अमरनाथ भाई, मेधा पाटेकर और योगेंद्र यादव ने गाँधी जयंती कार्यक्रम रोकने पर जताई नाराजगी

धनंजय त्रिपाठी

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दिनांक 2 अक्टूबर 2022 को हुए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में वरिष्ठ गाँधीवादी श्री अमरनाथ भाई ने बनारस में गाँधी जयंती कार्यक्रम रोके जाने पर नाराजगी जताई। राजस्थान में आयोजित विश्व अहिंसा दिवस / गाँधी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम सद्भावना सम्मान समारोह में देश के 5 वरिष्ठ गांधीजनों का सम्मान किया जा रहा है।
सर्व सेवा संघ के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ भाई उपरोक्त पांच में से एक हैं। राजस्थान से ही वीडियो सन्देश से उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा की ‘गाँधी जयंती कार्यक्रम को रोका जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा क्या लोकतंत्र में हो सकता है भला ? ये तो तानाशाही में होता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा की क्या देश में तानाशाही लागू है ? ये किसके आदेश से किया गया है ये बताया जाना चाहिए। मुझे विश्वास है की राज्य सरकार ऐसी बेबुद्धि नहीं हुई होगी।  ये जिले स्तर पर किसी अधिकारी का काम हो सकता है। इसकी जांच होनी चाहिए , राष्ट्रपिता के जयंती कार्यक्रम का रोका जाना कोई छोटी घटना नहीं है। इसकी जांच हो और दोषी अधिकारी को दण्डित किये जाने की जरूरत है।’

 

जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर ने सोशल मीडिया सन्देश के साथ अपना रोष प्रकट करते हुए कहा की ‘योगी सरकार ने आज पुलिस बल लगाकर साझा संस्कृति मंच की नफरत छोड़ो, संविधान बचाओ यात्रा रोक दी। क्या गांधी जयंती पर गांधी की प्रेरणा दोहराना भी मंजूर नहीं UP सरकार को ? या नफरत छोड़ना मंजूर नहीं ? क्या संविधान मंजूर नहीं ? 150 यात्रियों को पुलिस बटालियन खड़ी करके डराना, बताता है,जरूरत,हमारे अभियान की!
साथियों,आगे बढ़ो,वे रोकेंगे।हम नहीं झुकेंगे!’
स्वराज इण्डिया के नेता प्रख्यात शिक्षाविद डॉ योगेंद्र यादव ने ट्वीट करके सवाल उठाया कि ‘योगी राज में साझा संस्कृति मंच, बनारस को गांधी जयंती पर प्रभात फेरी तक की अनुमति नहीं देना यह दर्शाता है कि बापू के स्मरण से भी इन्हें डर लगता है।’
ज्ञातव्य है की बीते कल में गाँधी जयंती पर बनारस साझा संस्कृति मंच के आह्वान पर शांति एवं सद्भावना पदयात्रा प्रभात फेरी आयोजित थी, जो गाँधी जयंती पर एक परम्परागत प्रकृति का कार्यक्रम रहा है। बीएचयू गेट से ऐतिहासिक टाउनहॉल स्थित बा-बापू की प्रतिमा तक यह पदयात्रा प्रस्तावित थी।  इस यात्रा को वाराणसी पुलिस ने रोक दिया। शहर के गांधीवादियो ने इसको लेकर रोष प्रकट किया। सोशल मिडिया पर खबर चली और उसके बाद से ही एकजुटता में देश भर के शिक्षाविदों सामाजिक कार्यकर्ताओ, मिडियाकर्मियों राजनैतिक दलों के सन्देश  आ रहे हैं।
साझा संस्कृति मंच वाराणसी ने देश भर से आ रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं, गांधीवादियों, राजनैतिक दलों के बयान के प्रति आभार प्रकट किया है और जयंती कार्यक्रम रोके जाने के मामले में एसीपी भेलूपर वाराणसी पुलिस के खिलाफ जांच और कार्यवाही की मांग का स्वागत किया है।
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