Friday, April 19, 2024
होमवीडियोकॉम्पटीशन नंबर का प्रेशर बच्चों की ग्रोथ के लिए हानिकारक है

ताज़ा ख़बरें

संबंधित खबरें

कॉम्पटीशन नंबर का प्रेशर बच्चों की ग्रोथ के लिए हानिकारक है

श्वेता गुप्ता ने अपने जीवन की पारी की शुरुआत शिक्षिका के रूप में की। शुरू में वे लखनऊ में पढ़ाती थीं लेकिन शादी के बाद जमशेदपुर आने के बाद घर-गृहस्थी में लग गईं। बावजूद इसके वे बच्चों की शिक्षा को अपना मुख्य सरोकार मानती हैं। फिलहाल वे घर पर ही छोटे बच्चों को पढ़ाती हैं […]

श्वेता गुप्ता ने अपने जीवन की पारी की शुरुआत शिक्षिका के रूप में की। शुरू में वे लखनऊ में पढ़ाती थीं लेकिन शादी के बाद जमशेदपुर आने के बाद घर-गृहस्थी में लग गईं। बावजूद इसके वे बच्चों की शिक्षा को अपना मुख्य सरोकार मानती हैं। फिलहाल वे घर पर ही छोटे बच्चों को पढ़ाती हैं और उनकी बहुत प्रिय अध्यापिका हैं। कोरोनाकाल में जब स्कूल बंद हो गए थे तब भी बच्चों ने छुट्टी मनाने और ऑनलाइन पढ़ने की जगह अपने माँ-बाप पर दबाव बनाया कि वे श्वेता मैडम के यहाँ जाकर पढ़ेंगे। दरअसल श्वेता गुप्ता बाल-मनोविज्ञान को बहुत बारीकी से समझती हैं और अधिकतम नंबर लाने के आतंक की जगह बच्चों की नैसर्गिक रुचियों के विकास पर ज़ोर देती हैं। पूजा से बातचीत में उन्होंने बच्चों की शिक्षा से जुड़ी भ्रांतियों और कुंठाओं के बढ़ते प्रकोप पर प्रकाश डाला है।

SHOW LESS

गाँव के लोग
गाँव के लोग
पत्रकारिता में जनसरोकारों और सामाजिक न्याय के विज़न के साथ काम कर रही वेबसाइट। इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग और कहानियाँ देश की सच्ची तस्वीर दिखाती हैं। प्रतिदिन पढ़ें देश की हलचलों के बारे में । वेबसाइट की यथासंभव मदद करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय खबरें