Wednesday, July 17, 2024
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बाबा साहब का अधूरा काम जाति व्यवस्था को उखाड़ फेंकने की परियोजना है

आज बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का 67वां परिनिर्वाण दिवस है। आजादी के बाद भारत के दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज को संविधान के माध्यम...

डॉ. अंबेडकर के मूल्यों पर हमला और उनकी मूर्ति पर माला चढ़ाने वाले आज ताकत के चरम पर हैं

भारतीय जाति-व्यवस्था की घृणास्पद, रूढ़िवादी परंपरा के शिकार अस्पृश्य जातियों के लोगों के लिए मुक्ति का उत्सव है, भीमा कोरेगाँव उत्सव। हजारों सालों से...

धुर विरोधी होने के बावजूद सिर्फ वोट के लिए आंबेडकर का गुणगान कर रहा है आरएसएस

आरएसएस और अम्बेडकर की विचारधाराएं भारतीय राजनीति के दो विपरीत ध्रुव हैं। जहाँ अम्बेडकर जाति के विनाश, प्रजातान्त्रिक मूल्यों की स्थापना और सामाजिक न्याय...

 बहुजन आर्थिक स्वतन्त्रता का नया प्रवेशद्वार, बिहार में नौकरी की बहार

3 अगस्त, 2023 को एक अखबार में  ‘बिहार में महागठबंन सरकार का बड़ा दाँव :चुनाव से पहले 1.78 लाख टीचर्स भर्ती की तैयारी, जल्द...

बहुजन समाज को कैसे मोहने वाली है भाजपा

2014 के चुनावों में कांग्रेस विरोधी हवा और मोदी के बड़े-बड़े वादों से प्रभावित होकर दलित समाज के पढ़े-लिखे हिस्से ने भारतीय जनता पार्टी...

सनातन के हर शोषित-पीड़ित को सनातन को उखाड़ फेंकने का अधिकार है

वेंकट रामास्वामी के पिता वेंकटप्पा नायडू तमिलनाडु के ईरोड शहर के धनी व्यापारी थे, इसलिए घर पर भजन-कीर्तन तथा हिंदू महाकाव्य (रामायण, महाभारत और...

राम मंदिर को लेकर बेवजह नहीं है उद्धव ठाकरे की चेतावनी

डीएमके के उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म सम्बन्धी टिप्पणी के कुछ दिन बाद ही भाजपा ने एक बार फिर हमलावर रुख अख्तियार कर लिया...

बुद्ध और अंबेडकर अवसरवादी राजनीति के लिए तोता-रटंत टूलकिट क्यों बन गए हैं?

दलित, आदिवासी या कोई भी अन्‍य किसी धर्म में धर्मांतरण करे या नास्तिक हो जाए, उसे हतोत्‍साहित करने का अधिकार राजनीति विशेष व पालतू छुटभैयों को कैसे मिल जाता है। क्‍या वे देश से अलग किसी और संविधान को मानते हैं? उन्‍हें यह अधिकार किसने दिया कि वे किसी का सिर काटने व पचास लाख का इनाम घोषित करें। 

निरंकुश सरकार से डाइवर्सिटी एजेंडा लागू करवाना बहुत बड़ी राजनीतिक जीत होगी

इच्छा शक्ति के अभाव में बहुजन नेतृत्व इसके सदव्यवहार से मीलों दूर रहे। क्रांति का अध्ययन करने वाले तमाम समाज विज्ञानियों के मुताबिक़ जब वंचित वर्गों में सापेक्षिक वंचना का भाव पनपने लगता है, तब उन में शक्ति संपन्न वर्ग के खिलाफ आक्रोश की चिंगारी फूट पड़ती है और वे शासकों को सत्ता से दूर धकेल देते हैं।

सामाजिक न्याय और समता के लिए लड़ता रहा बीसवीं सदी का यह लोककवि

सामाजिक न्याय सभी मनुष्यों को समान मानने पर आधारित है। इसके अनुसार किसी भी व्यक्ति के साथ सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक आधार पर किसी...

भारतीय राजनीति के विपरीत ध्रुव हैं अम्बेडकर और सावरकर

इंडियन एक्सप्रेस (3 दिसंबर, 2022) में प्रकाशित अपने लेख नो योर हिस्ट्री में आरएसएस नेता राम माधव लिखते हैं कि राहुल गांधी, अम्बेडकर और...

डॉ. अम्बेडकर परिनिर्वाण दिवस एवं बाबरी मस्जिद शहादत दिवस पर विचार गोष्ठी

दरभंगा। लोकतंत्र के अमर शिल्पी बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस तथा बाबरी मस्ज़िद शहादत दिवस के मौके पर जन संस्कृति मंच, दरभंगा द्वारा...

कैसे डॉ. अंबेडकर ने मेरी जीवनधारा बदली

आज 6 दिसंबर है। आज के दिन डॉ. अंबेडकर का परिनिर्वाण हुआ था। विचारों की एक मशाल से लाखों-करोडो़ं शूद्रों को मानसिक गुलामी से...

अम्बेडकर के लिए काम कीजिये वर्ना लोग भूल जाएँगे

आज 6 दिसंबर है। 1956 में इसी दिन समय ठहर सा गया था, जब सदियों के दबे-कुचले अछूतों, सताए व दबाये गए लोगों तथा...

संविधान और डॉ. अम्बेडकर

भारत की स्वतंत्रता कोई एकाकी घटना नहीं थी। वास्तव में इसके साथ आजादी के मायनों की गंभीर पड़ताल भी जुड़ी हुई है। इसी के...

डॉ. अंबेडकर की तस्वीर पर माला और उनकी 22 प्रतिज्ञाओं के विरोध की दोमुंही राजनीति

दिल्ली की ‘आप' सरकार में मंत्री राजेंद्र पाल गौतम से हाल में उनका इस्तीफा ले लिया गया। उन्होंने 5 अक्टूबर (अशोक विजयादशमी दिवस) को दिल्ली...

घड़ा छूने पर दलित छात्र की हत्या महाड़ जल सत्याग्रह के खिलाफ अपराध है

भारत देश में सदियों से अनुत्तरित जातीय भेदभाव का प्रश्न आज का भी सबसे बड़ा प्रश्न बना हुआ है। शायद दुनिया का ऐसा कोई...

अम्बेडकर के चावदार तालाब से लेकर इंद्र मेघवाल तक

गत 20 जुलाई, 2022 को राजस्थान के जालौर में सरस्वती विद्या मंदिर के 9 वर्षीय विद्यार्थी इंद्र मेघवाल की उसके शिक्षक ने पिटाई की।...

आजादी के 75 वर्षों बाद भी अपरकास्ट का वर्चस्व क्यों नहीं टूटा?

डॉ. सिद्धार्थ रामू समकालीन भारत के बेहतरीन लेखकों में एक हैं, जिनका लिखा खासतौर से वंचित बहुजन समाज के लोग बहुत चाव से पढ़ते...

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