गुरु पूर्णिमा पर सजी सुरों की महफ़िल

नीलाम्बरी यादव

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गुरूपूर्णिमा संगीत उत्सव
मुंबई के कुमार गंधर्व फाउंडेशन ने हर साल की तरह इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा को संगीत उत्सव का आयोजन किया। फाउंडेशन के तत्वावधान में शनिवार 06/08/2022 को सायं मैसूर एसोसिएशन हाल माटुंगा सेन्ट्रल मुंबई में सभी शिष्यों ने अपने गुरु को अपने गायन से स्वरांजलि अर्पित किया।
सर्व प्रथम कैप्टन नज़ीर उपाध्ये ने पंडित कुमार गंधर्व के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। राजेश पीथाडिया ने पायोजी मैंने राम रतन धन पायो  गाकर शुरुआत की तो अरहाना रामामूर्ति ने राग खमाज में बिसरत नाही ब्रज मोहे भैया सुनाकर मन मोहा। इसके बाद तीनताल और एकताल में शिव स्तुति गल भुजंग भष्म अंग  भी भावप्रवण होकर गाया।
दीपा अवस्थी और सदफ ने राग भीमपलासी में बिरज में धूम मचायो श्याम  तीनताल में तथा दादरा ताल में बरसन लागी बदरिया रूम झूम के सुनाया।  जिया गर्ग ने राग भूपाली में ई तन जोबन पर मान न करिए  तीनताल तथा मैं तेने समझावा को ताल कहरवा में प्रस्तुत किया। असिथा क्रमधारी ने राग केदार में सोच समझ मन मित पीहरवा  तीनताल में, योगेश कोठारी ने राग बागेश्री में कौन करत तोरी विनती पीहरवा  तीनताल में तथा तुमको देखा तो ये ख्याल आया  ग़ज़ल सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
संगीता जयभये तथा निशा अंबेकर ने राग भूपाली में तीनताल तथा ज्योति कलश छलके, मनस्वी कत्रे ने राग दुर्गा
में सखी मोरी रूम झूम  झपताल में सुनाया।
अनुज शर्मा ने राग यमन में अरी एरी आली पिया बिन  तीनताल में, सुनीता चौहान ने राग भूपाली में प्रथम नमन गणनायक चरणा, विनोद कुमार साव ने ऐसा प्यार बहा दे मइया  प्रस्तुत किया। गुरु पंडित परमानंद यादव ने राग भूपाली में तराना तथा एक भजन मेरे मन में राम तन में राम  प्रस्तुत कर समां बांध दिया। सभी ने आलाप, तान, तिहाई, लय, ताल, भाव के साथ अपना गायन प्रस्तुत किया।
सभी कलाकारों के साथ तबले से गुरशांत सिंह एवं हारमोनियम से अंजन भारद्वाज ने खूबसूरत संगत किया । कार्यक्रम का सुमधुर संचालन सदफ अब्दुल्ला ने किया । फाउंडेशन की ट्रस्टी नीलांबरी यादव ने सभी को प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में साहित्य, संगीत,कला पत्रकारिता से जुड़े लोग उपस्थित थे। श्रीमती के एस गांधी, श्रीमती दीक्षा अरूण, चंद्रावती यादव, संजीत यादव, श्वेता गर्ग इत्यादि लोग उपस्थित थे। पिछले 25 वर्षों से अनवरत यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। पंडित परमानंद यादव अपने शिष्यों को सिखाकर यह मंच प्रदान करते हैं।

 

नीलाम्बरी यादव कुमार गन्धर्व फाउंडेशन, मुंबई की ट्रस्टी हैं.  

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