Tuesday, June 23, 2026
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फ़लिस्तीन की जमीनी हकीकत : यात्रा से लौटकर

एक ज़िंदा शहर के ज़िंदा लोग किस तरह से अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं कि उन्हें पानी, बिजली और काम के लिए जूझना पड़ रहा है। कॉमरेड विनीत अपनी फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान बेतेलहम, जेरूसलम, नाबलूस, जेनिन, आरमीनिया, जेरिकों तथा जोर्डन वैली गए थे। उन्होंने फ़लिस्तीन यात्रा के दौरान हुई दुश्वारियों और अनुभवों को साझा किया। पढ़िए, वहाँ के कठिन जीवन के संघर्ष का विस्तार से वर्णन। 

दिल्ली में दो-दिवसीय युवा सोशलिस्ट सम्मेलन का आयोजन

समाजवादी आंदोलन के 90 साल पूरा होने के ऐतिहासिक मौके पर युवा सोशलिस्ट पहल के तत्वावधान में  दिल्ली में 31 अक्तूबर (आचार्य नरेंद्रदेव जयंती दिवस) से 1 नवंबर 2025 को दिल्ली में दो दिन के युवा सोशलिस्ट सम्मेलन का आयोजन किया गया है। सम्मेलन राजेंद्र भवन (गांधी शांति प्रतिष्ठान के सामने), दीनदयाल उपाध्याय मार्ग नई दिल्ली) में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।

आरएसएस ने भारत की आजादी में हिस्सा लेते हुए कौन सी कुर्बानियाँ दीं

आरएसएस के सौ वर्ष पूरे होने पर मोदी ने अपने भाषण में कहा कि देश की आजादी के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियां दीं और चिमूर जैसे कई स्थानों पर ब्रिटिश शासन का विरोध भी किया। उनके अनुसार राष्ट्र निर्माण में संघ का जबरदस्त योगदान है। लेकिन संघ का राष्ट्रवाद ‘अलग‘ था यह तब स्पष्ट हुआ जब पंडित नेहरू ने 26 जनवरी, 1930 को तिरंगा फहराने का आव्हान किया। हेडगेवार ने भी झंडा फहराने का आव्हान किया, किंतु भगवा झंडा फहराने का। हेडगेवार नमक सत्याग्रह में शामिल हुए थे क्योंकि उन्हें लगा कि यह जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों को अपने संगठन की ओर आकर्षित करने का एक अच्छा अवसर है। इसलिए उन्होंने सरसंघचालक के पद से इस्तीफा दिया, जेल गए और जेल से रिहा होने के बाद दुबारा वही पद ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के प्रति हतोत्साहित किया। एक संगठन के रूप में आरएसएस ने किसी भी ब्रिटिश विरोधी आंदोलन में भाग नहीं लिया।

राजस्थान : माहवारी के लिए सुविधा की सरकारी योजनाओं से वंचित हैं लड़कियां

माहवारी से जुड़ी चुनौतियाँ केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं हैं बल्कि यह सीधे शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समानता से जुड़ा मुद्दा है। जब लड़कियाँ पैड की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर होती हैं, तो यह केवल उनका नुकसान नहीं बल्कि पूरे समाज का नुकसान है। सरकार और समाज यदि मिलकर सुनिश्चित करें कि हर गाँव में पैड और स्वच्छता सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों, तो लाखों लड़कियों का जीवन आसान हो सकता है

‘अडानी भगाओ छत्तीसगढ़ बचाओ’ के नारे के साथ संयुक्त किसान मोर्चा ने मनाया कॉर्पोरेट विरोधी दिवस

किसान मोर्चा के नेताओं नेअपने विरोध प्रदर्शन में कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार को अपनी कॉर्पोरेटपरस्त नीतियों के विरोध में आम जनता और किसान समुदाय का तीखा विरोध झेलना पड़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने भाजपा की मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरे प्रदेश में किसानों और आदिवासियों को लामबंद करने की योजना बनाते हुए आज कॉर्पोरेट विरोधी दिवस मनाया गया।

किसानों और मजदूरों ने अंडिका बाग से निकाला जुलूस

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे अंडिका बाग में किसानों-मजदूरों के धरने ने पूरे किए एक महीने अंडिका बाग, आजमगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे के...

अंडिका बाग का धरना बीस अप्रैल को पूरा करेगा एक महीना

धरने के एक महीने पूरे होने पर अंडिका बाग से निकलेगा जुलूस अंडीका बाग (आजमगढ़)। जमीन न देने वाली शर्त के साथ चल रहे अंडिका...

जरूरी मुद्दों पर प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

आज के दौर में पढ़ाई, दवाई और कमाई पर जरूरी है चर्चा : वल्लभाचार्य पाण्डेय वाराणसी। आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य,...

महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है कस्तूरबा का संघर्ष

कस्तूरबा गांधी 'बा' की जयंती पर दख़ल के सदस्यों ने किया स्त्री विमर्श वाराणसी। कस्तूरबा गांधी 'बा' के जयंती पर गाँधी घाट (सुबह-ए बनारस-मंच अस्सी...

खिरिया बाग के किसानों ने आजमगढ़ प्रशासन के खिलाफ उठाया सवाल

मुख्यमंत्री, राज्यपाल, नागरिक उड्डयन मंत्री, मंडलायुक्त आजमगढ़, जिलाधिकारी आजमगढ़ को भेजा पत्र खिरिया बाग, आजमगढ़। खिरिया बाग के किसानों और मजदूरों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, नागरिक...

पाठ्यक्रमों में साम्प्रदायिक दृष्टिकोण से बदलाव अनुचित

बनारस के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को भेजा पत्रकनालंदा में मदरसा अग्निकांड में संलिप्त गुंडों के तत्काल गिरफ्तारी की मांगवाराणसी। इतिहास और साहित्य...
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