बढ़ती मंहगाई के बीच गैस सिलेंडर के दाम 200 रूपये घटाए गये हैं। इस खबर को लेकर सत्ता पक्ष खुशी की लहर बनाना चाहता है पर विपक्ष ने इसे पूरी तरह से चुनावी नौटंकी करार दिया है। लंबे समय से बढ़ती हुई कीमत पर अचानक साढ़े नौ साल बाद एकबारगी 200 रुपये की छूट देकर सरकार ने जनता को आभासी तौर पर खुश करने की कोशिश जरूर की है पर जनता भी अब इतनी समझदार हो चुकी है कि चुनावी चारे को अच्छी तरह पहचानती है।
फ़िलहाल विपक्ष ने गैस सिलेन्डर के दाम में महज 200 रूपये की सब्सिडी देकर एक बार फिर से गरीबी रेखा के नीचे के लोगों को लुभाने की कोशिश की है। भाजपा जहां इसे रक्षाबंधन पर सरकार की ओर से देश के लिए तोहफा बता रही है वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे इंडिया का डर बताया है।
मल्लिकार्जुन ने x (ट्वीटर का नया नाम) पर लिखा है कि, ‘जब वोट लगे घटने, तब तोहफे लगे बटने। जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाली, निर्दयी मोदी सरकार, अब माताओं बहनों से दिखावटी सद्भावना जता रही है। साढ़े नौ सालों तक 400 का #एलपीजी सिलेन्डर 1100 रुपये में बेच कर आम आदमी की जिंदगी तबाह करते रहे।
तब कोई “स्नेह भेंट” की याद क्यों नहीं आई ?
भाजपा सरकार ये जान ले कि 140 करोड़ भारतीयों को साढ़े 9 साल तड़पाने के बाद “चुनावी लॉलीपॉप” थमाने से काम नहीं चलेगा।आपके एक दशक के पाप नहीं धुलेंगे।
भाजपा लागू कमरतोड़ महँगाई का मुक़ाबला करने के लिए, कांग्रेस पार्टी पहली बार कई राज्यों में ग़रीबों के लिए केवल ₹500 का सिलेंडर करने वाली है। कई राज्य, जैसे राजस्थान, इसे लागू भी कर चुके हैं।
मोदी सरकार ये जान लें कि 2024 में देश की परेशान जनता के ग़ुस्से को ₹200 की सब्सिडी से कम नहीं किया जा सकता।
INDIA से डर अच्छा है, मोदी जी !
जनता ने मन बना लिया है।
महँगाई को मात देने के लिए भाजपा को Exit Door दिखाना ही एकमात्र विकल्प है।
जब वोट लगे घटने, तो चुनावी तोहफ़े लगे बटने !
जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाली, निर्दयी मोदी सरकार, अब माताओं-बहनों से दिखावटी सद्भावना जता रही है।
साढ़े 9 सालों तक ₹400 का #LPG सिलेंडर, ₹1100 में बेच कर, आम आदमी की ज़िंदगी तबाह करते रहे, तब कोई “स्नेह भेंट” की याद क्यों नहीं…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) August 29, 2023
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी चुनावी समय में घरेलू गैस सिलेन्डर का दाम घटाने पर तंज़ कसा है। उन्होंने कहा है कि, ‘100 महीने की लूट फिर 200 की छूट’
• सौ महीनों की लूट… फिर 200/- की छूट!
• लगता है भाजपा के कैलेंडर में ओणम और रक्षाबंधन दस साल में एक बार ही आता है।
• ऐसा करके भी लोग मुस्कुरा कैसे लेते हैं?
