Wednesday, February 28, 2024
होमसंस्कृतिसाहित्यमहानायिका सावित्रीबाई फुले

ताज़ा ख़बरें

संबंधित खबरें

महानायिका सावित्रीबाई फुले

19वीं सदी को याद करना, सामाजिक बुराईयों पर प्रहार करना, सामाजिक चेतना की अग्रदूत, सावित्रीबाई को याद करना।(1)   भारत की पहली महिला शिक्षिका, शिक्षा और सामाजिक, चेतना को भरना, सावित्रीबाई को याद करना।(2)   बाल विवाह पर कुठाराघात करना, विधवा विवाह की पक्षधर, बाल हत्या पर प्रतिबन्ध करना, सावित्रीबाई को याद करना।(3)   महिलाओं […]

19वीं सदी को याद करना,

सामाजिक बुराईयों पर प्रहार करना,

सामाजिक चेतना की अग्रदूत,

सावित्रीबाई को याद करना।(1)

 

भारत की पहली महिला शिक्षिका,

शिक्षा और सामाजिक,

चेतना को भरना,

सावित्रीबाई को याद करना।(2)

 

बाल विवाह पर कुठाराघात करना,

विधवा विवाह की पक्षधर,

बाल हत्या पर प्रतिबन्ध करना,

सावित्रीबाई को याद करना।(3)

 

महिलाओं को शिक्षित करना,

मूल समस्याओं को जड़ से उखाड़ना,

सामाजिक चेतना का आधार देना,

सावित्रीबाई को याद करना।(4)

 

शिक्षा का हथियार अपनाना,

महिला शक्ति को पहचानना,

प्रेरणा की अग्रदूत,

सावित्रीबाई को याद करना।(5)

 

बेटी बचाना, बेटी पढ़ाना,

सामाजिक चेतना की आवाज देना,

शिक्षा ही जीवन का आधार देना,

सावित्रीबाई को याद करना।(6)

 

सामाजिक सुधार की कल्पना करना,

संघर्षों की परिणति सहना,

लक्ष्य और चुनौती को परखते रहना,

सावित्रीबाई को याद करना।(7)

 

शिक्षा की गठरी खोलना,

सामाजिक विषमताओं को दूर करना,

व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र का निर्माण करना,

सावित्रीबाई को याद करना।(8)

लेखक मोतीलाल मानव उत्थान समिति के सचिव हैं। 

 

गाँव के लोग
पत्रकारिता में जनसरोकारों और सामाजिक न्याय के विज़न के साथ काम कर रही वेबसाइट। इसकी ग्राउंड रिपोर्टिंग और कहानियाँ देश की सच्ची तस्वीर दिखाती हैं। प्रतिदिन पढ़ें देश की हलचलों के बारे में । वेबसाइट की यथासंभव मदद करें।

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय खबरें