Wednesday, May 29, 2024
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आवास और भूमि आवंटन की मांग करते हुए भदोही जिला कार्यालय में महिलाओं का प्रदर्शन

भदोही। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास के मौजूदा मानकों पर पिछड़े भदोही जिले में, संघर्ष की मशाल महिलाओं ने उठा ली है। ये बहुत ही साधारण और घर गृहस्थी में रमी महिलायें हैं जो आवास और ज़मीन की मांग लेकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रही हैं। 21 जून बुधवार को भूमि और आवास […]

भदोही। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास के मौजूदा मानकों पर पिछड़े भदोही जिले में, संघर्ष की मशाल महिलाओं ने उठा ली है। ये बहुत ही साधारण और घर गृहस्थी में रमी महिलायें हैं जो आवास और ज़मीन की मांग लेकर सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रही हैं।

21 जून बुधवार को भूमि और आवास आवंटन की मांग लेकर महिलायें जिला मुख्यालय पहुँची। औराई ब्लॉक की भवानीपुर गांव की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने डीएम गौरांग राठी को मांग प्रपत्र सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत करवाया। महिलाओं ने बताया कि वो  ग़रीब परिवारों की महिलायें हैं और उन लोगों के पास ज़मीन नहीं है। बिना ज़मीन के वो प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं ले सकती हैं न ही आवास का निर्माण करवा सकती हैं। महिलाओं ने बताया कि भूमि आवंटन की मांग लेकर वो पहले भी संबंधित अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन दे चुकी हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया है। महिलाओं का कहना है कि यदि उन्हें भूमि आवंटित कर दी जाये तो वो भी आवास बनाकर परिवार संग सुरक्षित जीवन जी सकेंगी। और अगर उनकी मांगें नहीं मानी गयी तो वो लोग सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेंगी।

भवानीपुर की सुनीता देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भदोही प्रशासन की उपेक्षा के चलते अनुसूचित जाति के लोगों को आवास आवंटन में मनमानी की जाती है। सपा नेत्री अंजनी सरोज ने इस मौके पर महिलाओं को भरोसा दिलाया है कि वो आवास आवंटन की प्रक्रिया में सहयोग करेंगी। इस मौके पर शीला देवी, रोशनी देवी, सरोजा देवी, फूलकुमारी देवी, सरस्वती देवी, चमेला देवी, रेशमा आदि बड़ी संख्या में महिलायें मौजूद रहीं।

[bs-quote quote=”पीड़ित महिला न्याय की गुहार लेकर पहले थाने फिर तहसील पहुंची लेकिन उसकी कहीं सुनवायी नहीं हुयी। महिला ने आरोप लगाया कि दबंगों, स्थानीय अधिकारियों और स्थानीय पुलिस के बीच सांठ गांठ करके उससे 30 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं।” style=”style-2″ align=”center” color=”” author_name=”” author_job=”” author_avatar=”” author_link=””][/bs-quote]

वहीं बीडीओ आर के मिश्रा का कहना है कि पीएम आवास निर्माण का कुल लक्ष्य एक हजार आवास का है।

इससे पहले 2 जनवरी, 2023 सोमवार को भी वित्तीय वर्ष 2022-23 में पीएम आवास योजना में धांधली को लेकर अभोली ब्लॉक के सेमरा निवासी महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया था। तब महिलाओं ने डीएम गौरांग रोठी से मुलाकात करके धांधली की जांच कराने की मांग की थी। सुमित्रा देवी, सोना देवी, सीता देवी, फोटो देवी ने डीएम से बताया था कि वो लोग साल 2022 में ऑनलाइन आवेदन कर पात्रता सूची में शामिल हुयी थी। लेकिन ब्लॉक प्रशासन ने उन्हें बाहर करके अपात्रों को शामिल कर लिया। महिलाओं ने आवास आवंटन में हेराफेरी को लेकर जांच की मांग की थी।

भदोही जिले में आवास आवंटन में घूस को लेकर पिछले साल एक घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी। दरअसल 17 दिसंबर 2021 को मौके पर पहुंचकर हल्का लेखपाल ने प्रभुनाथ से पीएम आवास के बदले 50 हजार की घूस की मांग की। घूस न देने पर पीएम आवास किश्त रोकने की धमकी भी दी थी। चूंकि ग़रीब परिवार के पास पैसे नहीं थे अतः तीन हजार रुपये तहसील जाकर हल्का लेखपाल को दे आया। अगले दिन हल्का लेखपाल ने आकर उसकी निर्माणाधीन पीएम आवास की शटरिंग आदि गिरा दी थी। मज़बूरन लेखपाल को आवास के बदले घूस देने के लिए प्रभुनाथ अपनी बीबी पंचुई के गहने बेंचने बाज़ार जा रहा था। इसी सदमें में उसकी बीबी पंचुई (65) की मौत हो गयी थी।

इसी तरह का एक मामला भदोही जिले के हिम्मतपुर बकुचियां का है। जहां 23 दिसंबर, 2022 को सुनीता पटेल नामक एक महिला शोले फिल्म के वीरू की स्टाइल में पानी की टंकी पर चढ़कर जान देने की धमकी देने लगी। जब लोगों और प्रशासन ने इकट्ठा होकर महिला से कारण पूछा तो महिला ने बताया कि वो प्रधानमंत्री आवास के लिए मिले पैसे से अपना घर बनवा रही थी। जब दूसरी किश्त आयी तो गांव के ही दबंगों ने उसे आवास बनाने से रोक दिया। पीड़ित महिला न्याय की गुहार लेकर पहले थाने फिर तहसील पहुंची लेकिन उसकी कहीं सुनवायी नहीं हुयी। महिला ने आरोप लगाया कि दबंगों, स्थानीय अधिकारियों और स्थानीय पुलिस के बीच सांठ-गांठ करके उससे 30 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। दरअसल, महिला के पुरखे उस ज़मीन पर कई साल से रहते आ रहे थे जबकि दबंगों ने दावा किया कि ये ज़मीन उनकी है। मामला चर्चित होने के बाद प्रशासन ने दोनों पक्षों को ज़मीन के कागज़ात के साथ थाने बुलाया।

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इसी तरह पिछले साल 2 नवंबर, 2022 को भदोही के जिलाधिकारी ने एक मामले में जिलाधिकारी स्तर की जांच बिठायी थी। मामला यह था कि भदोही में वनवासियों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत धन आवंटित किये गये थे लेकिन चार साल बीतने के बाद भी उनका आवास निर्माण का कार्य पूरा नहीं हो पाया। मामला भदोही के पिपरिस टून गांव का था। जहां साल 2018 में राजकुमार, श्यामलाल, प्रमोद, मनोज, मेंहीलाल, मुसत्तू, संजय, रमेश, जोगेंद्र आदि को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत धन आवंटित किया गया था। लेकिन पूरी धनराशि ज़ारी होने के बावजूद इन लोगों का आवास कार्य पूरा नहीं हो पाया। योजना के तहत कुल 9 लोगों को 1 लाख, 10 हजार रुपये मिले थे, जिनमें से सात का आवास कार्य अधूरा था। बाद में सीडीओ बीपी सिंह ने बताया कि जांच के लिए गांव पहुंचे पीडी ने बताया कि छः लाभार्थी गांव छोड़कर कहीं चले, एक लाभार्थी की मौत हो गयी।

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