होमविविध
विविध
विविध
फ़लिस्तीन की जमीनी हकीकत : यात्रा से लौटकर
एक ज़िंदा शहर के ज़िंदा लोग किस तरह से अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं कि उन्हें पानी, बिजली और काम के लिए जूझना पड़ रहा है। कॉमरेड विनीत अपनी फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान बेतेलहम, जेरूसलम, नाबलूस, जेनिन, आरमीनिया, जेरिकों तथा जोर्डन वैली गए थे। उन्होंने फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान हुई दुश्वारियों और अनुभवों को साझा किया। पढ़िए, वहाँ के कठिन जीवन के संघर्ष का विस्तार से वर्णन।
दिल्ली में दो-दिवसीय युवा सोशलिस्ट सम्मेलन का आयोजन
समाजवादी आंदोलन के 90 साल पूरा होने के ऐतिहासिक मौके पर युवा सोशलिस्ट पहल के तत्वावधान में दिल्ली में 31 अक्तूबर (आचार्य नरेंद्रदेव जयंती दिवस) से 1 नवंबर 2025 को दिल्ली में दो दिन के युवा सोशलिस्ट सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन राजेंद्र भवन (गांधी शांति प्रतिष्ठान के सामने), दीनदयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली) में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
आरएसएस ने भारत की आजादी में हिस्सा लेते हुए कौन सी कुर्बानियाँ दीं
आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने पर मोदी ने अपने भाषण में कहा कि देश की आजादी के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दीं और चिमूर जैसे कई स्थानों पर ब्रिटिश शासन का विरोध भी किया। उनके अनुसार राष्ट्र निर्माण में संघ का जबरदस्त योगदान है। लेकिन संघ का राष्ट्रवाद ‘अलग‘ था यह तब स्पष्ट हुआ जब पंडित नेहरू ने 26 जनवरी, 1930 को तिरंगा फहराने का आव्हान किया। हेडगेवार ने भी झंडा फहराने का आव्हान किया, किंतु भगवा झंडा फहराने का। हेडगेवार नमक सत्याग्रह में शामिल हुए थे क्योंकि उन्हें लगा कि यह जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों को अपने संगठन की ओर आकर्षित करने का एक अच्छा अवसर है। इसलिए उन्होंने सरसंघचालक के पद से इस्तीफा दिया, जेल गए और जेल से रिहा होने के बाद दुबारा वही पद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के प्रति हतोत्साहित किया। एक संगठन के रूप में आरएसएस ने किसी भी ब्रिटिश विरोधी आंदोलन में भाग नहीं लिया।
राजस्थान : माहवारी के लिए सुविधा की सरकारी योजनाओं से वंचित हैं लड़कियां
सरिता -
माहवारी से जुड़ी चुनौतियाँ केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं हैं बल्कि यह सीधे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समानता से जुड़ा मुद्दा है। जब लड़कियाँ पैड की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होती हैं, तो यह केवल उनका नुकसान नहीं बल्कि पूरे समाज का नुकसान है। सरकार और समाज यदि मिलकर सुनिश्चित करें कि हर गाँव में पैड और स्वच्छता सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों, तो लाखों लड़कियों का जीवन आसान हो सकता है
‘अडानी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ’ के नारे के साथ संयुक्त किसान मोर्चा ने मनाया कॉर्पोरेट विरोधी दिवस
किसान मोर्चा के नेताओं नेअपने विरोध प्रदर्शन में कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार को अपनी कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के विरोध में आम जनता और किसान समुदाय का तीखा विरोध झेलना पड़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में किसानों और आदिवासियों को लामबंद करने की योजना बनाते हुए आज कॉर्पोरेट विरोधी दिवस मनाया गया।
देशभर के समाजवादी-बहुजनवादी आजमगढ़ में मनाएँगे मुलायम सिंह यादव की प्रथम पुण्यतिथि
संविधान, लोकतंत्र, जाति जनगणना, महिला आरक्षण और मंडल कमीशन मुख्य विषय होंगे
निजामाबाद (आजमगढ़)। पूर्व रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की प्रथम पुण्यतिथि...
रायगढ़ के उरवा गाँव में जल-जंगल-ज़मीन के लिए कोयला सत्याग्रह
रायगढ़। गांधी जयंती के अवसर पर रायगढ़ के तहसील तमनार के ग्राम उरवा में 14वाँ कोयला सत्याग्रह किया गया। सत्याग्रह में देशभर के तमाम...
किसानों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष लिया संकल्प, न्याय के लिए तेज करेंगे संघर्ष
किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 संगठनों के सैकड़ों किसानों ने 30 किमी. की पदयात्रा की
किसानों की हत्या के लिए जिम्मेदार मंत्री अजय टेनी...
गर्भसमापन के दौरान महिलाओं का रखें विशेष ख्याल
वाराणसी। 'अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भ समापन दिवस' के अवसर पर आराजी लाइन वाराणसी में कार्यशाला का आयोजन हुआ। एशियन ब्रिज इंडिया के तत्वावधान में 'क्रिया'...
राजस्थान के अलवर से 28 सितंबर को निकाली जाएगी ‘ढाई आखर प्रेम’ पैदल यात्रा
नई दिल्ली। ढाई आखर प्रेम, पैदल यात्रा के संदर्भ में आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसे प्रसन्ना (थिएटर निर्देशक, राष्ट्रीय अध्यक्ष,...
सरकारी स्कूलों के बच्चों को दिया गया सुरक्षित रहने का प्रशिक्षण
आशा ट्रस्ट एवं रेड ब्रिगेड की संयुक्त पहल पर आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
वाराणसी। स्कूलों के बच्चों को सुरक्षित रहने और यौन दुर्व्यवहार से सतर्क रहने...

