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अंध भक्त ही नहीं, अपशब्द और नफरती भाषण देने में सर्वोच्च नेता भी पीछे नहीं

देश में नफरत फैलाने वालों को राज्य का संरक्षण प्राप्त है, यहां तक ​​कि केंद्र सरकार ने हाल ही में भारत मंडपम में सनातन राष्ट्र शंखनाद की बैठक के लिए 63 लाख रुपए दिए। इस कार्यक्रम में मुसलमानों के खिलाफ भाषण दिए गए, जिनका मुख्य विषय हिंदू राष्ट्र की मांग था। मुंबई स्थित सेंटर फॉर स्टडी ऑफ सोसाइटी एंड सेक्युलरिज्म द्वारा प्रस्तुत एक हालिया अध्ययन में घृणास्पद भाषणों के प्रकारों और विवरणों का गहन विश्लेषण किया गया है। इस अध्ययन के अनुसार, 2024 से 2025 के बीच घृणास्पद भाषणों की संख्या में कमी आई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि सबसे अधिक घृणास्पद भाषण महाराष्ट्र सरकार में मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे (10) ने दिए, उसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (6), असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पांच-पांच भाषण दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन घृणास्पद भाषण दिए।

मोहम्मद दीपक : देश में बिगड़ती दोस्ती के हालात में भाईचारा बनाए रखना

लोकतंत्र को एक सांप्रदायिक राष्ट्रवादी देश में बदलने की इस कोशिश के दौरान, उन्होंने खासकर मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ नई-नई भाषाएं और नारे बनाए। अब हालात बहुत खराब हैं। सामाजिक कॉमन सेंस मुसलमानों के खिलाफ नफरत से भरा है और यह दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन हिंदू राष्ट्रवाद के मानने वालों की फैलाई गई नफ़रत की बाढ़ में इंसानियत पूरी तरह खत्म नहीं हो जाएगी। दीपक उन गहरे हिंदू-मुस्लिम रिश्तों का जीता-जागता उदाहरण हैं जो यहां पहले थे लेकिन अब एक अपवाद बन गए हैं।

छत्तीसगढ़ को नफरत की नर्सरी बना रही है भाजपा

अंग्रेजों के समय से आज तक इस देश में ईसाई शैक्षणिक संस्थाएं सेवा और उत्कृष्टता के केंद्र हैं। ईसाई समुदाय, विशेष रूप से ननों और पादरियों ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सेवा क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। यही कारण है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित संघी गिरोह के कई बड़े नेता, जो आज हिंदुत्व के पुजारी बने हुए हैं, इन्हीं शिक्षा संस्थाओं से पढ़कर निकले हैं और उनका हिंदुत्व की कोई नसबंदी नहीं हुई है। इसलिए ईसाई संस्थाओं पर धर्मांतरण का थोक के भाव में आरोप लगाने का एक ही उद्देश्य है कि उनकी धार्मिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित किया जाए और समाज में सांप्रदायिक विभाजन किया जाए।

क्या मुसलमानों के बाद अब ईसाइयों की बारी है?

आए दिन ईसाई धर्म के लोगों के साथ-साथ उनके चर्च, नन और पादरियों पर धर्मांतरण के आरोप लगाकर हिंसक हमला कर उत्पीड़ित किया जा रहा है। भारत में ईसाइयों के उत्पीड़न का मुख्य स्रोत संघ परिवार है, जो हिंदू चरमपंथियों का एक संगठन है, जिसमें आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) नामक प्रभावशाली अर्धसैनिक और रणनीतिक समूह, भाजपा, प्रमुख राजनीतिक दल और बजरंग दल, एक हिंसक युवा शाखा शामिल है।

छत्तीसगढ़ धर्मांतरण मामला : झूठे साबित हुए हिंदुत्व के ठेकेदार, ननों को मिली जमानत

