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सर सुंदरलाल अस्पताल : अपने ही विभाग के खिलाफ आमरण अनशन पर क्यों बैठे हैं डॉ ओम शंकर

एक तरफ आज वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन से एक दिन पहले 6 किलोमीटर का रोड शो करेंगे और जनता को लुभाएंगे, वहीं दूसरी तरफ जनता की स्वास्थ्य सुविधा की मांग के लिए लगातार आवाज उठाने वाले बीएचयू में हृदय रोग विभाग के विभागाध्ययक्ष डॉ ओमशंकर का आमरण अनशन का तीसरा दिन है।

वन नेशन, वन इनॉगरेशन

मोदी जी ने दिन-रात अठारह-अठारह घंटे मेहनत कर के, वन नेशन की मजबूती के लिए तो वन इनॉगरेशन की सपोर्ट लगाई है, वह सपोर्ट ही अगर गिर जाती, तो वन नेशन की इमारत कमज़ोर नहीं हो जाती। अब राष्ट्रपति का सम्मान, राष्ट्र की मजबूती से बड़ा तो हो नहीं जाएगा। इसीलिए, मोदी जी ने विरोधियों के ताने सुनना मंज़ूर किया, पर वन इनॉगरेशन के रास्ते से एक इनॉगरेशन पीछे हटना मंज़ूर नहीं किया।

कांग्रेस के इतिहास में पहली बार सोशल जस्टिस का पिटारा                                      

तृणमूल 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और उनकी पार्टी किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी। कहने  की जरूरत नहीं कि एक बच्चा भी बता देगा कि 2 मार्च को आये तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों ने मोदी को इतना ताकतवर बना दिया है कि उनके खिलाफ लगातार ताल ठोकने वाली ममता सरेंडर की मुद्रा में आ गयी हैं और उनके रास्ते का अनुसरण अन्य कई आग मार्का विपक्षी नेता भी कर सकते हैं,यह सोचकर ही 2024 में मोदी-मुक्त भारत का सपना देखने वाले सदमे में आ गए हैं।

रौद्र और कोमल की जुगलबंदी की जुगत के पीछे क्या है?

संगीत, भारतीय शास्त्रीय संगीत में स्वर और रागों का एक ख़ास विधान है। स्वर की नियमित आवाज को उसकी निर्धारित तीव्रता से नीचा उतारने...

आखिर कब तक बुनकर सामान्य नागरिक सुविधाओं से वंचित किए जाते रहेंगे?

बजरडीहा बनारस का एक बड़ा मुहल्ला है, जहाँ बुनकरों की बड़ी आबादी बसती है लेकिन जितना बड़ा यह मुहल्ला है उतनी ही बड़ी इसकी...

महिला पंचायत में उठी हुंकार ‘न जान देंगे न ज़मीन देंगे’

आज अक्टूबर महीने की पाँचवीं तारीख और दिन शनिवार है। दोपहर के दो बजने को हैं। जमुआ हरिराम के प्राइमरी स्कूल के सामने वाला मैदान धीरे-धीरे भर रहा है। जहां भी नज़र जा रही है वहाँ से गाँव के लोग आते दिख रहे हैं, बच्चे, बूढ़े नौजवान और महिलाएँ। महिलाओं ने अपने हाथ से बनाई हुई तख्तियाँ ले रखी है जिन्हें वे दूर से हाथ में झुलाती चली आ रही हैं लेकिन जैसे ही सभा स्थल के करीब पहुंचतीं उन्हें हाथों में ऊंचा उठाकर लहराने लगतीं।

ऐतिहासिक अशोक स्तंभ को विद्रूपित करने के पीछे की मंशा (डायरी 13 जुलाई, 2022)

देश में अराजकता की स्थितियां उत्पन्न की जा रही हैं। दुखद यह है कि ऐसा स्वयं सरकार कर रही है और देश के अखबार...

चन्नी के बयान को लपककर मोदी-योगी क्या हासिल कर लेंगे

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बयान को लेकर राजनीति गरमा गई है। 16 फरवरी को पंजाब में चन्नी द्वारा उत्तर प्रदेश और...

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