Wednesday, May 22, 2024
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आठवले ने कहा जातिगत जनगणना की मांग से कांग्रेस को नहीं मिलेगा कोई चुनावी फायदा

इंदौर(भाषा)। राजनीति समय सापेक्ष अपना चरित्र बदलती रहती है । पाँच राज्यों के चुनाव को लेकर एक बार फिर जाति और धर्म  के बीच नफरत फैलाने का काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को कहा कि जातिगत जनगणना की मांग का कांग्रेस को कोई चुनावी फायदा […]

इंदौर(भाषा)। राजनीति समय सापेक्ष अपना चरित्र बदलती रहती है । पाँच राज्यों के चुनाव को लेकर एक बार फिर जाति और धर्म  के बीच नफरत फैलाने का काम शुरू हो चुका है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने रविवार को कहा कि जातिगत जनगणना की मांग का कांग्रेस को कोई चुनावी फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि जनता जानती है कि इस पार्टी ने देश की सत्ता में रहने पर जातियों के आधार पर नागरिकों की गिनती कभी नहीं कराई थी। केंद्रीय मंत्री ने यह बात ऐसे वक्त कही, जब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा इन दिनों मध्य प्रदेश की चुनावी रैलियों में जातिगत जनगणना की मांग का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। राज्य की 230 विधानसभा सीटों पर 17 नवंबर को चुनाव होने हैं।

आठवले ने इंदौर में पीटीआई-भाषा से कहा, ‘जब कांग्रेस देश की सत्ता में थी, तब उसकी सरकारों ने जातिगत जनगणना कभी नहीं कराई, लेकिन अब राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी बार-बार जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि इस मांग का कांग्रेस को चुनावों में कोई भी फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि लोगों को पता है कि यह पार्टी जब सत्ता में थी, तब उसने खुद जातिगत जनगणना नहीं कराई। आठवले ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 17 में जातिवाद के उन्मूलन का प्रावधान है, इसलिए सरकार के सामने तकनीकी दिक्कत है कि वह जाति आधारित जनगणना कैसे कराए?

उन्होंने कहा कि इस विषय में तमाम तकनीकी पहलुओं पर बाद में विचार किया जा सकता है, लेकिन मौजूदा हकीकत यही है कि पिछली सरकारों ने देश में जातिगत जनगणना कभी नहीं कराई थी।

दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि सनातन धर्म पर हमला करने वालों को सबक सिखाया जाना चाहिए। ठाणे जिले के भिवंडी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उदयनिधि स्टालिन जैसे द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) नेता सनातन धर्म का उन्मूलन करने की बात कर रहे हैं। बावनकुले ने सवाल किया कि क्या उद्धव ठाकरे और शरद पवार जैसे उनके सहयोगी भी इस तरह के आपत्तिजनक बयानों से सहमत हैं। 

द्रमुक, ठाकरे नीत शिवसेना (यूबीटी) और पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 28 दलीय विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का हिस्सा हैं। बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस ने झूठा दावा किया है कि मुस्लिम उस वक्त संकट में आ गए जब भाजपा सत्ता में आई। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर समुदाय को फायदा हुआ है। भिवंडी, अपने पावरलूम (बिजली से चलने वाले करघे) क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध है। वहां मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी है।

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