• अब भाजपाई ‘धन्यवाद’ का धारावाहिक भी शुरू कर देंगे।
• ये जनता के साथ सरासर धोखा है।— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 29, 2023
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सरकार पर चाबुक चलाते हुये कहा है कि, ‘पहले मोदी सरकार ईंधन पर 30 लाख करोड़ की मुनाफाखोरी करती है फिर LPG पर 200 रूपये की कटौती कर देश की आँखों में धूल झोंकती है।
पहले मोदी सरकार ईंधन पर 30 लाख करोड़ रुपए की मुनाफाखोरी करती है।
फिर LPG पर 200 रुपए की कटौती कर देश की आंखों में धूल झोंकती है।
सच्चाई ये है कि INDIA की ताकत ने मोदी सरकार को कटौती के लिए मजबूर कर दिया।
: @SupriyaShrinate जीpic.twitter.com/svq4cVbNpx
— Congress (@INCIndia) August 30, 2023
सरकार ने क्या कहा
भारत सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट को रीट्वीट करते हुये लिखा है, ‘रक्षाबंधन का पर्व अपने परिवार में खुशियाँ बढ़ाने का दिन होता है। गैस की कीमत में कटौती होने से मेरे परिवार की बहनों की सहूलियत बढ़ेगी और उनका जीवन और आसान होगा।
रक्षाबंधन का पर्व अपने परिवार में खुशियां बढ़ाने का दिन होता है। गैस की कीमतों में कटौती होने से मेरे परिवार की बहनों की सहूलियत बढ़ेगी और उनका जीवन और आसान होगा। मेरी हर बहन खुश रहे, स्वस्थ रहे, सुखी रहे, ईश्वर से यही कामना है। https://t.co/RwM1a1GIKd
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2023
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा है की ‘मोदी जी ने रक्षाबंधन व ओणम के पावन अवसर पर देश की माताओं-बहनों के लिए घरेलू सिलेंडर पर ₹200 की सब्सिडी को मंजूरी दी है। इस फैसले से उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले गैस सिलेंडर की कुल सब्सिडी अब ₹400 हो जाएगी। इससे बदलते वैश्विक परिदृश्य के कारण बढ़ी महँगाई से जनता को राहत मिलेगी। साथ ही, कैबिनेट ने 75 लाख नये उज्ज्वला कनेक्शन को भी मंजूरी दी है, जिससे गरीब और जरूरतमंद माताओं को धुएँ के अभिशाप से मुक्ति मिलेगी। इन जनकल्याणकारी निर्णयों के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार।
मोदी जी ने रक्षाबंधन व ओणम के पावन अवसर पर देश की माताओं-बहनों के लिए घरेलू सिलेंडर पर ₹200 की सब्सिडी को मंजूरी दी है। इस फैसले से उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले गैस सिलेंडर की कुल सब्सिडी अब ₹400 हो जाएगी। इससे बदलते वैश्विक परिदृश्य के कारण बढ़ी महँगाई से जनता को राहत…
— Amit Shah (@AmitShah) August 29, 2023
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्विट किया कि आमजन के जीवन को सुगम-सुखद बनाने हेतु अविराम गतिशील आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट ने घरेलू गैस सिलेंडर के मूल्य को ₹200 सस्ता करने तथा ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के अंतर्गत 75 लाख नए गैस कनेक्शन प्रदान करने का अभिनंदनीय निर्णय लिया है। पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मार्च, 2023 में प्रदान की गई ₹200 की सब्सिडी के अलावा यह राहत अतिरिक्त होगी। इस प्रकार, लगभग 10.35 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थियों को ₹700 में गैस सिलेंडर प्राप्त होगा। करोड़ों माताओं-बहनों को स्नेह पर्व रक्षाबंधन का उपहार देने हेतु प्रदेश की मातृशक्ति की ओर से आपका हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी!
आमजन के जीवन को सुगम-सुखद बनाने हेतु अविराम गतिशील आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट ने घरेलू गैस सिलेंडर के मूल्य को ₹200 सस्ता करने तथा 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के अंतर्गत 75 लाख नए गैस कनेक्शन प्रदान करने का अभिनंदनीय निर्णय…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 29, 2023
