Friday, February 23, 2024
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सांसद निरहुआ के बयान से आक्रोश में हैं आजमगढ़ के किसान

अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का चुनावी अभियान निरहुआ को पड़ेगा महंगा: राजीव यादव आजमगढ़/ लखनऊ। सांसद निरहुआ द्वारा फेसबुक पर ‘अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाना है, कमल का बटन दबाना है…’ वाले वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि जिस अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट को खिरिया बाग आंदोलन के किसान एक इंच जमीन नहीं […]

अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का चुनावी अभियान निरहुआ को पड़ेगा महंगा: राजीव यादव

आजमगढ़/ लखनऊ। सांसद निरहुआ द्वारा फेसबुक पर ‘अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाना है, कमल का बटन दबाना है…’ वाले वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि जिस अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट को खिरिया बाग आंदोलन के किसान एक इंच जमीन नहीं देना चाहते, उसके नाम पर निरहुआ का चुनावी अभियान भाजपा को महंगा पड़ेगा। खिरिया बाग और अंडिका बाग आंदोलनों ने संघर्ष की जो जमीन तैयार की है उसमें अब कीचड़ नहीं है, जो कमल खिल पाएगा। जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय (NAPM) के राष्ट्रीय समन्वयक किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि आजमगढ़ के सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट को नाक का सवाल न बनाएं। किसान निरहुआ समेत भाजपा को 2024 में करारा जवाब देगा।

किसान नेता ने कहा कि कभी कलेक्ट्रेट तो कभी आरएसएस के कार्यक्रम में, तो कभी तालाब किनारे हाथ में कमल लेकर अंतराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का डायलॉग निरहुआ का अहंकार है, जो मिट्टी में मिल जाएगा। निरहुआ को भूलना नहीं चाहिए कि मोदी को किसानों की बात माननी पड़ी। खिरिया बाग और अंडिका बाग के आंदोलनों की मांगों को लेकर पूर्वांचल समेत सूबे में अभियान चलाकर बताया जाएगा कि भाजपा ने किस तरह से निरहुआ जैसे अगंभीर, असभ्य व्यक्ति को सांसद बनाया है, जो किसानों के खिलाफ डायलॉग बाजी करते हैं।

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राजीव यादव ने कहा कि निरहुआ ने मंदुरी में तैयार आजमगढ़ हवाई अड्डे को घरेलू उड़ान के लिए नाकाफी बोलकर रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद एयरलाइन कंपनियों से बातचीत की गई जिस पर उन्होंने कहा कि घरेलू उड़ान संभव नहीं। जब घरेलू उड़ान नहीं हो सकती थी, तो क्यों बनाया गया हवाई अड्डा? एयरलाइन कंपनियों से यह बात हवाई अड्डे पर धन खर्च करने से पहले क्यों नहीं की गई? जब घरेलू उड़ान संभव नहीं है तो किस आधार पर बोला जाता रहा कि जल्द शुरू होगी उड़ान…। बिना पर्याप्त जमीन के कैसे एयरपोर्ट का कार्य शुरू किया गया और इसे पूरा होने की बात भी कैसे कही गई। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा नवंबर 2018 से अप्रैल 2019 में 1821.49 लाख और जीएसटी खर्च किए गए। सांसद के बयान ने साफ कर दिया कि लाखों, करोड़ खर्च से बना आजमगढ़ एयरपोर्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।

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