क्या गुजरात विधानसभा चुनाव तय करेगा राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री 

देवेंद्र यादव

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क्या गुजरात विधानसभा चुनाव तय करेगा कि 2023 में राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन होगा ? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि सत्ताधारी भाजपा और प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सत्ता को बचाने और सत्ता में वापसी करने के लिए राजस्थान से अपनी-अपनी पार्टी के उन नेताओं को चुनाव के लिए तैनात किया है जो 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में अपने आप को मुख्यमंत्री का चेहरा मान रहे हैं ! कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से मुख्य पर्यवेक्षक हैं तो डॉ रघु शर्मा गुजरात कांग्रेस के प्रभारी हैं, जबकि भाजपा की तरफ से केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत,  सतीश पूनिया और अर्जुन मेघवाल शामिल हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में अशोक गहलोत गुजरात कांग्रेस के प्रभारी थे। गुजरात विधानसभा चुनाव के बाद 2018 राजस्थान के विधानसभा चुनाव हुए और कांग्रेस को जीत मिली। उसके बाद अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। गहलोत ने गुजरात में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि डॉ रघु शर्मा मंत्री तो कभी भी बन जाएंगे लेकिन उससे बड़ी जिम्मेदारी राहुल गांधी ने डॉ रघु शर्मा को गुजरात की दी है और गुजरात का जो भी प्रभारी बनता है बाद में वह मुख्यमंत्री बनता है।

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अशोक गहलोत ने कहा कि मैं  2017 के विधानसभा चुनाव में गुजरात कांग्रेस का प्रभारी रहा था। 2017 के बाद जब2018  में राजस्थान विधानसभा के चुनाव के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनी तो मैं राजस्थान का मुख्यमंत्री बना। 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में राजस्थान के दो नेता अशोक गहलोत और डॉक्टर रघु शर्मा की मौजूदगी में गुजरात चुनाव होने जा रहा है। अब देखना यह होगा कि 2023 में राजस्थान में कांग्रेस वापसी कर पाती है या नहीं और वापसी के बाद राजस्थान का मुख्यमंत्री फिर अशोक गहलोत होंगे या फिर डॉ रघु शर्मा होंगे! उल्लेखनीय है कि 2017 में कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को 99 सीटों पर रोक कर  77 सीटें जीती थी।  इस जीत में अशोक गहलोत की अहम भूमिका थी। गहलोत कांग्रेस को प्रवासी राजस्थानियों का समर्थन दिलवाने में कामयाब हुए थे। कांग्रेस की उस कामयाबी का ध्यान रखते हुए इस बार भारतीय जनता पार्टी ने भी राजस्थान के बड़े नेताओं की एक बड़ी फौज गुजरात में तैनात की है जिनकी नजर प्रवासी राजस्थानी वोटरों पर है।
चूँकि गुजरात राजस्थान का सीमावर्ती राज्य है इसलिए बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग गुजरात में व्यापार करने और मजदूरी करने जाते हैं जिनमें से बड़ी संख्या में लोग गुजरात में बस गए हैं जिनकी संख्या लगभग 15 लाख से भी अधिक है। गुजरात विधानसभा का चुनाव मारवाड़ के दो नेताओं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के भाग्य का भी फैसला करेगा।

विगत 28 अक्टूबर को अशोक गहलोत फिर से गुजरात दौरे पर निकले थे। उनके जाते ही गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के पुत्र पूर्व विधायक महेंद्र सिंह वाघेला कांग्रेस में शामिल हो गए। अशोक गहलोत गुजरात दौरे के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के शिष्टमंडल से भी मिलते हुए दिखाई दिए। गुजरात विधानसभा का चुनाव अशोक गहलोत के लिए करो या मरो की स्थिति में होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

अशोक गहलोत वर्तमान में राजस्थान के मुख्यमंत्री हैं तो वहीं गजेंद्र सिंह शेखावत को राजस्थान का भविष्य में मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। यदि गुजरात में कांग्रेस सत्ता में वापसी करती है तो अशोक गहलोत मुख्यमंत्री तो रहेंगे ही इसके अलावा 2023 का विधानसभा चुनाव भी पार्टी उन्हीं के नेतृत्व में ही लड़ेगी। यदि भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार बनाने में कामयाब होती है तो गजेंद्र सिंह शेखावत का राजस्थान का मुख्यमंत्री बनने का दावा पुख्ता हो जाएगा। अशोक गहलोत और गजेंद्र सिंह दोनों राजस्थान के जोधपुर से आते हैं। गहलोत जोधपुर जिले की विधानसभा सीट से विधायक हैं तो गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर से लोकसभा के सांसद हैं।
 अशोक गहलोत का अपना राजस्थान मॉडल 
अशोक गहलोत ने संविदा कर्मियों को नियमित करने की घोषणा कर गुजरात चुनाव में सत्ताधारी भाजपा के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। इससे पहले उन्होंने अपने राज्य कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल कर गुजरात भाजपा को मुसीबत में डाला था। अब अपने कर्मचारियों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा ने भाजपा के लिए और मुसीबत खड़ी कर दी है।

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गुजरात में भी कर्मचारी राजस्थान की तर्ज पर पुरानी पेंशन बहाल करने और संविदा कर्मचारी अपने को नियमित करने की मांग करने लगे हैं। अब देखना यह है कि कांग्रेस और भाजपा के लगभग आधा दर्जन नेताओं में से 2023 में राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? यह तय होगा जब गुजरात का मुख्यमंत्री तय होगा। लेकिन इसका अभी हमें इंतजार करना होगा।
विगत 28 अक्टूबर को अशोक गहलोत फिर से गुजरात दौरे पर निकले थे। उनके जाते ही गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के पुत्र पूर्व विधायक महेंद्र सिंह वाघेला कांग्रेस में शामिल हो गए। अशोक गहलोत गुजरात दौरे के दौरान प्रवासी राजस्थानियों के शिष्टमंडल से भी मिलते हुए दिखाई दिए। गुजरात विधानसभा का चुनाव अशोक गहलोत के लिए करो या मरो की स्थिति में होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि राजस्थान में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। चर्चा शुरू हो चुकी है कि राजस्थान में गहलोत या फिर सचिन पायलट में से ताकतवर नेता कौन है, जो 2023 में कांग्रेस की सत्ता में वापसी करवा सकता है?  इसका फैसला शायद गुजरात विधानसभा का चुनाव करेगा। सितंबर महीने में राजस्थान में नेतृत्व को बदलने की बड़ी कवायद हुई थी लेकिन अशोक गहलोत के समर्थन में 92 विधायकों ने अपने इस्तीफे दे दिए थे, इसलिए हाईकमान राजस्थान नेतृत्व को लेकर ठोस कदम नहीं उठा पाया। अब जबकि गुजरात विधानसभा के चुनाव हैं और गहलोत को कांग्रेस ने मुख्य पर्यवेक्षक बना रखा है तब निश्चय ही गुजरात विधानसभा का चुनाव फैसला करेगा कि राजस्थान में अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
देवेन्द्र यादव वरिष्ठ पत्रकार हैं और स्वतंत्र लेखन करते हैं। 
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