Wednesday, July 17, 2024
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संविधान का उल्लंघन करने वाले ही घोषणा कर रहे हैं संविधान हत्या दिवस मनाने का

संविधान की धज्जियां उड़ाने वाली वर्तमान केंद्र सरकार ने 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने की घोषणा की है। इनका कहना है कि 1975 में 25 जून को आपातकाल का लगाया जाना संविधान की हत्या करना ही था। यह आपातकाल एक बार लगा था लेकिन वर्ष 2014 से जब से भाजपा सरकार सत्ता में है, तब से पूरे देश में अघोषित आपातकाल लगा हुआ है और देश के संविधान के विरुद्ध ही सभी निर्णय लिए जा रहे हैं। सवाल यह है कि ऐसे में संविधान हत्या दिवस की घोषणा करना क्या उचित है?

Lok Sabha Election : संविधान और आरक्षण की रक्षा बन गया है सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा, राहुल गांधी के साथ एकजुट हो रहा बहुजन...

कुछ भाजपा नेताओं द्वारा 400 पार के पीछे संविधान बदलने की मंशा जाहिर किए जाने के बाद संविधान और आरक्षण बचाना चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस कारण आरक्षित वर्ग गर्मी की परवाह किए बिना वोट देने के लिए निकल रहा है।

गुजरात सरकार ने सर्कुलर जारी कर बौद्ध धर्म को हिन्दू धर्म से अलग बताया, अब धर्म परिवर्तन के लिए लेनी होगी अनुमति

गुजरात में बड़ी संख्या में हिन्दू धर्म छोड़ बौद्ध धर्म अपनाने के बाद गुजरात सरकार ने 8-अप्रैल को सर्कुलर जारी कर कहा कि हिन्दुओं को धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

जयंती विशेष : आम्बेडकरवाद की रक्षा का आखिरी अवसर है लोकसभा चुनाव 2024

यह तय है कि यदि मोदी तीसरी बार सत्ता में आते हैं तो वह हिन्दू राष्ट्र की घोषणा के साथ बाबा साहेब का संविधान बदल कर मनु का विधान लागू कर देंगे, जिसमें उच्च वर्ण के लोग शक्ति के स्रोतों का  भोग करने के अभ्यस्त तो शुद्रातिशूद्र दैविक सर्वस्वहारा के रूप में जीवन जीने के लिए अभिशप्त होंगे।

लोकसभा चुनाव : भाजपा के चार सौ पार दावे की असलियत क्या है?

भाजपा अपने बल पर 2014 से सत्ता में है और तब से उसने कई बार संविधान की उद्देशिका का प्रयोग, उसमें से धर्मनिरपेक्ष व समाजवादी शब्द हटाकर किया है। अबकी लोकसभा चुनाव में भाजपा, 400 पार का नारा दे रही है। उनके सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने यह बयान दिया कि लोकसभा में 400 सीटें आने पर भारतीय संविधान में संशोधन आसानी से किया जा सकता है। क्या संविधान में संशोधन करना इतना आसान होगा? यह आने वाला समय ही बता पाएगा ।

भाजपा सरकार को आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को कुचलने नहीं दिया जाएगा : छग किसान सभा

रायपुर। संविधान की रक्षा की शपथ लेकर शासन करने वाली किसी भी सरकार को आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को कुचलने तथा उनके हित में...

राजनीतिक दलों में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो रहा है, खतरे में है संविधान

लोकतंत्र को अब तक की सबसे अच्छी शासन प्रणाली माना गया है। ज्यादातर देश इसे पाने या बनाये रखने की रात-दिन कोशिशें कर रहे...

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के आह्वान के साथ लॉयर्स यूनियन का चौथा छत्तीसगढ़ राज्य सम्मेलन संपन्न

बिलासपुर। भारत का संविधान स्वतंत्रता आंदोलन की देन है, जो धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक-राजनैतिक-आर्थिक न्याय, भाईचारा और समाजवाद के मूल्यों को प्रतिपादित करता है। यह संविधान...

दिल्ली में तानाशाही का हमला जारी है

दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक तंत्र और खासतौर पर नौकरशाही के ढांचे पर अपना सीधा नियंत्रण बनाए रखने के लिए मोदी सरकार द्वारा शुक्रवार...

गीता का लेखक कौन था और उसकी जरूरत क्या थी

गीता किसने लिखी होगी? और इसके पीछे क्या कारण रहा होगा? आखिर इस किताब से किसका हित सधता है? क्या गीता कोई धार्मिक किताब...

जिन्ना पर अखिलेश यादव की टिप्पणी : समकालीन राजनीति पर साम्प्रदायिकता की छाया

हमारे देश में जैसे-जैसे साम्प्रदायिकता का बोलबाला बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे राजनैतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सांप्रदायिक प्रतीकों और नायकों के...

सरकार जनता से डरी हुई है इसलिए आंदोलनों को बेरहमी से कुचल देना चाहती है

बनारस में जातिगत जनगणना और किसान आन्दोलन जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर जाने-माने अधिवक्ता और सामाजिक चिंतक प्रेम प्रकाश सिंह यादव बहुत दिनों से...

मूर्तियों से किसका भला होगा

मूर्तियां लोगों को मूर्ख बनाकर उनके अधिकारों को छीनने का तरीका है जबकि सरकार में उनकी जनसंख्या के हिसाब से उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने...

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