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विश्लेषण/विचार

संविधान दिवस के आलोक आरक्षण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर एक नज़र

भारत वर्ष में जाति के आधार पर आरक्षण की व्यवस्था कोई नई बात नहीं है। प्राचीन काल में अल्पसंख्या वाली जाति समुदायों को बहुसंख्य जाति समुदायों…
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महिलाओं के खिलाफ हिंसा में साम्प्रदायिकता का तड़का

-श्रद्धा वालकर की हत्या की अत्यंत क्रूर और बर्बर घटना ने देश को हिला कर रख दिया है. इस तरह की अमानवीय हिंसा की जितनी निंदा की जाए उतनी कम…
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भारत जोड़ो यात्रा की चुनावी चुनौतियां और भारतीय समाज

भारत जोड़ो यात्रा की शानदार सफलता के चलते भारतीय समाज और राजनीति से जुड़े कई मसले उभरकर सामने आए हैं। यद्यपि भारत जोड़ो यात्रा का घोषित…
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भूलने के दौर में इन्दिरा गांधी की यादें

इकतीस अक्टूबर को देश ने आयरन मैन सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई। परंतु 31 अक्टूबर का एक और महत्व है। उस दिन देश की तीसरी प्रधानमंत्री…
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दुनिया के सबसे बड़े अपात्र बने आरक्षण के पात्र!

जिस ईडब्ल्यूएस अर्थात सवर्ण आरक्षण को कभी संघ प्रशिक्षित प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने यह कहकर ख़ारिज कर दिया था कि चूंकि आरक्षण का आधार…
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ब्राह्मणों ने आरक्षण को अपनी गरीबी उन्मूलन का कार्यक्रम बना दिया है

सर्वोच्च न्यायालय ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए नौकरियों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के दाखिले में 10 प्रतिशत आरक्षण के संवैधानिक…
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सवर्ण आरक्षण पर फैसले से आहत होने की बजाय वंचना के खिलाफ समग्र संघर्ष की जरूरत है

सवर्ण आरक्षण पर हिंदू जजों के अन्यायपूर्ण फैसले से ढेरों बहुजन बुद्धिजीवी आहत व विस्मित हैं, पर मैं नहीं! यही नहीं सदियों से आर्थिक,…
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ओबीसी वर्गीकरण का औचित्य कितना उचित?

दो अक्टूबर, 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ओबीसी की केंद्रीय सूची के वर्गीकरण के लिये आयोग बनाने के फैसले को मंज़ूरी दी है। यानी इस वर्ग में…
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क्या यादवों में वैज्ञानिक सोच पैदा करना पत्थर पर दूब उगाने जैसा है?

इस लेख को आरंभ करने से पहले कुछ प्रामाणिक संदर्भ देना उचित होगा। 26 जनवरी, 1950 के दिन संविधान लागू हुआ था। उसी दिन से भारतीय मानस में…
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