समाजवादी कुटिया ने शहीद किसानों की स्मृति में जलाया दीप

भुवाल यादव, विशेष संवाददाता, गाँव के लोग डॉट कॉम

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लखीमपुर-खीरी किसान नरसंहार में शहीद किसानों की स्मृति में जलाये गये दीप। हर महीने के 03 तारीख को समाजवादी कार्यकर्ता जलायेंगे किसानों की स्मृति दीप। 

जौनपुर। धर्मापुर ब्लाक के मोहिउद्दीनपुर गांव में स्थापित समाजवादी कुटिया ने पीछले महीने लखीमपुर-खीरी में शहीद हुए किसानों की स्मृति में दीप जलाकर श्रंद्धाजलि दी और भाजपा सरकार की क्रूरता भरी नीति-नियमों एवं जनविरोधी फैसलों से स्थानीय किसानों-नौजवानों को अवगत कराया। चुकि कल शाम को समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो श्री अखिलेश यादव ने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट के जरिए 03 अक्टूबर को लखीमपुर-खीरी में सत्ता की शह पर हुए नरसंहार में शहीद किसानों की स्मृति में हर महीने के तीन तारीख को प्रदेश भर में ‘लखीमपुर-खीरी किसान स्मृति दिवस’ मनाने का निर्णय प्रसारित किया था। पार्टी के उपर्युक्त आह्वान पर ही आज शाम को जौनपुर की समाजवादी कुटिया में दीपावली की पूर्व संध्या पर शहीद किसानों की स्मृति में दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें याद किया गया।

भाजपा सरकार अब केवल कुछ ही दिनों की मेहमान रह गयी है। इस सरकार में सब लोग परेशान हैं। इनके फैसले केवल उद्योगपतियों और ठिकेदारों के लिए होता है। छात्र-नौजवान, बेरोजगार और मजदूर सब परेशान हैं। किसानों की दुश्वारियां इतनी बढ़ गयी हैं कि रोज यूपी में किसान आत्महत्याएं करने को मजबूर हैं। भाजपा वालों ने सरकार बनने से पहले वादा किया था कि हम किसानों की आय दोगुनी करेंगे, लेकिन वास्तविकता आप देख सकते हैं। पेट्रोल-डीजल की दर दूना हो गये हैं। बाजार में बिकने वाली खाद्य पदार्थों के मूल्य दो-तीन गुना से ज्यादा हो गये हैं।

कुटिया के संचालक ऋषि यादव ने मीडिया बन्धुओं से बातचीत करते वक्त कहा कि भाजपा सरकार अब केवल कुछ ही दिनों की मेहमान रह गयी है। इस सरकार में सब लोग परेशान हैं। इनके फैसले केवल उद्योगपतियों और ठिकेदारों के लिए होता है। छात्र-नौजवान, बेरोजगार और मजदूर सब परेशान हैं। किसानों की दुश्वारियां इतनी बढ़ गयी हैं कि रोज यूपी में किसान आत्महत्याएं करने को मजबूर हैं। भाजपा वालों ने सरकार बनने से पहले वादा किया था कि हम किसानों की आय दोगुनी करेंगे, लेकिन वास्तविकता आप देख सकते हैं। पेट्रोल-डीजल की दर दूना हो गये हैं। बाजार में बिकने वाली खाद्य पदार्थों के मूल्य दो-तीन गुना से ज्यादा हो गये हैं। खादर के दाम भी खूब बढ़े हैं। किसानों की आय नहीं बढ़ी, लेकिन अडानी अंबानी की आय लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों के खादर की बोरी से इनकी सरकार में पांच किलो खाद चोरी हो गया है। बताइए जब इन्हीं सब समस्याओं को लेकर किसान या किसान के बेटे इनका विरोध करते हैं, तो ये लोग लखीमपुर-खीरी नरसंहार जैसे कांड करते हैं। प्रदर्शनकारी किसानों को अपनी गाड़ी के नीचे कुचल देते हैं। छात्रों नौजवानों को झूठी मुकदमों में फंसाकर परेशान करते हैं। अब बताइए जनता क्या करे? निश्चित ही इसका जवाब जनता वोट के जरिए चोट करके देगी।

ऋषि यादव ने बताया कि आज का ‘किसान स्मृति दिवस’ का आयोजन जिस घटना को लेकर किया गया, उसी लखीमपुर-खीरी

जिले में कम से कम 26000 किसानों के करोड़ों की धनराशि चीनी मालिकों के यहां बाकी है। किसानों की यह स्थिति पूरे प्रदेश भर के गन्ना किसानों की है। पीछले लगभग सालभर से देश के किसान अपनी जायज मांगों को लेकर दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन यह एनडीए की गुंगी,बहरी और अंधी सरकार को कुछ नहीं सूझ रहा है। ये केवल देशभर की सरकारी संपत्तियां – जैसे रेलवे, बस अड्डे, स्कूल, हॉस्पिटल, हवाई अड्डे, विजली, कोयला, वन आदि न जाने क्या-क्या बेचने में लगे हैं। ऋषि यादव ने बातचीत के क्रम में यह भी शंका जताई कि कहीं फिर से भाजपा देश को उद्योगपतियों के हाथ गिरवी रखने की तैयारी तो नहीं कर रही है। शहीद किसानों की स्मृति में आयोजित दीप प्रज्वलन में समाजवादी कुटिया के बच्चे और स्थानीय लोग अधिक संख्या में उपस्थित थे।

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