Wednesday, May 22, 2024
होमराजनीतिLok Sabha Election : उत्तराखंड में 5 बजे तक 53.65 फीसदी मतदान,...

ताज़ा ख़बरें

संबंधित खबरें

Lok Sabha Election : उत्तराखंड में 5 बजे तक 53.65 फीसदी मतदान, राज्य के कई जिलों में ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार

उत्तराखंड के पर्वतीय ग्रामीण इलाकों के लोग पेयजल, सड़कों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के गांवों में न पहुँचने से नाराज हैं।

आज लोकसभा चुनाव में मतदान के पहले चरण के अंतर्गत उत्तराखंड की सभी पांचों लोकसभा सीटों पर मतदान जारी है। राज्य में sh बजे तएएम 5 बजे तक 53.65 फीसद मतदान हुआ है। उत्तराखंड की 5 लोकसभा सीटों पर कुल 55 प्रत्याशी मैदान में हैं। राज्य में 82,43,423 मतदाता हैं जिनमें से 6.80 लाख युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं। उत्तराखंड में 11729 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं एवं 55000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

दोपहर 3 बजे तक अल्मोड़ा में 38.43 फीसदी, गढ़वाल में 42.1 फीसदी,  टिहरी गढ़वाल में 44.05 फीसदी, नैनीताल-उधमसिंह नगर में 49.94 फीसदी और हरिद्वार में 49.62 फीसदी वोट पड़े हैं। उत्तराखंड की सभी पांचों सीटों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। लोकसभा चुनाव 2009 में कांग्रेस ने पांचों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद लोकसभा चुनाव 2014 एवं लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा ने राज्य की पांचों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी।

राज्य में 13-15 स्थानों पर चुनाव बहिष्कार

चुनाव आयोग की जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में 13 जगहों पर चुनाव का बहिष्कार किया जा रहा है। देहरादून, उत्तर काशी, पौड़ी, चमोली, उधम सिंह नगर जिलों से चुनाव बहिष्कार की खबर है। उत्तराखंड के पर्वतीय ग्रामीण इलाकों के लोग सड़कों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के गांवों में न पहुँचने से नाराज हैं।

उत्तराखंड से पत्रकार अजित सिंह राठी ने एक्स पर लिखा है, ‘उत्तराखंड में पंद्रह से ज्यादा स्थानों से चुनाव बहिष्कार की सूचनाएं मिली है। पूछे जाने पर यह जानकारी एडिशनल सीईओ विजय जोगदंडे ने दी है। मुद्दे वहीं पुराने और परंपरागत है। बुनियादी सुविधाओं से जुड़े। किसी गांव में सड़क नहीं, कहीं अस्पताल में डॉक्टर नहीं और स्कूल में मास्टर नहीं। सरकार से सवाल ये है कि चुनाव आयोग जब अंतिम छोर तक EVM पहुंचा सकता है, प्रत्याशी प्रचार के लिए जा सकता है तो इस अंतिम छोर तक विकास क्यों नहीं पहुंचता ?’

मसूरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोटीदार कपलानी में सड़क का निर्माण नहीं होने से त्रस्त करीब सात गांव के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार कर रहे हैं। गदरपुर विधानसभा के गुलरभोज के निकटवर्ती कोपा बसंता में सड़क मार्ग न होने और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। थराली तहसील के देवराड़ा समेत भेटा वार्ड में नगर पंचायत से वार्ड हटाने की मांग को लेकर चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए पिथौरागढ़ विधानसभा के क्वीतड़, जमतड़ी और क्वारबन बूथ पर ग्रामीण वोट डालने नहीं पहुँचे हैं। टिहरी जिले में वार्ड नंबर 3 और 4 के नगरवासियों ने भी चुनाव का बहिष्कार किया है। सड़क मार्ग और जर्जर विद्यालय भवन की मरम्मत न होने से नाराज ग्राम पंचायत रैका के हेलमेट गांव किमखेत के ग्रामीणों ने भी चुनाव का बहिष्कार किया है। पौड़ी-गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के गंगा भोगपुर तल्ला और मल्ला गांव में भी चुनाव बहिष्कार जारी है। सड़क न बनने से नाराज चमोली जिले के गांव डुमक के ग्रामीणों ने भी चुनाव का बहिष्कार किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

लोकप्रिय खबरें