सरकार के समर्थक इस 200 रूपये की सब्सिडी दिये जाने को लेकर जहां प्रधानमंत्री के धन्यवाद और आभार का कैपेन चला रहे हैं वहीं विपक्ष इसे तमाशा और चुनावी इवेंट बता रहा है।
ज्ञात रहे कि केंद्र सरकार ने पिछले साल सिर्फ उज्ज्वला योजना के तहत वितरित गैस सिलेन्डर पर 200 रूपये की सब्सिडी का ऐलान किया था। अब 200 रूपये की सब्सिडी आ जाने से आम उपभोक्ता को जहां सिलेन्डर के दाम में 200 रूपये की बचत के बाद, सिलेन्डर के लिए 1000 रूपये के आस-पास (हर राज्य में मूल्य में अंतर हो सकता है) देना पड़ सकता है। सिलेन्डर के मूल्य में हुई यह छोटी सी बचत फिलहाल आम उपभोक्ताओं के जीवन में कोई मुस्कान लाती नहीं दिख रही है।
मंहगाई की गिरफ्त में आम आदमी खुद को इतना तनावग्रस्त महसूस कर रहा है कि उसे 200 रुपये की यह बचत एक ओर जहां गर्म तवे पर पानी की छीट से ज्यादा कुछ नहीं महसूस हो रहा है वहीं रक्षाबंधन का त्योहार होने की वजह से सिलेन्डर पहले से ही घर आ गया था जिसकी वजह से इस बचत का तात्कालिक फायदा भी नहीं मिल पायेगा ।

घरेलू गैस सिलेंडर का दाम कम होने पर रामनगर की श्वेता कुमारी बतातीं हैं कि 200 रुपये आम आदमी के जीवन में काफी मायने रखते हैं। कुछ वर्षों से जो महँगाई बढ़ रही है उसमें सिलेंडर के दाम 200 रुपये कम करना ऊँट के मुँह में जीरा… के समान है। श्वेता ने कहा कि इस निर्णय को केंद्र सरकार का चुनावी स्टंट भी कहा जा सकता है। ऐसा नहीं कि इससे पहले भी रक्षाबंधन का त्योहार पड़ता था, ऐसे निर्णय उस समय तो नहीं लिए गए। चूँकि कुछ महीने बाद ही लोकसभा चुनाव है, तो ऐसे निर्णय वोट बैंक बनाने के काम आएँगे।

वहीं, रिम्मी कौर ने बताया कि गरीब तबके के लिए यह बड़ी बात हो सकती है, क्योंकि उज्ज्वला योजना से जुड़े काफी लोगों ने सिलेंडर से दूरी बना ली थी। बढ़े हुए दाम के कारण ही लोग दो-तीन महीने पर सिलेंडर खरीदते थे। हालत यह हो गई थी कि एक समय सिलेंडर तो दूसरे समय इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा था। 200 रुपये प्रति सिलेंडर दाम करना अच्छी बात तो है लेकिन आने वाले दिनों में अगर दाम फिर बढ़ गए तो यह आसानी से समझा जा सकता है कि यह सरकार का चुनावी लॉलीपॉप था।
जौनपुर जिले के देवापार गाँव की निवासी शकुंतला यादव ने बताया कि लोकसभा चुनाव नज़दीक है, इसलिए सरकार ने सिलेंडर का दाम कम करके लाखों परिवारों को लुभाने की कोशिश की है। भाजपा सरकार में ही सिलेंडर के दाम ज़्यादा बढ़े हैं। साढ़े चार सौ का गैस सिलेंडर अब 11 से 12 सौ रुपये हो गया। अब 200 रुपये दाम कम करके कुछ खास राहत नहीं पहुँचाए हैं। ठीक तब होगा जब धीरे-धीरे करके दाम और कम हो जाए।

ढेलवरिया की मोहिनी ने बताया कि यह खबर तो अच्छी है लेकिन सिलेंडर का थोड़ा और कम हो जाता तो गृहणियों को काफी राहत मिल जाती। 2014 के बाद पहली बार सिलेंडर के दाम में 200 रुपये की एकमुश्त गिरावट आई है। इसे चुनावी नज़रिए से ज़रूर देखा जा रहा है, लेकिन सरकार आगे भी सिलेंडर के दाम और कम करे तो ज़्यादा बेहतर रहेगा। सिलेंडर के दाम बढ़ाने के मामले में भाजपा सरकार की काफी किरकिरी हो चुकी थी। दाम कम करने का निर्णय भाजपा पर लगे आरोप-प्रत्यारोप को थोड़ा कम करेगा।
गैस सिलेन्डर के राजनीतिकरण का बड़ा श्रेय हमेशा से ही भाजपा को जाता रहा है । विपक्ष में रहने के दौरान स्मृति ईरानी तो सड़क पर सिलेन्डर के साथ प्रदर्शन करने आ जाती थी। यह बात अलग है कि तब गैस 400 रुपये में मिल जाता था पर अब जबकि वह मंत्री हैं तब वह 1000-1200 रुपये के दाम पर भी चुप्पी साध जाती हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव से पूर्व भी गैस ने चुनावी आग में एक सरकार जलाई थी और 2024 में एक बार फिर गैस ने चुनावी आग तो लगा ही दी है अब सरकार जलती है या विपक्ष यह तो वक्त ही बताएगा।




