Thursday, October 22, 2026
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वाराणसी में सर्व सेवा संघ को बचाने के लिए 100 दिन के सत्याग्रह का समापन

विनोबा जयंती, 11 सितम्बर 2024 को राजघाट वाराणसी में सर्व सेवा संघ परिसर के पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ शुरू हुआ 100 दिवसीय सत्याग्रह - न्याय के दीप जलाओ - के आज 19 दिसम्बर 2024 को 100 दिन पूरे हो गए

वाराणसी : नट बस्ती के लोगों का अंगूठा लगवाने के बावजूद कोटेदार नहीं देता राशन

विकास के दावे करने वाली भाजपा सरकार को शायद यह एहसास नहीं है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के नहवानीपुर गांव की नट बस्ती में सरकारी योजनाओं की असल स्थिति कुछ और ही है।

Varanasi : तीन किलोमीटर की रेंज के खिलाफ़ टोटो चालकों का सत्याग्रह

वाराणसी में ई-रिक्शा चालकों ने तीन किलोमीटर की रेंज के खिलाफ़ सत्याग्रह शुरू किया है। चालकों का कहना है कि इस नियम से उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा है और वे रोजगार की संभावनाओं को सीमित कर रहा है। अनशन पर बैठे चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस नियम को वापस लिया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। 

सरकार द्वारा बनाए गए शौचालय फेल: सामुदायिक शौचालय में 4 साल से लटका है ताला, खुले में जा रहे लोग

वाराणसी के सजोई गांव में सरकारी योजनाओं के तहत बनाए गए शौचालयों की स्थिति अत्यंत निराशाजनक है। चार साल पहले बनाए गए शौचालयों का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है. गांव में एक सामुदायिक शौचालय भी बनाया गया था, लेकिन उसमें चार साल से ताला लटका हुआ है। यह ताला बंद होने के कारण गांव वालों के पास उस शौचालय का उपयोग करने का कोई विकल्प नहीं है। घर में शौचालय की अनुपस्थिति के कारण महिलाओं को अंधेरे में खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। यह स्थिति न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण है, बल्कि उनकी सुरक्षा को भी खतरे में डालती है।

Varanasi : प्रशासन के डर से नट समुदाय के लोग नहीं कर पा रहे अपना पारंपरिक काम

बनारस की नट बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए आज़ादी का अमृत महोत्सव महज एक दिखावा बनकर रह गया है। वर्षों से उपेक्षित इस समुदाय के लोग, जो पारंपरिक कला और नृत्य के माध्यम से जीवन यापन करते हैं, आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

सप्तपदी और चौथी परम्पराएँ गुलामी और माँ-बहनों के अपमान की परम्पराएँ हैं

क्या ब्राह्मणवाद के खात्मे के लिए शूद्र आन्दोलन जरूरी है। इस मुद्दे पर शूद्र शिवशंकर सिंह यादव ने अपनी बातचीत में कहा कि यह...

जय भीम क्या कह रही है

फिल्म जय भीम आस्कर सम्मान पाने में असफल रही . भारत में इस फिल्म की लगातार और अनेक कारणों से चर्चा में रही है...

जाति और पुरुष वर्चस्व बीच दलित स्त्री का संघर्ष

दलित, फिर एक स्त्री और उस पर दोनों पैरों से लाचार एक स्त्री ने पुरुषवादी और मनुवादी सोच से लड़ते हुए लगातार उपेक्षा और...

मुल्कराज आनंद ने मुझसे पहला ही सवाल किया कि क्या तुम टॉयलेट साफ़ कर सकते हो?

भारत के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और चिन्तक-लेखक विद्या भूषण रावत सही अर्थों में एक जिंदादिल व्यक्ति हैं. अकेले बूते पर उन्होंने जितना काम किया...

नामदेव ढसाल ने कविता को क्रांति का पर्याय बना दिया

नामदेव ढसाल मराठी दलित कविता के जाज्ज्वल्यमान नक्षत्र हैं। उनका जीवन विकट परिस्थितियों से शुरू हुआ लेकिन अपने संघर्ष और साहस से उन्होंने इतिहास...

सैंयाँ मिले लड़कइयां मैं का करूँ

लोकगायिका मंगला सलोनी भोजपुरी की जानी मानी गायिका हैं .. उनकी दिलकश आवाज़ में सुनिए कुछ भोजपुरी लोकगीतhttps://www.youtube.com/watch?v=aNIuQEU7YZM
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