आदिवासी समाज में महिलाओं का दर्ज़ा

गाँव के लोग

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माना जाता है कि आदिवासी समाज स्वायत्त और खुला हुआ समाज है जिसकी अपनी संस्कृति, रीति-रिवाज और मान्यताएं हैं. उसमें स्त्री-पुरुष सम्बन्ध बराबरी के दर्ज़े पर हैं लेकिन लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनसे पता लगता है कि वहाँ भी स्त्री शोषण और दमन एक सामान्य स्थिति है. इस विषय पर जानी मानी विदुषी अलका हेम्ब्रम से अपर्णा की बातचीत.

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