Wednesday, April 22, 2026
Wednesday, April 22, 2026




Basic Horizontal Scrolling



पूर्वांचल का चेहरा - पूर्वांचल की आवाज़

होमशिक्षापूर्वांचल विश्‍वविद्यालय : कॉपी में 'जय श्री राम' लिखकर फार्मेसी की परीक्षा...

इधर बीच

ग्राउंड रिपोर्ट

पूर्वांचल विश्‍वविद्यालय : कॉपी में ‘जय श्री राम’ लिखकर फार्मेसी की परीक्षा में चार छात्र उत्‍तीर्ण, दो शिक्षक दोषी

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी प्रथम वर्ष के चार छात्र अपनी परीक्षा की कॉपियों में केवल ‘जय श्री राम’ लिखकर पास हो जाते है। यह हमारी शिक्षा व्यवस्था और सरकारी दावे की असलियत की पोल खोलती एक छोटी सी नजीर भर है।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव की बातें उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भले ही कर ले, लेकिन आये दिन ऐसे नए मामले  सामने आ जाते हैं जो सरकार के दावों की पोल खोल ही देते हैं। ताजा मामला वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी प्रथम वर्ष के चार छात्रों का है। चारो छात्र परीक्षा की कॉपियों में केवल ‘जय श्री राम’ और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ियों के नाम लिखकर 56 प्रतिशत अंकों के साथ परीक्षा उतीर्ण कर लिए।

सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र द्वारा मांगी गई जानकारी के बाद इस मामले का पर्दाफाश हुआ। बुधवार 24 अप्रैल को विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में इसके लिए दो शिक्षकों डॉ. आशुतोष गुप्ता और डॉ. विनय वर्मा को दोषी ठहराया गया।

विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र द्वारा मांगी गयी जानकारी में हुआ खुलासा 

विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र दिव्यांशु सिंह ने शनिवार को बताया कि जब उन्हें पता चला कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा संचालित डी.फार्मा पाठ्यक्रम के प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के कुछ छात्रों को सही उत्तर न देने पर भी परीक्षा में उत्तीर्ण कर दिया गया है तो उन्होंने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत विश्वविद्यालय से जानकारी मांगी।

दिव्यांशु सिंह ने कहा कि तीन अगस्त, 2023 को उन्होंने कुछ रोल नंबर देकर उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी। जांच के दौरान, यह पाया गया कि चार अलग-अलग बार-कोड वाली कॉपियों में छात्रों ने केवल ‘जय श्री राम’ और विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या आदि जैसे खिलाड़ियों के नाम लिखे थे और उन्हें 75 में से 42 अंकों के साथ उत्तीर्ण किया गया जो 56 फीसदी प्राप्तांक हैं।

पूर्व छात्र दिव्यांशु सिंह ने इन तथ्यों के सामने आने पर राजभवन (राज्यपाल कार्यालय) को पत्र लिखकर एक प्रोफेसर पर पैसे लेकर छात्रों को पास करने का आरोप लगाया। उन्होंने सभी शिकायतें हलफनामे के साथ राजभवन को भी भेजी और राजभवन ने इसका संज्ञान लेते हुए 21 दिसंबर, 2023 को जांच और कार्रवाई का आदेश दिया था।

कुलपति डॉ. वंदना सिंह ने कहा शिक्षक होंगे बर्खास्त

इस पर विश्‍वविद्यालय ने जांच कमेटी गठित की और दो बाहरी परीक्षकों से पुनर्मूल्यांकन करवाया। पुनर्मूल्यांकन में इन छात्रों को शून्य अंक मिले। उन्होंने कहा कि परीक्षा नियंत्रक ने एक जांच समिति बनाकर मामले की जांच की, जिसने कुलपति को दी गयी अपनी रिपोर्ट में दोनों शिक्षकों को दोषी ठहराया है।

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. वंदना सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए बुधवार को परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई और इसमें फार्मेसी विभाग के दो शिक्षकों को गलत मूल्यांकन का दोषी माना गया है।

कुलपति ने कहा दोनों शिक्षकों को कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया है और अंतिम निर्णय के लिए इसे कार्यपरिषद के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

इस बारे में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार ने बताया कि कार्यपरिषद की बैठक में इस मामले पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bollywood Lifestyle and Entertainment