Wednesday, May 22, 2024
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Lok Sabha Election : रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से किशोरीलाल शर्मा ने भरा नामांकन

पांचवें चरण के नामांकन के आखिरी दिन आज अमेठी और रायबरेली से कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर अपने पत्ते खोल दिये। उत्तर प्रदेश के हॉट सीटों में रायबरेली और अमेठी का नाम आता है। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में इन दोनों सीटों पर राहुल गांधी और किशोरीलाल शर्मा ने अपना नामांकन भर दिया है।

आज अमेठी और रायबरेली से कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामों की अटकलें समाप्त हो चुकी हैं। पांचवें चरण के चुनाव के लिए रायबरेली से राहुल गांधी और अमेठी से किशोरीलाल शर्मा के नाम की घोषणा आज नामांकन भरने के अंतिम दिन की गई।

उत्तर प्रदेश की रायबरेली लोकसभा सीट पर राहुल गांधी कांग्रेस उम्मीदवार के लिए आज अपना पर्चा दाखिल किया। रायबरेली वीवीआईपी सीट मानी जाती है। सुर्खियों में रहने वाली यह सीट एक बार फिर सुर्खियों में है।

इधर उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने अमेठी से चुनाव लड़ने के नामांकन दाखिल किया। उनका कहना है कि गांधी परिवार के आदेश को मानते हुए उसे स्वीकार करना उनका धर्म है।

लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के चुनाव के लिए नामांकन भरने की तारीख 27 अप्रैल से 3 मई थी याने आज अंतिम तारीख है।

रायबरेली सीट का इतिहास 

वीवीआईपी सीट मानी जाने वाली इस लोकसभा से राहुल गांधी के दादा फिरोज गांधी ने दो आम चुनाव 1952 और 1957  का  जीत कर संसद में पहुंचे थे।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1967, 1971 और 1980 के चुनाव में इस सीट पर जीत हासिल की। वर्ष 1977 में रायबरेली से राजनारायण ने इंदिरा गांधी को हराया था।

पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने 1980 में दो सीट से चुनाव लड़ा, जिनमें रायबरेली और मेडक (तेलंगाना) लोकसभा सीट शामिल थीं हालांकि बाद में उन्होने रायबरेली से इस्तीफा देकर मेडक सीट अपने पास रखने का फैसला किया। उसके बाद अरुण नेहरू ने 1980 के उपचुनाव और 1984 के आम चुनाव में रायबरेली पर कांग्रेस का परचम लहराये रखा।

रायबरेली सीट गांधी परिवार के सदस्य और उनके करीबी ही यहाँ से चुनाव लड़ते रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी माने जाने वाले अरुण नेहरू से लेकर शीला कौल ने भी यहाँ से चुनाव लड़ा था।

सोनिया गांधी वर्ष 1999 में अमेठी सीट से चुनाव लड़कर राजनीति की शुरुआत की थी लेकिन 2004 में उन्होंने अमेठी सीट राहुल के लिए छोड़ दी।

सोनिया गांधी ने 2004 से 2019 तक चार बार रायबरेली सीट पर जीत हासिल की हालांकि उनकी जीत का अंतर कम होने लगा था।

फिरोज गांधी के निधन के बाद 1960 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के आर.पी. सिंह ने रायबरेली सीट पर जीत हासिल की थी वहीं 1962 के चुनाव में कांग्रेस नेता बैजनाथ कुरील ने इस सीट पर कब्जा जमाया था।

शीला कौल ने 1989 और 1991 में रायबरेली का प्रतिनिधित्व संसद में किया था।

गांधी परिवार के एक अन्य मित्र सतीश शर्मा ने 1999 में रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और उसके बाद सोनिया गांधी का राजनीति में प्रवेश हुआ।

 वहीं 1996 और 1998 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अशोक सिंह ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को शिकस्त दी थी।

लोकसभा 2024 में राहुल गांधी कर्नाटक के वायनाड़ से भी चुनाव लड़ रहे हैं।  वर्ष 2019 में यहीं से सांसद रहे है। अमेठी के बदले रायबरेली से चुनाव मैदान में उतारने के पीछे पार्टी का कहना है कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष के लिए रायबरेली, अमेठी से बेहतर और सुरक्षित सीट है। उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी में भाजपा की स्मृति ईरानी से लगभग 50 हजार मतों से हार का सामना करना पड़ा था।

क्र          वर्ष                       उम्मीदवार जीते 

1            1952                        फिरोज गांधी(cong)

2            1957                        फिरोज गांधी(cong)

3            1960                       आर पी सिंह(cong) उपचुनाव

4            1962                        बैजनाथ कुरील(cong)

5            1967                        इन्दिरा गांधी

6            1971                         इन्दिरा गांधी

7            1977                         राजनारायण(जनता पार्टी)

8             1980 और1984           अरुण नेहरू(cong)

9             1989 और 1991          शीला कौल

10            1996 और 1998        अशोक सिंह(बीजेपी)

11            2004 से 2019         सोनिया गांधी(cong)

कांग्रेस द्वारा अमेठी में स्मृति ईरानी के लिए मुकाबला आसान किए जाने को लेकर  उनकी लगातार आलोचना हो रही है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि गांधी परिवार के लिए रायबरेली का ऐतिहासिक, भावनात्मक और चुनावी महत्व अमेठी से कही अधिक है।

सोनिया गांधी ने रायबरेली के लोगों को दिये अपने विदाई संदेश में विश्वास जताया था कि यह सीट हमेशा उनके व गांधी परिवार के साथ रही है और यहां की जनता भविष्य में भी उनके परिवार को समर्थन देती रहेगी।

वहीं अमेठी चर्चित सीट के लिए भी कांग्रेस ने किशोरीलाल शर्मा को उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

किशोरी लाल शर्मा ने गौरीगंज कांग्रेस कार्यालय बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं हमेशा गांधी परिवार का सेवक रहा हूं और एक सेवक को गांधी परिवार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं निभाऊंगा।’

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी  ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शर्मा को बधाई दी। उन्होने कहाँ कि किशोरी लाल शर्मा जी से हमारे परिवार का वर्षों का नाता है। अमेठी, रायबरेली के लोगों की सेवा में वह हमेशा मन-प्राण से लगे रहे। उनका जनसेवा का जज्बा अपने आप में एक मिसाल है।

कांग्रेस ने अमेठी में राजीव गांधी, सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के प्रतिनिधि रह चुके किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है।

प्रियंका गांधी ने शर्मा को एक ऐसा समर्पित कार्यकर्ता बताया जिन्होंने हमेशा पूरी लगन से अमेठी और रायबरेली के लोगों की सेवा की है।

अमेठी में शर्मा का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से होगा।

पांचवें चरण में 13 मई को उत्तर प्रदेश में 14 लोकसभा शाहजहांपुर(SC), लखीमपुर खीरी, देहरादून, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कानपुर, अकबरपुर और बहराइच में वोट डाले जाएँगे।

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