चुनावी घोषणापत्र में सामाजिक न्याय

गाँव के लोग

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यूपी विधानसभा चुनाव 2020 जनता की उत्कंठाओं और उत्साह का आईना है. वह एक फासिस्ट और निरंकुश सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए बेताब है. उसके न जाने कितने सवाल हैं जिनके जवाब वह पाना चाहती है लेकिन उत्तर प्रदेश में सत्ता पर दावा करनेवाली पार्टियों के घोषणापत्र इस कसौटी पर खरा नहीं उतरते. इनमें सामाजिक न्याय और हाशिये के समाजों को मुख्यधारा में शामिल करने का कोई वायदा नहीं है. घोषणाओं का एक लोकलुभावन पुलिंदा वास्तव में निराशाजनक है . चर्चा में शामिल हो रहे हैं – जाने माने किसान नेता रामजनम और डायवर्सिटी मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच एल दुसाध.

 

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