TAG
hindu dharm
बुद्ध की हड़पी गई विरासत पर प्रगतिशील इतिहासकारों की चुप्पी ने देश को हिन्दू फ़ासीवाद का तोहफा दिया
बीसवीं सदी के नौवें दशक में भारत में दो ऐसे आंदोलन हुए जिन्होंने देश की राजनीति की दशा हमेशा के लिये बदल दी। वे थे...
विवेकानंदः संन्यासी जिन्होंने हिन्दू धर्म के मानवतावाद पर प्रकाश डाला
गत 12 जनवरी को हमने स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन मनाया। इस भगवाधारी सन्यासी ने हिन्दू धर्म के आध्यात्मिक पक्ष पर जोर दिया और भारतीय...
साहसी प्रेमकुमार मणि का यथार्थपूर्ण इतिहास लेखन (डायरी, 11जनवरी 2022)
मामला इतिहास का है। असल में इतिहास को लेकर हम कभी भी निरपेक्ष नहीं रह सकते। जब मैं हम शब्द का उपयोग कर रहा...
वसुधैव कुटुम्बकम अर्थात भारत को एक रखना
अनेकता में एकता, यह वाक्यांश मैंने तभी सुन लिया था जब मैं स्कूल में पढ़ता था। मैं विजयादशमी के दस दिन पहले से होने...
कागजी है पैरहन, हर पैकर-ए-तस्वीर का (डायरी, 25 दिसंबर 2021)
पूरे साल का यह एकमात्र दिन होता है जब मैं खुद को गम के अंधेरे में पाता हूं। लगता ही नहीं है कि मेरे...
मेरा धर्म, मेरी पसंद
प्रस्तावित कर्नाटक धर्म स्वातंत्र्य विधेयक
दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते दबदबे के चलते, कई भारतीय राज्यों ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम बनाये हैं। विडंबना यह है कि...
गरीबी और जाति दोनों के परिचालन एवं प्रभाव की तीक्ष्णता तथा मारकता में ज़मीन-आसमान का अंतर होता है
तीसरा और आखिरी भाग
क्या ग़रीबी और जाति-भेद व्यक्ति को समान रूप से रोकते हैं या कोई अधिक घातक है?
ग़रीबी और जाति-भेद व्यक्ति के जीवन...
प्रकाश झा की मजबूरी (डायरी, 25 अक्टूबर 2021)
जाति और जातिगत हितों को भारत में सबसे अधिक महत्व ब्राह्मण वर्ग के लोग देते हैं। इसका एक ताजा उदाहरण है फिल्मकार प्रकाश झा,...
सात समंदर पार ले जाइके, गठरी में बांध के आशा….
वर्तमान पीढ़ी का एक गंभीर संकट जड़हीनता है। ऐसा इसलिए कि अधिकांश 'राजपत्र' और 'कनेक्टिविटी' से घिरी हुई जीवन शैली का आनंद लेते हैं,...
बचाव के लिए रखा हथियार भी आदमी को हिंसक बनाती है ( डायरी 17 अक्टूबर, 2022)
हस्तीमल हस्ती का एक शेर है–बैठते जब हैं खिलौने वो बनाने के लिए, उन से बन जाते हैं हथियार ये किस्सा क्या है। यह...
मूर्तियों से किसका भला होगा
मूर्तियां लोगों को मूर्ख बनाकर उनके अधिकारों को छीनने का तरीका है जबकि सरकार में उनकी जनसंख्या के हिसाब से उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने...
जाति भी पूछो साधु की !
जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान, /मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान।
महर्षि कबीर के इस दोहे को हम सबने बचपन...
गांधी को खारिज किया जाना जरूरी है डायरी (2 अक्टूबर, 2021)
मेरी बेटी अब बड़ी हो रही है। जैसे-जैसे वह बड़ी हो रही है, उसके सवाल भी बढ़ रहे हैं। आज ही उसने सुबह-सुबह फोन...
चरणजीत सिंह चन्नी सिक्ख हैं या रामदसिया सिक्ख? डायरी (25 सितंबर 2021)
जो हमारे धर्म के नहीं हैं, वे हमसे अलग हैं। उनके मत अलग हैं और उनके रहने-सहने का तरीका अलग होता है। यही सिखाया...

