मनुवादी व्यवस्था में शूद्रों पर जन्म से लगे कलंक को छिपाना नहीं मिटाना है- शूद्र शिवशंकर सिंह यादव

गाँव के लोग डॉट कॉम की टीम

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शूद्र शिवशंकर सिंह यादव का नाम ही ब्राह्मणवादी व्यवस्था में अपनी जाति पर गर्व करने वालों को असहमत होने और गाली देने के लिए काफी है लेकिन शिवशंकर इसकी परवाह नहीं करते। वे कहते हैं कि मैंने अपने नाम के साथ शूद्र लगाकर उन लोगों का दर्द महसूस करने और सबसे निचले पायदान पर रहते आए लोगों की पीड़ा समझने का प्रयास किया है और मैं कह सकता हूँ कि जो लोग मेरे अभियान की निंदा करते और मुझे गाली देते हैं वे बेशक शूद्रों से नफरत करते हैं। वे उन्हें इंसान नहीं समझते बल्कि उनकी भाषा में शूद्रों के लिए वही शब्दावली और व्यवहार है जो ब्राह्मणों की भाषा में है। मैं स्पष्ट रूप से ऐसे लोगों को ब्राह्मणवाद का लठैत कह सकता हूँ जो ब्राह्मणों की रक्षा के लिए अपने लोगों को भी पीट सकते हैं । उनकी आवाज छीन सकते हैं। एमटीएनएल में पूर्व मण्डल अभियंता शिवशंकर बेचैन होकर तमाम यात्राएं करते हैं और लोगों से संवाद करते हैं। अपर्णा से बातचीत में उन्होंने अपनी जीवन यात्रा और उद्देश्यों को विस्तार से साझा किया है।
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