नहीं हुई। वैसे भी हिन्दी समाज…
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