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किसान
अंबेडकरवादी विचार तो फैला है लेकिन दलितों का कोई बड़ा लीडर नहीं है
तीसरा और अंतिम भाग
क्या आप बामसेफ जैसे सामाजिक संगठनों या कर्मचारी यूनियनों से भी जुड़े? यदि हाँ, तो वहाँ आपकी क्या-क्या गतिविधियां थीं?...
भारत की साहसी न्यायपालिका और जोतीराव फुले का स्मरण (डायरी 28 नवंबर, 2021)
बदले हालात में न्यायपालिका ही शासन का वह तंत्र है, जिसकी साख कुछ हद तक बची है। इस वाक्य को लिखते समय मैं सावधानी...
समाजवादी कुटिया ने शहीद किसानों की स्मृति में जलाया दीप
लखीमपुर-खीरी किसान नरसंहार में शहीद किसानों की स्मृति में जलाये गये दीप। हर महीने के 03 तारीख को समाजवादी कार्यकर्ता जलायेंगे किसानों की स्मृति...
कितना झूठा था गाँव का मंजर
कभी गाँव को सहज, सरल और स्वाभाविक मानते हुए यह किवदंती प्रचलित हो गई थी कि भारत की आत्मा गांवों में निवास करती है।...
कृषि कानून के खिलाफ लड़ी जायेगी आरपार की लड़ाई
हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ नहीं बल्कि सरकार के खिलाफ है। हमारी लड़ाई अडानी, अम्बानी के हाथों देश सौंपने की साजिश के खिलाफ है। अब देश फैसला करे कि अडानी, अम्बानी क्या देश चलायेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के लागू होने से देशभर में मण्डियां और एफसीआई के गोदाम बंद हो जायेंगे। अनाज और सब्जियों की खरीद एवं बिक्री की नीतियां पूंजीपति घराने तय करेंगे।
सत्ता और जनसत्ता (डायरी, 13 अक्टूबर 2021)
जीवन को लेकर मेरी एक मान्यता है। यह मान्यता विज्ञान पर आधारित है। मेरी मान्यता है कि ब्रह्मांड में कुछ भी स्वतंत्र नहीं है।...
सुप्रीम कोर्ट का सहज संज्ञान और सरकार का रवैया
लखीमपुर खीरी की बर्बरतापूर्ण घटना के बाद इंटरनेट पर वायरल हुये वीडियो और मारे गए किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल किसानों के बयान...
शब्द, सत्ता, सरोकार और राजेंद्र यादव डायरी (30 अगस्त, 2021)
शब्द और सत्ता के बीच प्रत्यक्ष संबंध होता है। यह मेरी अवधारणा है। शब्द होते भी दो तरह के हैं। एक वे शब्द जो...

