TAG
Gaon Ke Log
प्रेमचंद के बाद ऐसा कोई कथाकार नहीं हुआ है जिसकी रचनाओं में मुस्लिम समाज का सांस्कृतिक वैभव हो
बातचीत दूसरा हिस्साआप अपने उपन्यासों में खुद उपदेश देने के बजाय पात्रों के जरिए गंभीर बातें कहलाते हैं। मेवात जैसे अलक्षित क्षेत्र की सांस्कृतिक...
क्या रामप्रीत नट ने बनारसी मुसहर की हत्या की थी ?
पिछले वर्ष 24 मई की सुबह उस समय हडकंप मच गया जब गाँववालों ने दो व्यक्तियों को सड़क की दो तरफ गिरा पाया। एक व्यक्ति में थोड़ी-बहुत सांस चल रही थी जबकि दूसरे का सर धड़ से अलग कर दिया गया था और ऑंखें भी फोड़ डाली गयी थीं। पहचान करने पर पता चला कि मृतक व्यक्ति का नाम बनारसी मुसहर था और वह कोइलसवा गाँव के निवासी थे।
बाथे-बथानी-नगरी, एके कहानी सगरी, कोर्ट से भइली निसहाय जी..(18 जुलाई, 2021 की डायरी )
कानून का होना बड़ी बात है। फिर चाहे वह कोई भी देश क्यों न हो। यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं कि मनुष्य यदि सामाजिक...
बाउल गायकी की राजधानी केंदुली की ओर..
बस्ती बस्ती परबत परबतपश्चिम बंगाल का बागडोगरा हवाईअड्डा और इससे सटकर फैला सिलीगुड़ी शहर एक तरह से दार्जीलिंग, असम, सिक्किम और भूटान का सिंहद्वार...
तकनीक और मनुष्य के सम्बन्ध की कहानी है दो बूँद पानी
बहुत शिद्दत से याद किए गए ख्वाजा अहमद अब्बास‘ भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने ख्वाजा अहमद अब्बास को राजस्थान में...
प्रशासनिक अधिकारियों का मनोगत चित्रण करता है सिनेमा
प्रशासनिक अधिकारी भारतीय सार्वजनिक जीवन में अनिवार्य भूमिका निभाते हैं । उनकी अपनी विशेषताएँ , दिक्कतें और सीमाएं होती हैं । मानवीय और प्रशासनिक...
बहुत याद आएंगी मम्मो की बहन फय्याजी
सुप्रसिद्ध अभिनेत्री सुरेखा सीकरी आज चल बसीं । उनकी उम्र 75 साल थी और वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं । उनका...
भारत में कानून बनाना संसद का काम नहीं (16 जुलाई, 2021 की डायरी)
अहा! एक और खूबसूरत दिन बीता। सचमुच खूबसूरत दिन था कल। कल के दिन को खूबसूरत कहने की कई वजहें हैं। इनमें से तीन...
मेयार भाई हरहुआ में रहते थे !
सजाकर दामने-अल्फ़ाज़ में ख़याल के फूल/ मैं दे रहा हूँ ज़माने को बोल-चाल के फूल जैसे बेहतरीन शे'र और ग़ज़लों से दुनिया को नवाज़ने...
नीट में ओबीसी आरक्षण का खत्म और ओबीसी बुद्धिजीवियों का फेसबुकीय अरण्यरोदन !
आज ओबीसी की क्या स्थिति है ? प्रायः लोग उसे अल्लाह मियां की बकरी समझते हैं लेकिन वास्तविकता कुछ और है । ओबीसी का...
न्याय और नैतिकता के हिमायती संत स्टेन स्वामी
गत 5 जुलाई 2021 को भारतीय मानवाधिकार आंदोलन ने अपना एक प्रतिबद्ध, सिद्धांतवादी और अथक योद्धा खो दिया।फॉदर स्टेनीलॉस लोरडूस्वामी, जो स्टेन स्वामी...
नेपाल,भारत और मेरा पुत्र जगलाल दुर्गापति (15 जुलाई, 2021 की डायरी )
बात वर्ष 2015 की है। देश के प्रसिद्ध समाजवादी विचारक सच्चिदानंद सिन्हा से साक्षात्कार का अवसर मिला था। साक्षात्कार के दौरान भारत में लोकतंत्र...
आखिर कब मिलेगा बनारसी मुसहर को न्याय?
जैसे जैसे मुसहर समाज अपने अधिकारों के लिए सजग हो रहा है वैसे वैसे जातिवादी ताकतें भी उनके आत्म सम्मान को षड्यंत्रपूर्वक तोड़ने का प्रयास कर रही हैं । इसलिए यह आवश्यक है कि प्रशासन और सरकार इस बात को गंभीरता से ले ताकि समाज के इस सबसे दबे-कुचले समुदाय को न्याय मिले और वह भी राष्ट्र की मुख्यधारा में आकर अपना योगदान कर सके।
हमारा दुख है पानी की बोतल उनका संघर्ष पहाड़ सरीखा
डॉ. गुलाबचन्द यादव (जन्म 1 जनवरी 1965) जाने-माने हिन्दी गद्यकार हैं जिनके यात्रा वृत्तान्त आज के ग्रामीण मन-मिजाज की बहुत संवेदनशील आईनादारी करते हैं।...
माहवारी, पैड और मैं (13 जुलाई, 2021 की डायरी)
महिलाओं का जीवन पुरुषों के जीवन से बिल्कुल अलग होता है। यह इसके बावजूद कि दोनों इंसान हैं और दोनों के पास लगभग समान...
स्कूली शिक्षा की बदहाली और प्राइवेट स्कूल
रिपोर्ट बताती है कि चमक-दमक दिखाकर मुनाफा कूटने का माध्यम भर हैं निजी स्कूल और विद्यार्थी औसत ज्ञान में भी पीछे हैंभारत में...
शिवकुमारी और मेरी पत्नी ने शिवमूर्ति को शिवमूर्ति बनने में मदद की
दूसरी किस्त अच्छा दादा अब दूसरा सवाल - लोग कहते हैं कि एक सफल आदमी के पीछे...
गांधीवादी अमरनाथ भाई के गांव में लगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में आक्सीजन की किल्लत एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई थी. जिससे लोग काफी असहाय महसूस कर...
दिलीप साहब में बड़ा क्रिकेटर बनने की भी सम्भावना थी!
दिलीप साहब को दुनिया छोड़ने के बाद उनके कद्रदानों ने तरह से याद किया. बतौर अभिनेता उनकी खूबियाँ तो हर किसी ने बताई ;...
क्या कविता का मतलब बाल की खाल निकालना है ?
सिर्फ प्रतिभा नहीं, कविता एक क्राफ्ट भी है जिसका ताल्लुक सीखने और अभ्यास से है और जिसके सहारे ही कविता आस्वाद से जुड़ती है।...

