क्या कांग्रेस अमेठी में राहुल गांधी की हार का बदला में ले पाएगी 

देवेन्द्र यादव

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2017 और 2019 का विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव दोनों गांधी परिवार के लिए अमेठी  ठीक नहीं रहा। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अमेठी की पांचों विधानसभा हारी वही 2019 में राहुल गांधी भी लोकसभा का चुनाव हारे।
अमेठी संसदीय क्षेत्र में आने वाली पांचों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने, पहली बार नए और युवा चेहरों को प्रत्याशी बनाया है !
अमेठी संसदीय क्षेत्र भी रायबरेली की तरह गांधी परिवार का गढ़ माना जाता है। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस रायबरेली के अपने गढ़ को बचाने में तो कामयाब रही थी, मगर कांग्रेस अमेठी को नहीं बचा पाई थी, भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को हरा दिया। राहुल गांधी की हार का दर्द अमेठी की जनता और अमेठी के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिलों में चंद दिनों बाद ही दिखाई देने लगा था, जब राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद पहली बार अमेठी पहुंचे तब उनके स्वागत सत्कार के लिए उमड़ा जनसैलाब को इमोशनल होते हुए देखा !
प्रियंका गांधी लगातार अमेठी का दौरा करती रहीं और अमेठी की जनता को यह एहसास कराती रही की अमेठी की जनता गांधी परिवार का अभिन्न हिस्सा है।
अमेठी संसदीय क्षेत्र से, भाजपा ने अमेठी और तिलोई विधानसभा क्षेत्र से अमेठी के राजा संजय सिंह और तिलोई के राजा मनकेश्वर सिंह को प्रत्याशी बनाया है। संजय सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे जबकि मनकेश्वर सिंह तिलोई विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की ओर से आज विधायक हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में, प्रियंका गांधी ने बड़ी मेहनत की थी और अमेठी की 2 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा किया था।
तिलोई विधानसभा सीट से राजा मनकेश्वर सिंह को डॉक्टर मुस्लिम ने चुनाव कराया था। तिलोई विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने अपने जिला अध्यक्ष को चुनाव मैदान में उतारा है।
प्रदीप सिंघल, लोकप्रिय युवा नेता है, सिंघल परिवार के लोग ब्लॉक और जिला पंचायतों के जनप्रतिनिधि भी रहे हैं। प्रदीप सिंघल के संदर्भ में खास बात यह है कि, प्रदीप सिंघल को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाने के लिए जितनी मांग हिंदू मतदाताओं ने नहीं की थी उससे कहीं ज्यादा मांग मुस्लिम समुदाय के लोगों ने की थी ! यही वजह है कि प्रियंका गांधी ने प्रदीप सिंघल को तिलोई विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाने का फैसला किया।
अमेठी क्षेत्र में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के चुनावी दौरों से लगता है कि कांग्रेस 2017 और 2019 की हार का बदला लेने के लिए आतुर है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेंद्र बघेल गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल सहित के नेता अभी तक अमेठी क्षेत्र में चुनावी दौरा कर चुके हैं, आज 23 फरवरी को प्रियंका गांधी का दौरा है तो वही 24 फरवरी को राहुल गांधी अमेठी आने वाले हैं।
इन तमाम नेताओं के दौरे के बाद भी, अमेठी के लोग पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट के अमेठी दौरे का भी इंतजार कर रहे हैं।
अमेठी लोकसभा क्षेत्र में मुस्लिम गुर्जर मतदाताओं की तादाद अधिक है, अमेठी के मुस्लिम गुर्जर सचिन पायलट पर भरोसा करते हैं और वह सचिन पायलट को अपना बड़ा नेता मानते हैं ।
तिलोई विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम गुर्जर मतदाता जीत और हार का फैसला करते हैं समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम गुर्जर नईम को अपना प्रत्याशी बनाया है। नईम कांग्रेसी नेता थे और गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़े थे लेकिन इस बार नई समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए और तिलोई से चुनाव लड़ रहे हैं।
लेकिन तिलोई विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम गुर्जर कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप सिंघल के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं क्योंकि सिंघल को टिकट दिलाने के लिए, मुस्लिम गुर्जरों ने ही अधिक जोर लगाया था।
कुल मिलाकर तिलोई जगदीशपुर और सलोन विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की बेहतर स्थिति है।
वही अमेठी में भी डॉक्टर संजय सिंह के सामने कांग्रेस की बड़ी चुनौती है।
देवेंद्र यादव कोटा स्थित वरिष्ठ पत्रकार हैं।
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