एक पीढ़ी का अत्याचार दूसरी पीढ़ी की परंपरा बन जाती है – शूद्र शिवशंकर सिंह यादव

गाँव के लोग

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शूद्र शिवशंकर सिंह यादव का नाम ही ब्राह्मणवादी व्यवस्था में अपनी जाति पर गर्व करने वालों को असहमत होने और गाली देने के लिए काफी है लेकिन शिवशंकर इसकी परवाह नहीं करते। वे भगवान के अस्तित्व को नकारते हुए प्रकृति और विज्ञान को ही जीवन का आधार मानते हैं। ब्रह्माण्ड की ताकत प्रकृति है। हिन्दू धर्म में ब्राह्मणवादी शक्तियों ने समाज में भ्रष्ट्राचार, छल-कपट और झूठ को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से ऐसे लोगों को ब्राह्मणवाद का लठैत कहा, जो ब्राह्मणों की रक्षा के लिए अपने लोगों को भी पीट सकते हैं। उनकी आवाज छीन सकते हैं। एमटीएनएल में पूर्व मण्डल अभियंता शिवशंकर बेचैन होकर तमाम यात्राएं करते हैं और लोगों से संवाद करते हैं। अपर्णा से बातचीत में उन्होंने बेबाकी से भगवान को नकारते हुए अपने विचार रखे हैं । देखिये बातचीत का दूसरा हिस्सा ……

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