Sunday, June 23, 2024
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बढ़ती हुई मंहगाई के कारण सरकार के खिलाफ जनता का विरोध-प्रदर्शन

वाराणसी के शास्त्री घाट, कचहरी पर भी पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य-पदार्थों, दवाई, फलों सहित कई चीजें की दामों हो रही बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और उत्तर प्रदेश किसान सभा वाराणसी के बैनर तले विरोध-प्रदर्शन व सभा का आयोजन किया गया था। यहां पर भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। शास्त्री घाट पर हुए सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश दिखाते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार जनता को मंहगाई से राहत दिलाने की बजाय केवल रोज-रोज नयी-नयी योजनाओं की शुरुआत कर सब्जबाग दिखाने में लगी है। हम सब इसका जवाब भविष्य के चुनावों में देंगे।

वाराणसी के शास्त्री घाट, कचहरी पर भी वाम संगठनों ने सत्ता के खिलाफ जताया विरोध। जनता को मंहगाई से राहत दिलाने की जगह सब्जबाग दिखाने में लगी है सरकार। 

केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी सरकार ने बेहताशा मंहगाई बढ़ा कर किसानों-मजदूरों के साथ-साथ मध्यम वर्ग को तबाह कर दी है। यह मंहगाई सरकार द्वारा कोर्पोरेट घरानों के हित में लगातार कानून बनाने का परिणाम हैं। उपर्युक्त बातें चंदौली के चकिया में हुए ‘वाम लोकतांत्रिक संगठनों’ के संयुक्त आह्वान पर प्रदर्शन व सभा में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा।

सभा शुरू होने के पूर्व वामपंथी दलों ने काली जी पोखरें से जूलुस निकाला, जो तहसील में जाकर सभा में तब्दील हो गया। तहसील के गांधी पार्क में वाम लोकतांत्रिक संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन व सभा किया।

गांधी पार्क में हुई सभा में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह किसानों विरोधी सरकार खाद की हर सहकारी समितियों पर प्रचुर मात्रा में न तो व्यवस्था कर रही है और न ही कालाबाजारियों पर रोक लगा रही है। इसलिए रबी की फसलों की बुवाई के समय यह यह संकट आया है। लगभग यही स्थिति खरीफ की फसलों की बुवाई के वक्त भी रहती है। देश और प्रदेश में खाद्य पदार्थों, दवाई, फलों, साग-सब्जियों सहित तमाम जरूरी चीजों की कीमतों की बेहताशा वृद्धि ने जनता की कमर को तोड़ दिया है। मंहगाई पर रोक लगाने में सरकारें विफल हैं। मंहगाई पर रोक लगाकर सरकारें जनता को राहत नहीं देना चाहती हैं। इससे आप सरकार की नीतियों और नीयत को समझ सकते हैं।

विरोध करते किसान

वक्ताओं ने सभा में बोलते हुए यह भी मांग किया कि पेट्रोल, डीजल रसोई गैस पर से वैट को हटाया जाए, जिससे जनता को ये सब सस्ती दरों पर मिल सकें। पिछले साल केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ लाये गये तीनों काले कानून को खत्म करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का कानून, और किसानों की फसलों की शतप्रतिशत खरीद की गारंटी का भी कानून बनाने की मांग किया।

वक्ताओं ने राजनैतिक उद्देश्य से सरकार द्वारा त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को रोक लगाने की मांग भी उठायी! वाम संगठन के सदस्यों ने राष्टपति के नाम का ज्ञापन स्थानीय अधिकारी को देकर सरकार के द्वारा उपर्युक्त समस्याओं के हल निकालने की मांग किया। सभा में माकपा के नेता परमानन्द कुशवाहा, माले के जिला सचिव अनिल पासवान, आईपीएफ के जिला प्रभारी अजय राय, भाकपा के शिवमूरत राम सहित लालचंद यादव, भृगुनाथ विश्वकर्मा, रामायन राम, नंदलाल राम, रमेश चौहान सहित कई लोग अपनी बातें रखीं। सभा की अध्यक्षता भाकपा के जिला सचिव शुकदेव मिश्रा और संचालन माकपा के तहसील मंत्री शम्भुनाथ यादव ने किया!

 

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