TAG
Gaon Ke Log
आम और आदमी या आम आदमी या फिर कोई और? (11 जुलाई, 2021 की डायरी)
दो शब्द हैं - आम आदमी। दोनों शब्दों के बीच कोई मेल नहीं। मतलब यह कि आम एक फल है और आदमी आदमी। लेकिन...
सामान्य और असामान्य की कौन-सी परिभाषा है आपके पास? (10 जुलाई, 2021 की डायरी )
घटना मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की है। इस घटना को देखने और समझने के कई तरीके हो सकते हैं जो कि सामान्य तौर...
दलित पैंथर और आज के बहुजन लेखकों की भूमिका!
दलित पैंथर ने ईंट का जवाब पत्थर से देने की मानसिकता पैदा कियाआज 9 जुलाई है :‘दलित पैंथर’ का स्थापना दिवस! आज से 49...
भाषा और समाज से गहराई से जुड़े बुद्धिजीवी ही हिन्दुत्ववादियों के निशाने पर हैं
पुरुषोत्तम अग्रवाल अपने कबीर सम्बंधी अध्ययन में जाति प्रश्न को अंग्रेजी शासन की देन बताते हुए इसे औपनिवेशिक ज्ञानकांड तक सीमित कर देते हैं,...
एक मिनट का मौन
एमानुएल ओर्तीज़ (17 मई 1974) मेक्सिको-पुएर्तो रीको मूल के युवा अमरीकी कवि हैं। वह एक कवि-संगठनकर्ता हैं और आदि-अमरीकी बाशिन्दों, विभिन्न प्रवासी समुदायों और...
वेद और लोक का द्वंद्व: तुलसी बनाम कबीर
अपनी आलोचनात्मक पुस्तक ‘कबीर के आलोचक’ के द्वारा डॉ. धर्मवीर ने हिंदी आलोचना की एक नयी ज़मीन तोड़ी थी। अपनी इस पुस्तक में उन्होंने...
पंडित नेहरू और शेख अब्दुल्ला के कारण ही कश्मीर बन सका भारत का हिस्सा
भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समेत कई व्यक्ति व संगठन जवाहरलाल नेहरू को कश्मीर समस्या के लिए जिम्मेदार मानते हैं। परंतु इसके...
इतिहास ने दलितों को जो मौका दिया वे उसका फायदा नहीं उठा पाए…
अपर्णा -
दलित साहित्य में आत्मकथा एक बुनियादी विधा है। अनेक दलित लेखकों ने अपनी आत्मकथाएं लिखी हैं। अधिकांश दलित लेखकों की आत्मकथाएं तो इतनी चर्चित...
लोकतंत्र की पुनर्स्थापना : जनता के सामने विकल्प
आज के भारत की तुलना एक दशक पहले के भारत से करने पर हैरानी होती है। लोकसभा (2014) में भाजपा के बहुमत हासिल करने...
फ़िलिस्तीन और इज़राइल संघर्ष
फ़िलिस्तीन और इज़राइल को समझने और लिखने में जितना समय व उर्जा लेखकों ने लगाया है शायद पूरे मध्यपूर्व को समझने में नहीं लगा...
क्या सार्वजनिक वितरण प्रणाली में नगद हस्तानान्तरण योजना गैरजरूरी है?
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का नाम आने पर अक्सर लोगों के आँखों के सामने एक नकारा, भ्रष्ट तंत्र की तस्वीर उभरती है, जिसकी नुमाइंदगी उचित...
सिनेमा में लोकतत्व की बाजारू नुमाइश
सिनेमा के आगमन से पहले लोगों के मनोरंजन का मुख्य साधन लोककलाएँ थीं। लोककला में नाटक, गीत-संगीत, नृत्य, अभिनय और अन्य प्रदर्शनकारी कलाएं शामिल...
क्या मुसलमान भारत में बहुसंख्यक बनेंगे?
हिन्दू आबादी में कमी और मुस्लिम आबादी में तेजी से बढ़ोत्तरी का हौव्वा एक बार फिर खड़ा किया जा रहा है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार, आबादी में मुसलमानों का प्रतिशत 14.2 और हिन्दुओं का 79.8 था। सामान्य समझ के विपरीत, मुसलमानों द्वारा परिवार नियोजन कार्यक्रमों का लाभ ज्यादा उठाया जा रहा है।
कबीर दास की लाइब्रेरी
(कबीर को याद करने के सबके अपने तरीके हैं । कवि-चिंतक देवेंद्र आर्य ने एक मिथक के बहाने कबीर के ज्ञान संसार की एक...
बुद्ध से साक्षात्कार
बनारस की सुबहयह मार्च महीने के आखिरी दिन की सुबह है और हम वाराणसी के स्टेशन पहुँच गए हैं। वाराणसी में एक बार पहले...
खतरनाक लोगों के साथ पहाड़ में सफर
इधर क्योंकि घूमना-फिरना काफी बढ़ गया है इसलिए बहुत कुछ शेयर करने लायक इकट्ठा हो जाता है। कई जगह से घूम-घाम कर कुछ दिन...
उन्हें अपने से अधिक समाज की चिंता थी
कमलेश यादवडॉक्टर मनराज शास्त्री के न रहने की खबर स्तब्धकारी थी और वह भी कोरोना से । इलाज के लिए वे जौनपुर के...
निजता नीति : नियम और शर्तें
गांवकेलोग डॉट कॉम में आपका स्वागत है। यदि आप (उपयोगकर्ता) gaonkelog.com को ब्राउज़ और उपयोग करना जारी रखते हैं और संचार, सार्वजनिक मंचों, वाणिज्य...

