Wednesday, May 22, 2024
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उप्र : ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ शिक्षकों ने उठाई आवाज

महानिदेशक शिक्षा विभाग के ऑनलाइन हाजिरी के आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश के किसी न किसी जिले से ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में धरना और विरोध प्रदर्शन की खबरें देखने-सुनने में आ रही हैं। शिक्षक लगातार मांग कर रहे हैं कि आनलाइन हाजिरी कि व्यवस्था […]

महानिदेशक शिक्षा विभाग के ऑनलाइन हाजिरी के आदेश के खिलाफ उत्तर प्रदेश के शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश के किसी न किसी जिले से ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में धरना और विरोध प्रदर्शन की खबरें देखने-सुनने में आ रही हैं। शिक्षक लगातार मांग कर रहे हैं कि आनलाइन हाजिरी कि व्यवस्था को खत्म किया जाए। आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था के तहत सरकार की तरफ से दिये गए टैबलेट से शिक्षकों को हाजिरी लगाने की व्यवस्था की गयी है। नई व्यवस्था के तहत 9:15 के बाद आने वाले को अनुपस्थित मान कर उसका एक दिन का पैसा काट लिया जाएगा।

गाजीपुर जिले के भांवरकोल ब्लॉक संसाधन केंद्र पर सैकड़ों की संख्या में उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ भांवरकोल ने कल शुक्रवार को आनलाइन हाजिरी की व्यवस्था के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जिला संगठन मंत्री अजय कुमार ने कहा-जब तक हमारी पुरानी पेंशन, पदोन्नति, वेतन विसंगति की मांगों को सरकार मान नहीं लेती है तब तक ऑनलाइन की व्यवस्था का हम विरोध करते रहेंगे। अध्यक्ष राम आशीष का कहना है कि आज की ऑनलाइन फ़्राड की दुनिया में कैसे शिक्षक अपनी आईडी से सिम खरीद कर विद्यालय के सरकारी काम को टैबलेट में करेंगे। धरने में शामिल कई शिक्षकों ने बताया कि 9:15 के बाद यदि कोई व्यक्ति अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहे तो नहीं करा सकता क्योंकि उसके बाद ऑटोमैटिक मशीन रिजेक्ट कर देगी। फिर उस दिन व्यक्ति को अनुपस्थित मानते हुए एक दिन का वेतन काट लिया जाएगा।  एक शिक्षकों ने अपनी समस्याओं के बारे में बताया कि कोई व्यक्ति 30-40 किलोमीटर की दूरी से आ रहा है। कई प्रकार के वाहनों को रास्ते में बदलते हुए एक दो मिनट की देरी होने की स्थिति में संबन्धित अध्यापक का एक दिन का वेतन काट लिया जाएगा। उसकी हाजिरी नहीं लगेगी। यही नहीं समय-समय पर उच्च अधिकारी भी विद्यालय का निरीक्षण करते रहते हैं और मानसिक रूप से अध्यापकों का शोषण करते हैं। शोषण की यह प्रवृति इधर के कुछ वर्षों में बड़ी तेजी से बढ़ी है।’ धरने के अंत में सभी शिक्षकों द्वारा खंड शिक्षाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौपा गया।

वहीं, चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयोजित धरने में जिले से हजारों की संख्या में आए शिक्षकों ने जोरदार विरोध जताते हुए ऑनलाइन हाजिरी को तत्काल बंद करते हुए शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। धरने में शामिल ब्लॉक स्तर के शिक्षक नेता विजय बहादुर सिंह ने कहा हम तब तक ऑनलाइन हाजिरी का विरोध करते रहेंगे, जब तक कि शिक्षकों, अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रेरणा पोर्टल पर उपस्थिति में महिला शिक्षकों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति कोई विश्वसनीय सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया है। इसके दुरुपयोग की संभावना ज्यादा है। ऑनलाइन हाजिरी से निजता के हनन की प्रबल संभावना है। परिषदीय विद्यालय दुर्गम सुदूर क्षेत्रों में हैं जहां विपरीत मौसम में आवागमन मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं। साथ ही नेटवर्क की भी समस्या बनी रहती है। ऐसी स्थिति में शिक्षकअपने कार्य क्षेत्र में उपस्थित होते हुए भी तकनीकी खामियों के कारण अनुपस्थित माना जाएगा। सिंह ने मांग करते हुए कहा कि राज्य कर्मियों की भांति शिक्षकों को भी ग्रीष्मावकाश की जगह 31 अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर हम भी उन छुट्टियों का उपयोग कर सके। सवाल पूछने वाले अंदाज में विजय बहादुर कहते है शिक्षामित्र और अनुदेशक इतने दिनों से कार्य कर रहे हैं लेकिन सरकार उनके लिए क्या कर रही है? हमने बेशिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रमों को धरातलीय पृष्ठभूमि पर लाने का काम किया और विभाग का खोया हुआ सम्मान वापस दिलाया है तो सरकार को भी हमारी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम में आए शिक्षक लक्ष्मण प्रसाद ने कहा जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती हमारा धरना चलता रहेगा। कार्यक्रम के पश्चात शिक्षक संघ की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड शिक्षाधिकारी को सौपा गया।

चंदौली जिले के ही शहाबगंज स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र पर बड़ी संख्या में परिषदीय विद्यालय में ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध व अन्य लंबित मांगों को पूर्ण करने हेतु अध्यापकों ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उपस्थित अध्यापकों ने कहा कि ऑनलाइन की व्यवस्था सरकार को बंद करनी चाहिए। इससे अध्यापकों का शारीरिक और मानसिक के अलावा आर्थिक शोषण होगा। धरने में शामिल राकेश कुशवाहा ने कहा कि हम भी देखते हैं कि सरकार कब तक हमारी मांगों को नहीं मानती। सरकार जब तक हमारी मांगों को जब तक नहीं मानती हमारा धारना बंद नहीं होगा।

चंदौली के ही सकलडीहा में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के आवाहन पर आयोजन धरने में बड़ी संख्या में उपस्थित अध्यापकों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए ऑनलाइन उपस्थिती को बंद करने की सरकार से मांग करते हुए कहा कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। सभा को संबोधित करते हुए चंद्रकांत सिंह ने कहा कि सरकार से हमारी मांग है कि ऑनलाइन उपस्थिती की व्यवस्था को खत्म करते हुए पुरानी पेंशन की व्यवस्था को बहाल करे।

ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर चंदौली के चकिया ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए अध्यापक अनिल यादव ने कहा सरकार को ऑनलाइन हाजिरी की जटिलताओं को समझना चाहिए। मौसम की बेरुखी और ट्रैफिक की व्यस्तता के कारण हम कभी- कभी कुछ मिनट लेट हो जाते हैं, ऐसे में पूरे दिन हमें गैर हाजिर मान हमारा पैसा काट लिया जाएगा। यह कहाँ का न्याय है। इसलिए इस व्यवस्था को ही बंद कर देनी चाहिए।

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