Wednesday, February 28, 2024
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ग्राम चौपाल में न पहुंचने पर सीडीओ ने 12 नोडल अफ़सरों समेत 35 कर्मियों का रोका वेतन

भदोही। जिले के छह ब्लॉक के 12 गांवों में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगाये गये साप्ताहिक कार्यक्रम ग्राम चौपाल में न पहुंचने पर पर नाराज़ सीडीओ ने 12 नोडल अफ़सरों समेत 35 से अधिक कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। नामित नोडल अफ़सरों और पुलिसकर्मियों की पोल-पट्टी तब खुल गयी, जब ग्रामीणों […]

भदोही। जिले के छह ब्लॉक के 12 गांवों में ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए लगाये गये साप्ताहिक कार्यक्रम ग्राम चौपाल में न पहुंचने पर पर नाराज़ सीडीओ ने 12 नोडल अफ़सरों समेत 35 से अधिक कर्मचारियों का वेतन रोक दिया है। नामित नोडल अफ़सरों और पुलिसकर्मियों की पोल-पट्टी तब खुल गयी, जब ग्रामीणों ने डीएम गौरांग राठी को फोन करके शिक़ायत कर दी।

दरअसल, भदोही जिले में प्रशासन आपके द्वार भावना के साथ एक अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले के सभी छह विकास खण्डों में ‘ग्राम चौपाल’ लगाकर गांव की समस्याओं का गांव में ही समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन पुलिस अफ़सरों और अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता एवं अकर्मण्यता के चलते ‘ग्राम चौपाल’ कार्यक्रम एक कागज़ी ख़ानापूर्ति भर ही बनकर रह गई है। इससे नाराज़ होकर सीडीओ ने यह क़दम उठाया है।

दरअसल, ग्रामीण जनता की समस्याओं का उनके गांव में ही निस्तारण हो जाए, इसके लिए शासन के निर्देश पर हर शुक्रवार ब्लॉक के दो-दो गांवों में ग्राम चौपाल का आयोजन किया जाता है। इसके लिए जिलाधिकारी के दिशा-निर्देश पर हर सप्ताह पुलिस अधिकारियों को नोडल बनाया जाता है। इसी क्रम में बीते शुक्रवार को सुरियांवा ब्लॉक के डुंहिया और एकौनी गांव में, अभोली ब्लॉक के दशवत पुर और भंडा गांव में, ज्ञानपुर ब्लॉक के जोरई और चकसुंदर गाँव में, औराई ब्लॉक के हमीदपट्टी और रामापुर गाँव में, डीघ ब्लॉक के बारीपुर और किशुनदेवपुर गांव में और भदोही के दत्तीपुर और मदनपुर गांव में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। ग्राम चौपाल कार्यक्रम में ग्रामीण तो जुट गये, लेकिन पुलिस और अन्य विभागों के नामित अधिकारी और बीडीओ नहीं पहुँचे। जब इंतज़ार की हद हो गयी तो किसी ग्रामीण ने जिलाधिकारी गौरांग राठी को फोन करके शिक़ायत कर दी कि इतनी भयंकर गर्मी में लोगबाग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर घंटों से ग्राम चौपाल में बैठे हैं लेकिन पुलिस के लोग नहीं पहुंचे।

चौपाल के दौरान मौजूद लोग

शिक़ायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी यशवंत कुमार सिंह ने सभी ब्लॉकों के नोडल अधिकारियों को फोन किया तो पता चला कि कोई भी अफ़सर-कर्मचारी एक भी ग्राम चौपाल में पहुंचा ही नहीं। नाराज़ होकर सीडीओ ने सभी 12 नोडल अफ़सरों समेत पूर्ति, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के 35 से अधिक कर्मचारियों का वेतन रोक दिया। सीडीओ य़शवंत कुमार सिंह ने माना कि प्रशासन के स्तर पर यह गंभीर लापरवाही है। अगर किसी बैठक या अन्य ज़रूरी कार्यों के कारण नामित अधिकारी ग्राम चौपालों में नहीं पहुँच पा रहे हैं तो ऐसी स्थिति परिस्थिति में उन्हें अपना प्रतिनिधि भेजना चाहिए था।

गौरतलब है कि ग्रामस्तर पर कई तरह की जन समस्याएं होती हैं जो कई अन्य विभागों से जुड़ी हुई होती हैं, इसीलिए ग्राम चौपाल में पुलिस महकमे के अलावा स्वास्थ्य, पूर्ति और राजस्व समेत अन्य विभागों के कर्मचारियों को पहुंचने का दिशा-निर्देश दिया जाता है लेकिन अधिकतर विभागों के अफ़सर इसे तवज्जों ही नहीं देते हैं। जिसका प्रमाण है कल छह ब्लाकों के 12 गांवों में आयोजित ग्राम चौपालों में से एक में भी नोडल अफ़सर नहीं पहुंचे। जबकि अन्य विभागों के नामित कर्मचारी भी अनुपस्थित रहे। अधिकतर ग्राम चौपालों में बड़े अधिकारियों की जगह सचिव और छोटे कर्मचारी ही पहुंचते हैं। जिसके चलते ग्राम चौपाल लगाने का उद्देश्य ‘प्रशासन आपके द्वार’ और ‘गांव की समस्याएं, गांव में समाधान’ पूरा नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते बेहद छोटे-छोटे मामलों को लेकर भी ग्रामीणों को पुलिस महकमे समेत अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे उनको आर्थिक, मानसिक, शारीरिक और समय की हानि होती है।

वहीं, ज्ञानपुर ब्लॉक के एडीओ पंचायत को ग्राम प्रधानों से गाली-गलौज करने के आरोप में स्थानांतरण कर दिया गया है। उन्हें अब ब्लॉक क्षेत्र से हटाकर औराई ब्लॉक में सचिव पद पर भेज दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई सीडीओ यशवंत कुमार सिंह ने किया है। गौरतलब है कि एडीओ पंचायत के ख़िलाफ़ कई गांवों के ग्राम प्रधानों ने शिक़ायत किया था कि विकास कार्यों से जुड़ी जानकारी मांगने पर वो गाली-गलौज करते हैं और कई बार तो हाथापाई और बदतमीजी तक पर उतर आते हैं।

गाँव के लोग
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