फिलहाल सिस्टर प्रीति मैरी, वंदना फ्रांसिस और आदिवासी युवक सुखमई को जमानत मिल गई है। इस प्रकरण में पूरे देश में हुए हंगामे के बाद एनआईए अदालत से आरोपियों को जमानत मिलने का एक ही अर्थ है कि सरकार के प्रथम दृष्टया सबूतों को अदालत ने खारिज कर दिया है।

लव जिहाद : कट्टरपंथी राजनीति के दौर में न्याय प्रणाली पर खड़े होते सवाल

हिन्दुत्ववादी संगठन, किसी न किसी बहाने मुसलमानों को टार्गेट करता ही रहता है, चाहे वह लव जिहाद के नाम पर हो, धर्म के नाम पर हो या गौ रक्षा के नाम पर। जब ऐसी कोई घटना होती है, उसमें मुसलमानों को खोजा जाता है, जैसे देश में सबसे बड़े अपराधी मुसलमान हैं। इस तरह की घटना वर्ष 2014 के बाद बहुत ज्यादा बढ़ गईं हैं। इसमें देश की कार्यपालिका, विधायिका के साथ न्यायपालिका भी शामिल है। जब न्यायपालिका भी इस तरह के अंजाम को बढ़ावा दे रही हो, तब इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा होना वाजिब है.

मोनू मानेसर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला गुरुग्राम सत्र अदालत को सौंपा गया

गुरुग्राम (भाषा)।  हरियाणा के गुरुग्राम में पटौदी की एक अदालत ने कथित गोरक्षक और बजरंग दल के कार्यकर्ता मोनू मानेसर के खिलाफ हत्या के...

हत्या की कोशिश के मामले में मोनू मानेसर को14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

गुरुग्राम, (भाषा)।  पटौदी की अदालत ने बुधवार को कथित गो रक्षक और बजरंग दल कार्यकर्ता मोनू मानेसर को हत्या की कोशिश के मामले में...

सख्त क़ानून भी नहीं रोक सके रेप, राजनीतिक संरक्षण में ताकतवर हुए रेपिस्ट

साल 2012 में दिल्ली में एक रेप हुआ था। इस रेप की भयावहता ने पूरे देश में एक आन्दोलन खड़ा कर दिया। उस समय...

क्या बजरंग बली का पर्याय हो सकता है बजरंग दल?

कर्नाटक विधानसभा चुनाव (मई 2023) के लिए अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने नफरत फैलाने वाले संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। अपने...

आबिद-अय्यूब को हटाने के हुकुम के बाद मैहर और मुल्क में अगला नम्बर किसका?

मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक प्रसिद्ध मन्दिर है। इसे शारदा देवी के मन्दिर के नाम से जाना जाता है। हाल ही में मध्यप्रदेश...

इन जुल्मों के दौर की दास्तां

आए गए कितने यहाँ/ कितने हुए फितने यहाँ, एक तुम ही नहीं हो हुक्मरान/ कि हुकूमत की जिसने यहाँ, मटियामेट करके मुल्क को/ मिट्टी में दफ्न...

अपनी रीढ़ मजबूत करें प्रकाश झा (डायरी 26 अक्टूबर 2021)  

अभिव्यक्ति के अधिकार को संविधान में मौलिक अधिकारों में रखा गया है। इस अधिकार के कारण ही देश में साहित्य, मीडिया, थियेटर व सिनेमा...

अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला: शूटिंग के दौरान हिंसा और उत्पात

राष्ट्रीय सेक्युलर मंच ने विगत 24 अक्तूबर को भोपाल में एक वेब सीरीज की शूटिंग के दौरान बजरंग दल के लोगों द्वारा हिंसा और...

प्रकाश झा की मजबूरी (डायरी, 25 अक्टूबर 2021)

जाति और जातिगत हितों को भारत में सबसे अधिक महत्व ब्राह्मण वर्ग के लोग देते हैं। इसका एक ताजा उदाहरण है फिल्मकार प्रकाश झा,...

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