क्या कांग्रेस की तिकड़ी उत्तर प्रदेश चुनाव में गेम चेंजर साबित होगी

देवेंद्र यादव

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तीन दशक बाद, उत्तर प्रदेश चुनाव में पहली बार कांग्रेस नए तेवर, नए विजन नए उम्मीदवारों और नए स्टार प्रचारकों के साथ चुनावी मैदान में दिखाई दे रही है। कल तक मुख्यधारा का मीडिया और विश्लेषक उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को केडर विहीन पार्टी बता रहा था और यह संदेह कर रहा था की कांग्रेस उत्तर प्रदेश चुनाव में प्रत्याशी लाएगी कहां से, आज वही कांग्रेश उत्तर प्रदेश की सारी सीटों पर चुनाव लड़ रही है ज्यादातर सीटों पर उसने अपने प्रत्याशियों की घोषणा भी कर दी है।

उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर मीडिया, राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों के पास चुनाव का विश्लेषण करने के लिए बहुत कुछ है यदि विश्लेषण इमानदारी से किया जाए तो। मसलन कांग्रेस को लेकर अभी तक सही विश्लेषण ना तो हो रहा है और ना ही दिखाई दे रहा है, राजनीतिक पंडित विश्लेषक और मुख्य धारा का मीडिया अभी भी कांग्रेस को कम आंक कर देख रहा है। जबकि उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के सत्ताधारी भाजपा और प्रमुख विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी से एकदम अलग हटकर मुद्दे हैं, यही नहीं कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश चुनाव में सर्वाधिक महिलाओं और युवाओं को प्रत्याशी बनाया है जो अधिकांश नए चेहरे हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ भाजपा और समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी ने अधिकांश उन प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है जो लंबे समय से उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ रहे हैं। एक और खास बात कांग्रेस को छोड़कर भाजपा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने कइ सीटों पर आया राम गयाराम को अपनी-अपनी पार्टियों में शामिल करा कर प्रत्याशी बनाया है। हां कांग्रेस के संदर्भ में यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश चुनाव में पहली बार उत्तर प्रदेश के कद्दावर कांग्रेसी नेता नदारद दिखाई दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में बड़ी आबादी युवाओं की है और कांग्रेस ने अधिकांश टिकट युवाओं को दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश का युवा रोजगार को लेकर कशमकश में दिखाई दे रहा है ऐसे में सचिन पायलट, कन्हैया कुमार और हार्दिक पटेल जैसे युवा नेता उत्तर प्रदेश के युवाओं पर अपना और अपनी कांग्रेस पार्टी का प्रभाव डाल पाएंगे। यदि चुनाव में वर्चुअल प्रचार नहीं होकर रेलियां, जनसभाएं और रोड शो होता तो कांग्रेस की युवा तिकड़ी और अधिक बेहतर काम करती क्योंकि कन्हैया कुमार और सचिन पायलट का ओजस्वी भाषण उत्तर प्रदेश के युवाओं पर गहरा प्रभाव डालता

सवाल यह है कि क्या कांग्रेस के स्टार प्रचारक की तिकड़ी सचिन पायलट, कन्हैया कुमार और हार्दिक पटेल उत्तर प्रदेश चुनाव के गेम चेंजर बनेंगे। उत्तर प्रदेश में बड़ी आबादी युवाओं की है और कांग्रेस ने अधिकांश टिकट युवाओं को दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश का युवा रोजगार को लेकर कशमकश में दिखाई दे रहा है ऐसे में सचिन पायलट, कन्हैया कुमार और हार्दिक पटेल जैसे युवा नेता उत्तर प्रदेश के युवाओं पर अपना और अपनी कांग्रेस पार्टी का प्रभाव डाल पाएंगे। यदि चुनाव में वर्चुअल प्रचार नहीं होकर रेलियां, जनसभाएं और रोड शो होता तो कांग्रेस की युवा तिकड़ी और अधिक बेहतर काम करती क्योंकि कन्हैया कुमार और सचिन पायलट का ओजस्वी भाषण उत्तर प्रदेश के युवाओं पर गहरा प्रभाव डालता, फिर भी तीनों युवा नेता डोर टू डोर प्रचार के माध्यम से और युवाओं से संवाद के माध्यम से अपना और अपनी पार्टी का उत्तर प्रदेश के युवाओं पर प्रभाव डाल रहे हैं।
सवाल यही है, क्या कांग्रेस की युवा तिकड़ी उत्तर प्रदेश चुनाव में गेम चेंजर साबित होगी, क्योंकि कांग्रेस महिला और युवा दोनों को केंद्र में रख कर अपनी बात पर उत्तर प्रदेश चुनाव में वोट मांग रही है।

देवेंद्र यादव कोटा स्थित वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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