Friday, April 19, 2024
होमराष्ट्रीयमथुरा : बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के दौरान दो महिलाओं की...

ताज़ा ख़बरें

संबंधित खबरें

मथुरा : बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के दौरान दो महिलाओं की मौत

आस्था के केन्द्रों में बढ़ते हादसे पर कब गंभीर होंगी सरकारें धार्मिक स्थलों पर दुर्घटना की एक नई घटना फिर सामने आई है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंची दो महिलाओं की अलग-अलग कारणों से मौत हो गई है। एक महिला की मौत हार्ट अटैक से बताई जा रही है, […]

आस्था के केन्द्रों में बढ़ते हादसे पर कब गंभीर होंगी सरकारें

धार्मिक स्थलों पर दुर्घटना की एक नई घटना फिर सामने आई है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंची दो महिलाओं की अलग-अलग कारणों से मौत हो गई है। एक महिला की मौत हार्ट अटैक से बताई जा रही है, जबकि दूसरे महिला की मौत चोट लगने से बताई जा रही  है। जानकारी के मुताबिक बांके बिहारी के दर्शन के लिए ये महिलाएं लाइन में लगी हुई थीं।  पुलिस ने कहा कि दोनों महिलाओं की मौत बीमारी के कारण हुई हैं। मंदिर में लगातार बढ़ रही भीड़ को लेकर मंदिर प्रशासन पर भी अब सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार जबलपुर के आधारता निवासी मंजू मिश्रा अपनी बेटी के साथ बांके बिहारी के दर्शन करने पहुंची थीं। दोपहर करीब 12 बजे वो दर्शन के लिए लाइन में लगी थीं, तभी जयपुरिया गेस्ट हाउस के सामने अचानक भीड़ के दबाव में उनकी तबीयत बिगड़ गई और चक्कर आ गए। पुलिस जहां उनकी मृत्यु कि वजह बीमारी बता रही है वहीं दर्शनार्थियों के अनुसार निगम की मास्क लाइट गिरने से वह गिर गई और उनकी मौत हो गई।

वहीं बीना गुप्ता अपने परिजनों के साथ बांके बिहारी के दर्शन करने पहुंची थी। अधिक भीड़ होने के कारण महिला चक्कर खाकर गिर गईं और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि बीना की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई।

धार्मिक स्थलों पर इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी कई गंभीर घटनाएँ घटित हुई हैं बावजूद इसके प्रशासन लापरवाह बना रहता है।  बीते 28 जून को त्रिपुरा के उनाकोटी जिले में ‘उल्टा रथ यात्रा’ उत्सव के समय एक भयानक दुर्घटना हो गई। रथ यात्रा निकालने समय रथ हाईटेंशन तार के संपर्क में आया और उसमें आग लग गई। आग लगने से रथ मे बैठे हुए दो बच्चों समेत सात लोगों की  जलकर मौत हो गई और 15 लोग घायल अवस्था में अस्पताल ले जाए गए।

इसी वर्ष यानी 2023 की 30 मार्च को रामनवमी के दिन इंदौर, मध्य प्रदेश  में एक बड़ा हादसा श्रीबेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हवन के समय बावड़ी की छत धंस जाने से हुआ था। वहां मौजूद 50 से अधिक लोग बावड़ी के नीचे दब गए थे। इस हादसे में 36 लोगों की मौत हुई।

वर्ष 2022 में ही तीन बड़े हादसे हुए। वर्ष 2022 के पहले ही दिन यानी 1 जनवरी को जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णों देवी मंदिर में भगदड़ मचने से 12 लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हो गए थे। वहीं 21 अगस्त, 2022 को कृष्ण जन्माष्टमी के दिन वृन्दावन के बाँके-बिहारी मंदिर में मंगला आरती के समय हुई भगदड़ में दो लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हो गए थे। वहीं, 30 अक्टूबर, 2022 को गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बने एक संसपेन्शन पुल के गिर जाने से छठ पूजा देखने पहुंचे 141 लोग मौत के मुंह में समा गए थे। ये केवल भारत देश में घटी हुई दुर्घटनाएं हैं, लेकिन इस तरह की अनेक बड़ी दुर्घटनाएं हर वर्ष होती हैं।

गाँव के लोग
गाँव के लोग
पत्रकारिता में जनसरोकारों और सामाजिक न्याय के विज़न के साथ काम कर रही वेबसाइट। इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग और कहानियाँ देश की सच्ची तस्वीर दिखाती हैं। प्रतिदिन पढ़ें देश की हलचलों के बारे में । वेबसाइट की यथासंभव मदद करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय खबरें