Thursday, June 25, 2026
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फ़लिस्तीन की जमीनी हकीकत : यात्रा से लौटकर

एक ज़िंदा शहर के ज़िंदा लोग किस तरह से अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं कि उन्हें पानी, बिजली और काम के लिए जूझना पड़ रहा है। कॉमरेड विनीत अपनी फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान बेतेलहम, जेरूसलम, नाबलूस, जेनिन, आरमीनिया, जेरिकों तथा जोर्डन वैली गए थे। उन्होंने फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान हुई दुश्वारियों और अनुभवों को साझा किया। पढ़िए, वहाँ के कठिन जीवन के संघर्ष का विस्तार से वर्णन। 

दिल्ली में दो-दिवसीय युवा सोशलिस्ट सम्मेलन का आयोजन

समाजवादी आंदोलन के 90 साल पूरा होने के ऐतिहासिक मौके पर युवा सोशलिस्ट पहल के तत्वावधान में  दिल्ली में 31 अक्तूबर (आचार्य नरेंद्रदेव जयंती दिवस) से 1 नवंबर 2025 को दिल्ली में दो दिन के युवा सोशलिस्ट सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन राजेंद्र भवन (गांधी शांति प्रतिष्ठान के सामने), दीनदयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली) में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।

आरएसएस ने भारत की आजादी में हिस्सा लेते हुए कौन सी कुर्बानियाँ दीं

आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने पर मोदी ने अपने भाषण में कहा कि देश की आजादी के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दीं और चिमूर जैसे कई स्थानों पर ब्रिटिश शासन का विरोध भी किया। उनके अनुसार राष्ट्र निर्माण में संघ का जबरदस्त योगदान है। लेकिन संघ का राष्ट्रवाद ‘अलग‘ था यह तब स्पष्ट हुआ जब पंडित नेहरू ने 26 जनवरी, 1930 को तिरंगा फहराने का आव्हान किया। हेडगेवार ने भी झंडा फहराने का आव्हान किया, किंतु भगवा झंडा फहराने का। हेडगेवार नमक सत्याग्रह में शामिल हुए थे क्योंकि उन्हें लगा कि यह जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों को अपने संगठन की ओर आकर्षित करने का एक अच्छा अवसर है। इसलिए उन्होंने सरसंघचालक के पद से इस्तीफा दिया, जेल गए और जेल से रिहा होने के बाद दुबारा वही पद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के प्रति हतोत्साहित किया। एक संगठन के रूप में आरएसएस ने किसी भी ब्रिटिश विरोधी आंदोलन में भाग नहीं लिया।

राजस्थान : माहवारी के लिए सुविधा की सरकारी योजनाओं से वंचित हैं लड़कियां

माहवारी से जुड़ी चुनौतियाँ केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं हैं बल्कि यह सीधे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समानता से जुड़ा मुद्दा है। जब लड़कियाँ पैड की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होती हैं, तो यह केवल उनका नुकसान नहीं बल्कि पूरे समाज का नुकसान है। सरकार और समाज यदि मिलकर सुनिश्चित करें कि हर गाँव में पैड और स्वच्छता सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों, तो लाखों लड़कियों का जीवन आसान हो सकता है

‘अडानी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ’ के नारे के साथ संयुक्त किसान मोर्चा ने मनाया कॉर्पोरेट विरोधी दिवस

किसान मोर्चा के नेताओं नेअपने विरोध प्रदर्शन में कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार को अपनी कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के विरोध में आम जनता और किसान समुदाय का तीखा विरोध झेलना पड़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में किसानों और आदिवासियों को लामबंद करने की योजना बनाते हुए आज कॉर्पोरेट विरोधी दिवस मनाया गया।

मानसिक स्वास्थ्य विकारों से पीड़ित होने की संभावना लड़कियों की तुलना में लड़कों में दो गुना अधिक

भाषा। वह घड़ी जब किसी बच्चे में विशेष शैक्षिक आवश्यकताओं (एसईएन) का निदान किया जाता है, वह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण होता है।...

एमके स्टालिन द्वारा वीपी सिंह का मूर्ति अनावरण, एक गुमनाम नायक का सम्मान

पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह को मनुस्ट्रीम मीडिया के पहले पन्ने पर देखना एक सुखद आश्चर्य था। हालांकि, आज के समय में वे उन्हें कभी...

रूढ़िवादी धारणाओं के बंधन में कैद हैं ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और किशोरियां

पिछले कुछ दशकों में भारत ने तेज़ी से विकास किया है। चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो, अंतरिक्ष हो, टेक्नोलॉजी हो, राजनीति हो, अर्थव्यवस्था...

मल्टीपल स्केलेरोसिस के इलाज के लिए आशाजनक है स्टेम सेल थेरेपी

भाषा। वैश्विक स्तर पर 20 लाख से अधिक लोग मल्टीपल स्केलेरोसिस (एमएस) से पीड़ित हैं, यह एक ऐसी बीमारी है जो तंत्रिका तंत्र को...

आयरलैंड के लेखक पॉल लिंच को बुकर पुरस्कार के लिए चुना गया

लंदन (भाषा)।  आयरलैंड के लेखक पॉल लिंच को उनके उपन्यास प्रॉफेट सॉन्ग के लिए लंदन में आयोजित एक कार्यक्रम में बुकर पुरस्कार 2023 से सम्मानित...

जबरदस्त सूखे से प्रभावित है अमेजन क्षेत्र

मनौस (ब्राजील), द कन्वरसेशन। अमेजन अभूतपूर्व सूखे का सामना कर रहा है और कम से कम 2024 के मध्य तक क्षेत्र में यह स्थिति...
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